पाकिस्तान के मुरिदके में लश्कर ए तैयबा के हाई सिक्योरिटी मुख्यालय 'मरकज तैयबा' में ईद की नमाज के तुरंत बाद संगठन के वरिष्ठ कमांडर बिलाल आरिफ सलाफी को मौत के घाट उतार दिया गया. जिस तरह धुरंधर फिल्म में हमजा के किरदार में दिखे रणवीर सिंह 'रहमान डकैत' का अंत उसी के सबसे सुरक्षित इलाके 'ल्यारी' में घुसकर करते हैं, उसी तरह बिलाल को लश्कर के सबसे अभेद्य किले 'मुरीदके HQ' के अंदर घुसकर मारा गया. बिलाल को पहले गोली मारी गई और फिर चाकू से गोदकर उसकी हत्या की गई. बिलाल की हत्या के बाद पाकिस्तान में छिपे हाफिज सईद जैसे आतंकी आकाओं में हड़कंप है.

कौन था बिलाल आरिफ सलाफी? जो भारत का दुश्मन

बिलाल आरिफ सलाफी लश्कर-ए-तैयबा का एक महत्वपूर्ण कमांडर था. वह संगठन में युवाओं की भर्ती, कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने और ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी संभालता था. खासकर 'कश्मीर जिहाद' के लिए युवाओं को रैडिकल बनाना और उन्हें संगठन से जोड़ना उसकी मुख्य भूमिका थी. मुरिदके के मरकज तैयबा में उसकी मौजूदगी संगठन की मजबूती का प्रतीक मानी जाती थी. वह संगठन की रीढ़ की हड्डी जैसा था, जिसकी वजह से उसकी हत्या को महज एक सामान्य घटना नहीं माना जा रहा.

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कैसे हुई हत्या? सुनियोजित और खतरनाक हमला

शनिवार को ईद की नमाज चल रही थी. नमाज खत्म होते ही हमलावर मरकज तैयबा परिसर में घुसे. उन्होंने पहले बिलाल आरिफ सलाफी पर गोलियां चलाईं, फिर मौत पक्की करने के लिए चाकू से कई वार किए. हमला इतना तेज और सुनियोजित था कि आसपास मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि एक महिला और उसके साथी ने चाकू से हमला किया और फिर फरार हो गए. वीडियो में सलाफी को जमीन पर खून से लथपथ और लोगों में अफरा-तफरी मची दिख रही है, वह अस्पताल पहुंचे लेकिन रास्ते में ही मौत हो गई.

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