ईरान का सीक्रेट न्यूक्लियर बेस अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टारगेट पर है. ईरान की जाग्रोस माउंटेन रेंज में मौजूद रहस्यमयी अंडरग्राउंड साइट, जिसे कुछ एक्सपर्ट या तो सीक्रेट यूरेनियम स्टोरेज साइट या हथियार बनाने का सीक्रेट बेस मानते हैं. इसे 'पिकएक्स माउंटेन' या 'कुह-ए-कोलांग गज़ ला' के नाम से भी जाना जाता है. ये जाग्रोस माउंटेन रेंज में मौजूद है और ईरान के तबाह हो चुके नतांज परमाणु सेंटर से करीब 2 किलोमीटर दूर है. नतांज परमाणु सेंटर पर अमेरिका ने बंकर-बस्टर बमों से जून 2025 में हमला किया था.

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ट्रंप ने दी धमकी

रॉयटर्स और द वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, पिकएक्स माउंटेन के नीच बने सीक्रेट टनल तक बंकर-बस्टर बमों का पहुंचना लगभग नामुमकिन है. ये हथियार करीब 200 फीट मिट्टी और चट्टान या 20 फीट मज़बूत कंक्रीट तक ही पहुंत सकते हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये सुरंग जमीन के इतनी ज्यादा नीचे है कि वहां तक हथियारों का असर नहीं पड़ेगा. सोमवार को ट्रंप ने ये इशारा दिया है कि पिकएक्स माउंटेन उनका अगला टारगेट हो सकता है. उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि अमेरिका पिकएक्स माउंटेन को तबाह करने जा रहा है, इसलिए ईरान को बता दिया जाए कि वो तैयार रहे. ट्रंप ने आगे कहा कि उनकी नज़र लगातार ईरान पर है, लेकिन पिकएक्स माउंटेन पर उन्हें कोई मूवमेंट नहीं दिख रही. उन्होंने कहा कि ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम की हालत ठीक नहीं है.

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क्या है ईरान का इरादा?

ट्रंप कई बार ये दावा कर चुके हैं कि अमेरिका के हमलों में ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम पूरी तरह तबाह हो गया था. फिर भी अमेरिका की नज़र पिकएक्स माउंटेन पर लगातार बनी हुई है. सितंबर 2025 की वॉशिंगटन की रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसा सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई थीं, जिसमें पता चला था कि पिकएक्स माउंटेन में काम जारी था. इसका मतलब था कि पिछले साल जो इज़रायल और अमेरिका ने ईरान पर हमले किए थे, उसके बावजूद भी ईरान ये सीक्रेट टनल तैयार कर रहा था. जानकारी के मुताबिक, 2020 से इस अंडरग्राउंड साइट पर खुदाई का काम जारी है. शुरुआत में ईरान का कहना था वो यहां एक नई सेंट्रीफ्यूज असेंबली फैसिलिटी तैयार कर रहा है. लेकिन वॉशिंगटन की रिपोर्ट के मुताबिक, ये ईरान का एक सीक्रेट यूरेनियम एनरिचमेंट प्लांट या स्टोरेज साइट हो सकता है.

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