Why Donald Trump Paused Strikes On Iran: 23 जुलाई को ईरान के खिलाफ लगातार 13वीं रात सैन्य हमले करने से कुछ घंटे पहले, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि इससे भी ज्यादा कड़ा जवाब दिया जा सकता है. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि ईरान को अभी 'काफी नुकसान नहीं पहुंचा है' और ऐलान किया, 'मैं एक बड़े हमले पर विचार कर रहा हूं. पहले से कहीं ज्यादा बड़ा. मैं फैसला लेने के करीब हूं. हम इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं.'

ट्रंप ने रोका हमले का प्लान

हालांकि अमेरिकी सेना ने उन जगहों को निशाना बनाते हुए हमलों का एक और दौर चलाया जिन्हें वाशिंगटन ने ईरानी सैन्य ठिकाने बताया था, लेकिन अगले ही दिन ट्रंप प्रशासन ने अचानक अपना रुख बदल लिया. पेंटागन की तरफ नए मिलिट्री ऑप्शंस तैयार करने के बावजूद, ट्रंप ने 14वीं रात के हमलों का प्लान रोक दिया.

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इस शख्स की सलाह पर बदला फैसला

'एक्सियोस' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस बदलाव के पीछे एक बड़ा कारण अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर का आकलन था. खबरों के मुताबिक, कूपर ने सलाह दी कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास बमबारी ने अपने ज्यादातर मकसद हासिल कर लिए हैं और आगे हवाई हमलों से सीमित सैन्य फायदा ही होगा.

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इरादा बदलने के पीछे का तर्क

रिपोर्ट में कहा गया है कि कूपर ने सीनियर अधिकारियों को बताया कि 2 हफ्ते के कैंपेन ने इस इलाके में जहाजों के लिए खतरा पैदा करने की ईरान की क्षमता को काफी कमजोर कर दिया है. उन्होंने ये भी बताया कि प्लांड मिलिट्री टारगेट में से ज्यादातर पर पहले ही हमला किया जा चुका है. हालांकि तकरीबन 20 फीसदी पहचाने गए टारगेट्स अभी भी बाकी थे, लेकिन उन्होंने सुझाव दिया कि उन पर हमला करने के लिए मौजूदा कैंपेन को जारी रखने के बजाय बड़े पैमाने पर युद्ध अभियानों की ओर लौटना होगा.

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ये कारण भी था अहम

ये सिफारिश उन कई फैक्टर्स में से एक थी जिन्होंने सैन्य कार्रवाई को रोकने के ट्रंप के फैसले को इंफ्लूएंस किया. रिपोर्ट्स से ये भी पता चला है कि ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने प्रशासन को चेतावनी दी थी कि वायु रक्षा इंटरसेप्टर मिसाइलों की स्पलाई कम हो रही है, जिससे अमेरिकी सेना और रीजनल पार्टनर्स की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है.

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज कैसे खुलेगा?

इस बीच सैन्य कार्रवाई रोकने के साथ-साथ राजनयिक कोशिशें भी जारी हैं. ईरान और ओमान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित तरीके से फिर से खोलने से जुड़े इंतेजाम पर चर्चा कर रहे हैं, जबकि अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि तेहरान के साथ बातचीत जारी है. अमेरिका और ब्रिटेन समुद्री मार्गों को सुरक्षित करने और नौसैनिक बारूदी सुरंगों को हटाने के मकसद से एक इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस आयोजित करने पर भी विचार कर रहे हैं. फिलहाल, दोनों पक्ष एक टेंशनभरे ठहराव की हालत में दिख रहे हैं, हालांकि इस बात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है कि क्या कूटनीति कामयाब होगी या आने वाले हफ्तों में सैन्य अभियान फिर से शुरू होंगे.

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