जिनपिंग के शाही स्वागत के बाद ट्रंप क्या चाहते हैं? मिलिट्री फ्लाईपास्ट के पीछे US का असली एजेंडा समझें

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अमेरिका पहुंचते ही डोनाल्ड ट्रंप ने प्रोटोकॉल तोड़कर रनवे पर खुद उनका स्वागत किया. घरेलू मोर्चे पर घिरे ट्रंप चीन के साथ तनाव घटाकर व्यापार और तकनीकी मोर्चे पर राहत चाहते हैं. दोनों देशों के बीच व्यापार युद्धविराम और अहम समझौतों पर टिकी हैं दुनिया की निगाहें.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रोटोकॉल किनारे रखकर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का शाही स्वागत किया. CREDIT: PTI(AP Photo)

एक दशक से ज्यादा समय बाद जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का विमान अमेरिका के जॉइंट बेस एंड्रयूज पर उतरा तो खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रनवे पर उनके स्वागत के लिए मौजूद थे. मिलिट्री बैंड ने धुनें बजाईं और आसमान में बी-1 बॉम्बर विमानों ने फ्लाईपास्ट कर सलामी दी. यह स्वागत उन सहयोगी देशों के नेताओं के स्वागत से कहीं अधिक सम्मानजनक था, जिन्होंने ट्रंप के उथल-पुथल भरे दूसरे कार्यकाल के दौरान उनसे मुलाकात की थी. आमतौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति विदेशी मेहमानों का स्वागत व्हाइट हाउस में करते हैं, लेकिन ट्रंप ने प्रोटोकॉल किनारे रखकर जिनपिंग का शाही स्वागत किया.

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यह नजारा मई में ट्रंप के बीजिंग दौरे से एकदम उलट था, जहां उनका कोई खास स्वागत नहीं हुआ था और वे बिना किसी समझौते के लौट आए थे. सवाल यह उठ रहा है कि आखिर शाही खातिरदारी के पीछे ट्रंप चीन से क्या हासिल करना चाहते हैं?

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ट्रंप की मजबूरी या रणनीति?

यह मुलाकात ट्रंप के लिए बेहद नाजुक दौर में हो रही है. ईरान के खिलाफ युद्ध को लेकर वे अपने ही देश में जनता की नाराजगी झेल रहे हैं. सामने मध्यावधि चुनाव हैं, और अमेरिकी जनता में चीन के बढ़ते दबदबे को लेकर बेचैनी है. ऐसे में ट्रंप अपनी मजबूत और सकारात्मक छवि पेश करना चाहते हैं.

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दूसरी तरफ, शी जिनपिंग मजबूत स्थिति में अमेरिका पहुंचे हैं. थिंक टैंक स्टिमसन सेंटर के अनुसार, चीन अब बराबरी की ताकत बन चुका है. पिछले साल जब ट्रंप ने 125% टैरिफ लगाया था तो चीन ने महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई रोककर अमेरिका को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया था.

बैठक के प्रमुख मुद्दे और उम्मीदें

रॉयटर्स के अनुसार, शी जिनपिंग ताइवान पर चीन के दावे का मुद्दा उठा सकते हैं, जिससे अमेरिका बचना चाहेगा. वहीं, ट्रंप कड़े निर्यात नियंत्रण जारी रख सकते हैं. चीन में हिरासत में लिए गए अमेरिकियों की रिहाई भी एक प्रमुख एजेंडा हो सकती है. हालांकि, राहत की बात यह है कि दोनों देश अगले साल की शुरुआत तक व्यापार युद्धविराम बढ़ाने पर सहमत हो चुके हैं. इस बैठक से चुनिंदा क्षेत्रों में टैरिफ कम करने, ड्रग तस्करी रोकने और सैन्य संवाद बढ़ाने पर समझौते संभव हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भी दोनों में तीखी होड़ है, जिस पर आगे बातचीत जारी रखने पर सहमति बन सकती है.

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इस दौरे में दोनों नेता बंद कमरे में बैठक करेंगे और एक भव्य राजकीय रात्रिभोज होगा, जिसमें एप्पल, एनवीडिया और ओपनएआई जैसी दिग्गज कंपनियों के प्रमुख शामिल होंगे. जानकारों का मानना है कि किसी संयुक्त बयान के बजाय दोनों नेता अपने-अपने घरेलू दर्शकों को साधने के लिए अलग-अलग घोषणाएं करेंगे. कुल मिलाकर, दोनों देश गहरे मतभेदों के बीच दुनिया की स्थिरता और अपने-अपने घरेलू दर्शकों को साधने की कोशिश में जुटे हैं.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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