अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग के 25 दिन बाद अब बमबारी और हमलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सीजफायर और शांति वार्ता की दिशा में बड़े कदम उठा रहे हैं. ट्रंप खुद कह चुके हैं कि उनके दूतों ने ईरान के एक 'टॉप व्यक्ति' के साथ बहुत अच्छी बातचीत की है, जिसमें कई मुद्दों पर सहमति बनी है. ट्रंप की इस डिप्लोमेसी की कमान संभाल रहे हैं तीन अहम चेहरे स्टीव विटकॉफ, जेरेड कुशनर और ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गलीबाफ. जानें कौन हैं ये तीनों चेहरे?

स्टीव विटकॉफ कौन हैं?

स्टीव विटकॉफ न्यूयॉर्क के प्रसिद्ध रियल एस्टेट डेवलपर, इन्वेस्टर और विटकॉफ ग्रुप के फाउंडर हैं. ट्रंप के चार दशक पुराने करीबी दोस्त, वो गोल्फ पार्टनर भी हैं. ट्रंप ने उन्हें विशेष दूत नियुक्त किया है. हालांकि विटकॉफ का कोई औपचारिक कूटनीतिक अनुभव नहीं है, लेकिन ट्रंप उन पर पूरा भरोसा करते हैं. पहले गाजा सीजफायर और यूक्रेन-रूस मुद्दे पर भी उन्होंने ट्रंप की मदद की थी. अब ईरान के साथ शांति वार्ता में वो अमेरिकी पक्ष की अगुवाई कर रहे हैं.

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जेरेड कुशनर कौन हैं?

जेरेड कुशनर डोनाल्ड ट्रंप के दामाद और इवांका ट्रंप के पति हैं. ट्रंप के पिछले कार्यकाल में वो सीनियर एडवाइजर रह चुके हैं और इजरायल-हमास जैसे संवेदनशील मुद्दों पर काम कर चुके हैं. अब फिर कुशनर पर्दे के पीछे ट्रंप की डिप्लोमेसी को मजबूत बना रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वो और विटकॉफ मिलकर इजरायल के हितों को ध्यान में रखते हुए ईरान से बातचीत आगे बढ़ा रहे हैं.

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मोहम्मद बगेर गलीबाफ कौन हैं?

ईरान की मजबूत आवाज माने जाने वाले मोहम्मद बगेर गलीबाफ ईरानी संसद (मजलिस) के स्पीकर हैं. वो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के पूर्व कमांडर, तेहरान के पूर्व मेयर और बेहद प्रभावशाली नेता माने जाते हैं. सुप्रीम लीडर से उनके करीबी रिश्ते को देखते हुए वो ईरान की तरफ से किसी भी समझौते में अहम भूमिका निभा सकते हैं. कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि विटकॉफ और कुशनर उनसे संपर्क में हैं, हालांकि गलीबाफ ने खुद इन बातचीत से इनकार किया है.

क्या हो रही है बातचीत?

खबरों के अनुसार, पाकिस्तान के इस्लामाबाद में एक बैठक की तैयारी चल रही है, जिसमें गलीबाफ ईरान का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं, जबकि अमेरिकी पक्ष में विटकॉफ, कुशनर और संभवतः वाइस प्रेसिडेंट JD वेंस शामिल हो सकते हैं. ट्रंप ने दावा किया है कि बातचीत में 'लगभग सभी पॉइंट्स' पर सहमति बन रही है और कुछ दिनों में डील हो सकती है. ईरान ने सार्वजनिक रूप से इनकार किया है, लेकिन इजरायली सूत्रों ने पुष्टि की है कि संपर्क चल रहे हैं. ट्रंप की ये कोशिश न सिर्फ US-ईरान-इजरायल तनाव को कम करने, बल्कि हॉर्मुज स्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण इलाकों में स्थिरता लाने और ग्लोबल मार्केट्स को राहत देने की दिशा में है.