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कौन हैं वेनेजुएला की लेडी मैकबेथ कही जाने वालीं सिलिया फ्लोरेस, अमेरिका ने क्यों किया गिरफ्तार?

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोल मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को अमेरिकी डेल्टा फोर्स ने राजधानी कराकस से गिरफ्तार किया है. दोनों पर अब नार्को-आतंकवाद केस में मुकदमा चलेगा. वेनेजुएला की लेडी मैकबेथ कही जाने वाली सिलिया फ्लोरेस का नाम हमेशा से चर्चा में क्यों रहा है, पढ़िए इस रिपोर्ट में.

Credit: Social Media

सिलिया फ्लोरेस, ये वो नाम है जो वेनेजुएला की राजनीति में हमेशा चर्चा में रहा है. वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोल मादुरो की पत्नी सिलिया फ्लोरेस काफी जाना माना चेहरा रही हैं. वो कराकस की सत्ता की मजबूती की अहम कड़ी कही जाती हैं. फ्लोरेस को लेडी मैकबेथ और फर्स्ट कॉम्बैटेंट जैसे नामों से जाना जाता है. फ्लोरेस बतौर वकील और टीवी स्टार काम कर चुकी हैं, वो धीरे-धीरे राजनीति तक जा पहुंची. लेकिन अब अमेरिका ने राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी फ्लोरेस को गिरफ्तार कर लिया है और अब दोनों पर नार्को-आतंकवाद केस में मुकदमा चलेगा.

'लेडी मैकबेथ' की क्यों मिली उपाधि?

सिलिया फ्लोरेस और निकोलस मादुरो 1990 के दशक में मिले और जुलाई 2013 में दोनों की शादी हुई. उसी वक्त चावेज की मौत हो गई और निकोलस मादुरो वेनेजुएला के राष्ट्रपति बने. मादुरो ने हमेशा से फ्लोरेस को अपना सबसे करीबी सलाहकार बताया है, इसी वजह से उन्हें फर्स्ट कॉम्बैटेंट कहा जाता है. सिलिया फ्लोरेस ने वेनेजुएला के लिए ऐसे राजनीतिक फैसले लिए हैं, जिनका काफी बड़ा असर पड़ा. उनकी तुलना लेडी मैकबेथ से की जाती है, जो शेक्सपियर की कहानियों का अहम किरदार रहा है. लेकिन फिर अचानक सब बदल गया और सिलिया फ्लोरेस और उनके पति को गिरफ्तार कर लिया गया. शनिवार सुबह अमेरिकी डेल्टा फोर्स ने वेनेजुएला की राजधानी कराकस से दोनों को पकड़ा. गिरफ्तारी के कुछ ही वक्त बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बारे में जानकारी दी. जानकारी के मुताबिक न्यूयॉर्क में दोनों पर क्रिमिनल धाराएं लगी हैं और अब उनपर मुकदमे चलेंगे.

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राजनीति में कैसे हुए फ्लोरेस की एंट्री?

एक साधारण परिवार में जन्मी सिलिया फ्लोरेस बचपन से ही बेबाक रही हैं. लॉ की पढ़ाई के बाद 1992 में पहली बार वो चर्चा में आई. फ्लोरेस ने पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज के तख्तापलट के वक्त उनका बचाव किया. फ्लोरेस ने बतौर वकील उनकी रिहाई करवाई. यही वजह थी कि वो समाजवादी आंदोलन के केंद्र में आ गईं. वकील के साथ-साथ फ्लोरेस टीवी इंडस्ट्री में जाना माना नाम रही हैं. वो एक टीवी शो की होस्ट थी, जिसमें सरकारी कल्याण योजनाओं का फायदा उठाने वालों को दिखाया जाता था. साल 1999 में पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज की सत्ता में फिर से एंट्री हुई, जिसके बाद फ्लोरेस का राजनीतिक सफर आगे बढ़ा. वो 2000 से 2012 तक नेशनस असेंबल मेंबर रहीं. 2006 में फ्लोरेस वेनेजुएला की संसद की पहली महिला अध्यक्ष बनीं और 2011 तक ये कुर्सी संभाली. फिर उन्होंने 2012-2013 तक बतौर अटॉर्नी जनरल काम किया. 2017 में हालात बदले और राजनीतिक संकट की वजह से वो नेशनल असेंबली छोड़कर विवादित संविधान सभा का हिस्सा बन गईं.

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क्या हैं आरोप?

फ्लोरेस पर कई बार नेपोटिज्म के आरोप लगे. जानकारी के मुताबिक रिपोर्ट में ये कहा गया कि उनके 16 रिश्तेदारों को संसद में जगह मिली. हालांकि फ्लोरेस हमेशा से इन आरोपों को नकारती रहीं हैं. सिर्फ इतना ही नहीं, मादुरो के परिवार के हाईफाई लाइफ स्टाइल पर भी कई बातें होती रही हैं. 2015 में उनके भतीजों एफ्रेन एंटोनियो कैम्पो फ्लोरेस और फ्रांसिस्को फ्लोरेस डी फ्रेटास को अमेरिका की DEA ने हैती में गिरफ्तार किया. उन पर आरोप था कि वो 800 किलो कोकीन की अमेरिका में तस्करी करने की कोशिश कर रहे थे. 2016 में दोनों को 18 साल की सजा सुनाई गई. बाद में 2022 में कैदी अदला-बदली के तहत उन्हें रिहा किया गया. अमेरिका ने 2016 में न्यूयॉर्क में सिलिया फ्लोरेस और मादुरो पर नार्को-आतंकवाद के आरोप तय किए. दोनों ने इन आरोपों को साजिश बताया. 2018 में अमेरिका ने फ्लोरेस पर बैन लगाए, जिसके बाद कनाडा, पनामा और कोलंबिया ने भी ऐसा करना ठीक समझा.


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