US Centcom Force Explainer: इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमला किया। ताबड़तोड़ बमबारी और गोलाबारी की। दनादन मिसाइलें दागीं और ड्रोन अटैक करके पूरे देश में तबाही मचाई। इजरायल की IDF ने हमला करके घेराव किया और अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन ने मिसाइलें दागकर ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को मौत के घाट उतार दिया। जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने इजरायल समेत 9 देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागीं, जिन्हें अमेरिका की सेंटकॉम फोर्स ने नाकाम किया।
अमेरिका की सेंटकॉम फोर्स क्या है?
अमेरिकी की सेंटकॉम फोर्स का पूरा नाम यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड है। यह फोर्स दुनिया के सबसे संवेदनशील और अशांत इलाके मध्य पूर्व में तैनात है। पेंटागन की 11 कॉम्बैटेंट कमांड्स में से एक सेंटकॉम फोर्स का हेड ऑफिस फ्लोरिडा के टाम्पा में मैकडिल एयर फोर्स बेस में है। एक फॉरवर्ड हेड ऑफिस कतर के अल उदेद एयर बेस में है। थल सेना, वायु सेना, नौसेना और मरीन कॉर्प्स के साथ मिलकर यह फोर्स काम करती है।
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अमेरिका ने सेंटकॉम फोर्स क्यों बनाई?
जनवरी 1983 में बनाई गई सेंटकॉम फोर्स को अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपने हितों की रक्षा के लिए बनाया था। 1979 में रूस ने जब अफगानिस्तान पर हमला किया था, तब अमेरिका को डर हो गया था कि रूस खाड़ी देशों के तेल भंडार पर कब्जा कर लेगा। अमेरिका ऐसा नहीं चाहता था, इसलिए अमेरिका ने खाड़ी देशों के तेल भंडार की सिक्योरिटी के लिए इस फोर्स को बनाया, ताकि रूस के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित न हो।
अमेरिका की सेंटकॉम का काम क्या?
सेंटकॉम फोर्स का काम मध्य पूर्व और मध्य एशिया में शांति बनाए रखना, अल-कायदा, ISIS और अन्य आतंकी संगठनों का मुकाबला करना। होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों को बंद न होने देना। जॉर्डन, इजरायल और सऊदी अरब को सैन्य सहायता प्रदान करना। ईरान की परमाणु गतिविधियों और उसके द्वारा समर्थित आतंकी संगठनों की निगरानी करना। युद्ध या प्राकृतिक आपदा के समय राहत कार्य करना।
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21 देशों में सेंटकॉम फोर्स की तैनाती
बता दें कि अमेरिका की सेंटकॉम फोर्स मध्य पूर्व, मध्य एशिया और दक्षिण एशिया दुनियाभर के 21 देशों मे तैनात है। इसे बहरीन, मिस्र, ईरान, इराक, इजराइल, जॉर्डन, कजाकिस्तान, कुवैत, किर्गिस्तान, लेबनान, ओमान, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, सीरिया, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), उज्बेकिस्तान और यमन में तैनात किया गया है। कतर, बहरीन, कुवैत और UAE में अमेरिकी सेना की बड़ी मौजूदगी रहती है।
ईरान से तनाव में फोर्स की भूमिका
ईरान के साथ जंग में सेंटकॉम फोर्स ने अहम भूमिका निभाई। जंग में यह फोर्स सबसे आगे है और ईरान की मिसाइलों को नाकाम कर रही है। ईरान समर्थित आतंकी गुटों हिजबुल्लाह, हूती और हमास के हमले को नाकाम कर रही है। वहीं ईरान इस फोर्स को आतंकवादी संगठन मानता है, जबकि अमेरिका ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) को आतंकी संगठन घोषित कर चुका है। सेंटकॉम फोर्स सैन्य बल नहीं है, बल्कि यह मध्य पूर्व में अमेरिका की आंख-कान है।
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