शनिवार को अमेरिकी रिपबल्किन सीनेटर लिंडसे ग्राहम का 71 साल की उम्र में निधन हो गया. वो शुरुआत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बड़े आलोचक रहे, लेकिन बाद में लिंडसे ने पाला बदला और अमेरिकी संसद में ट्रंप के सबसे करीबी लोगों में उनकी गिनती होने लगी. पाकिस्तान हमेशा से लिंडसे की आंखों में चुभता था. हाल ही में अमेरिका-ईरान में जारी तनाव के बीच जब पाकिस्तान मध्यस्थता करवाने के लिए आगे आया था, तब लिंडसे को ये बात बिल्कुल अच्छी नहीं लगी थी.
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भारत को क्यों दी धमकी?
सिर्फ पाकिस्तान हीं नहीं, भारत को लेकर भी लिंडसे कई बार ऐसी टिप्पणियां दे चुके हैं, जो काफी विवादास्पद रहीं. रूस से सस्ता तेल और यूरोनियम की खरीद को लेकर 500% तक टैरिफ लगाने वाला एक बिल पेश किया था, इसमें उन्होंने चीन और ब्राजील को शामिल किया. लेकिन जब बात भारत की आई, तो लिंडसे ने कहा कि अगर इंडिया रूस से सस्ता तेल खरीदेगा तो पुतिन को युद्ध बढ़ाने में फाइनेंशियल हेल्प मिलेगी. इसपर लिंडसे ने कहा कि अगर भारत ऐसा करता है तो वो उसे और इकॉनोमी दोनों को बर्बाद कर देंगे. उन्होंने साल 2025 में सोशल मीडिया के ज़रिए भारत और चीन का ज़िक्र करते हुए कहा कि अगर वो पुतिन की युद्ध मशीनरी को यूं ही बढ़ावा देते रहेंगे तो इसका अंजाम बुरा होगा.
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पाकिस्तान के बारे में क्या कहा?
पाकिस्तान के बारे में लिंडसे ने कहा था कि वो उसपर भरोसा नहीं करते. अमेरिका-ईरान की मध्यस्थता के वक्त भी उन्होंने पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा था कि हमले के वक्त पाकिस्तान ईरान के फाइटर जेट्स को अपने अड्डों पर पनाह दे रहा था. वहीं, जब ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर कब्ज़ा करने की बात कही थी, तब भी उन्होंने खुलकर उनका समर्थन किया था. इसके अलावा उन्होंने ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को भी तानाशाह बताया था. लिंडसे ने कहा कि ट्रंप की जगह अगर वो राष्ट्रपति होते तो वो कब का खामेनेई को सत्ता से उखाड़ फेंकते.
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