ब्रह्मोस मिसाइल के जनक और रूस के महान मिसाइल डिजाइनर अलेक्जेंडर लियोनोव अब हमारे बीच नहीं रहे. 5 अप्रैल को 74 साल की उम्र में उनका निधन हो गया जो पूरी दुनिया के रक्षा क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है. लियोनोव रूस की मशहूर कंपनी एनपीओ माशिनोस्ट्रोयेनिया (NPOMASH) के सीईओ और चीफ डिजाइनर थे. यही वह कंपनी है जो भारत के ब्रह्मोस एयरोस्पेस की प्रमुख रूसी साझेदार है. उनकी लीडरशिप में ही भारत और रूस के बीच मिसाइल तकनीक को लेकर रणनीतिक संबंधों की मजबूत बुनियाद रखी गई थी.
आवाज से 9 गुना तेज रफ्तार
लियोनोव को दुनिया की सबसे घातक हाइपरसोनिक मिसाइल ‘जिरकॉन’ को डिजाइन करने के लिए हमेशा याद रखा जाएगा. जिरकॉन एक ऐसी मिसाइल है जो आवाज की गति से लगभग 9 गुना तेज चलती है और रडार की पकड़ में आना इसके लिए लगभग नामुमकिन है. यह मिसाइल 400 से 1500 किलोमीटर तक सटीक निशाना लगा सकती है और इसे जहाजों के साथ-साथ जमीन से भी दागा जा सकता है. इसके अलावा उन्होंने बेस्टियन कोस्टल डिफेंस सिस्टम और रडार सर्विलांस सैटेलाइट जैसी आधुनिक तकनीकें विकसित करने में भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
यह भी पढ़ें: एडवांस्ड न्यूक्लियर रिएक्टर से दुनिया का दूसरी ‘सुपरवार’ बनेगा भारत, कलपक्कम ने रचा इतिहास, भाभा का सपना हुआ पूरा
शून्य से शिखर तक का सफर
26 फरवरी 1952 को जन्मे अलेक्जेंडर लियोनोव ने अपनी पढ़ाई मॉस्को एविएशन इंस्टीट्यूट से पूरी की थी. उन्होंने एक साधारण डिजाइन इंजीनियर के रूप में अपना करियर शुरू किया और अपनी काबिलियत के दम पर कंपनी को बुलंदियों तक पहुंचाया. उनके नेतृत्व में ही अवांगार्ड अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों और ओनिक्स क्रूज मिसाइलों जैसे घातक हथियारों का निर्माण हुआ. रक्षा क्षेत्र में उनके बेमिसाल योगदान को देखते हुए उन्हें ‘हीरो ऑफ लेबर’ जैसे बड़े सम्मान से भी नवाजा गया था. वे केवल एक इंजीनियर नहीं बल्कि एक दूरदर्शी वैज्ञानिक थे.
भारत-रूस दोस्ती का प्रतीक
भारत की गर्व कही जाने वाली ब्रह्मोस मिसाइल के निर्माण में लियोनोव का योगदान सबसे खास रहा है. ब्रह्मोस नाम भारत की ‘ब्रह्मपुत्र’ और रूस की ‘मॉस्कवा’ नदी को जोड़कर बनाया गया है जो दोनों देशों की अटूट दोस्ती का प्रतीक है. लियोनोव की देखरेख में ही ब्रह्मोस का अगला वर्जन यानी ब्रह्मोस एनजी (Next Generation) तैयार किया गया था. उन्होंने ग्रैनिट, वल्कन और बैस्टियन जैसे डिफेंस सिस्टम के जरिए भारत और रूस के सैन्य संबंधों को एक नई ऊंचाई दी. आज ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल मानी जाती है जिसका पूरा श्रेय लियोनोव की इंजीनियरिंग को जाता है.
संबंधित खबरें
भारत में दुबई से भी सस्ता बिक रहा है पेट्रोल-डीजल? आंकड़ों ने किया हैरान
1 hr agoसऊदी अरब ने 14 भारतीयों को ले जा रही नाव पर किया अटैक, हूती का बड़ा दावा
2 hrs agoस्टारशील्ड इंटरनेट में रुकावट, यूक्रेन को 10 लाख डॉलर से ज्यादा का नुकसान
3 hrs agoईरान पर हमले की तैयारी में अमेरिका-इजरायल? तेहरान की नई धमकी
4 hrs agoदम्माम एयरपोर्ट हमले के मृतकों में एक भारतीय, सऊदी में देर रात हुआ था हमला
4 hrs ago'दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में रहता है, जैसे', UN रिपोर्ट पर भारत को आपत्ति
8 hrs agoहोर्मुज स्ट्रेट में कुवैती तेल टैंकर पर भयानक हमला, सवार थे 21 भारतीय
10 hrs agoLIVE: जयपुर एयरपोर्ट पर सर्दियों में रोजाना संचालित होंगी 152 उड़ानें
11 hrs agoमेटा पर लगा 2.36 लाख करोड़ रुपये का भारी जुर्माना, जानिए पूरा मामला
12 hrs agoहूती विद्रोहियों का सऊदी एयरपोर्ट पर फिर अटैक, अमेरिका ने लिया बड़ा फैसला
12 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines