अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता की घोषणा कर दी गई है. मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को इस समझौते पर स्विट्जरलैंड में इस पर साइन होने हैं. दुनिया भर के नेताओं ने अमेरिका-ईरान के बीच हुए इस समझौते का स्वागत किया है. वहीं, पीएम मोदी ने भी इस संघर्ष को खत्म करने के फैसले का स्वागत किया है.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, 'मैं पश्चिम एशिया में संघर्ष को खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति का स्वागत करता हूं. इस संघर्ष के कारण दुनिया भर में गंभीर आर्थिक उथल-पुथल हुई है और कई देशों में जान-माल का नुकसान हुआ है.'

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उन्होंने आगे लिखा, 'भारत को उम्मीद है कि इस सहमति को लागू करने से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने में मदद मिलेगी और आवाजाही व व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित होगी. हम उम्मीद करते हैं कि बाकी मुद्दों पर बातचीत से एक टिकाऊ और अंतिम समझौता हो सकेगा.'

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अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौता

अमेरिका और ईरान ने तीन महीने से ज्यादा समय से चल रहे विवाद को खत्म करने के लिए एक फ्रेमवर्क समझौते की घोषणा की है. दोनों पक्षों ने पुष्टि की है कि शुक्रवार, 19 जून को स्विट्जरलैंड में एक औपचारिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है.

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न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (एपी) की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित डील में मिलिट्री ऑपरेशन खत्म करना, होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना और अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी हटाना शामिल है, जबकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को आगे की बातचीत के लिए छोड़ दिया गया है. मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले पाकिस्तान ने घोषणा की कि दोनों देश इस बात पर सहमत हो गए हैं कि लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई को तुरंत और स्थायी रूप से बंद किया जाए.

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डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपने 'ट्रुथ सोशल' प्लेटफॉर्म पर इस बड़ी कामयाबी की घोषणा करते हुए कहा, 'ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो गया है. सभी को बधाई! मैं इसके जरिए होर्मुज स्ट्रेट को बिना किसी शुल्क के खोलने और साथ ही अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तुरंत हटाने की मंजूरी देता हूं. दुनिया भर के जहाजो, अपने इंजन चालू करो. तेल का प्रवाह शुरू होने दो!"