अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है. वहीं, ईरान ने कहा कि वह युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिका के नये प्रस्तावों की समीक्षा कर रहा है.
अगर वे सहमत नहीं होते तो बमबारी होगी- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी दी है कि अगर हॉर्मुज स्ट्रेट को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए फिर से खोलने से संबंधित कोई समझौता नहीं हुआ तो उस पर बमबारी शुरू हो जाएगी.
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ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि 'दो महीने से चल रहा युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है और संघर्ष के कारण बाधित तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति फिर से शुरू हो सकती है, लेकिन उन्होंने कहा कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि ईरान उनके प्रस्तावों को स्वीकार करता है या नहीं.' हालांकि, ट्रंप ने प्रस्तावों का विवरण नहीं दिया.
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ईरान की ISNA न्यूज एजेंसी ने बुधवार को ईरानी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता के हवाले से बताया कि तेहरान अपना जवाब देगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि ईरान एक समझौता करना चाहता है.
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ट्रंप ने बुधवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा, 'वे एक डील करना चाहते हैं. पिछले 24 घंटों में हमारी बातचीत बहुत अच्छी रही है, और यह पूरी तरह मुमकिन है कि हम एक डील कर लेंगे.'
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एक दिन पहले, ट्रंप ने शांति वार्ता में हुई प्रगति का हवाला देते हुए, अवरुद्ध हॉर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए शुरू किए गए "प्रोजेक्ट फ्रीडम" को रोक दिया था. इस जलमार्ग की असल में की गई नाकेबंदी से दुनिया भर में मंदी आने का खतरा पैदा हो गया है. ईरान हॉर्मुज स्ट्रेट को अपने नियंत्रण में रखने पर जोर दे रहा है, जिससे दुनिया की तेल और गैस आपूर्ति का पांचवां हिस्सा गुजरता है.
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ईरान युद्ध को खत्म करने के लिए अमेरिका का ताजा प्रस्ताव क्या है?
समाचार एजेंसी एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस का मानना है कि वह ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए एक पेज के ज्ञापन पर समझौते के करीब है. प्रावधानों में ईरानी यूरेनियम संवर्धन पर रोक, अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाना, फ्रीज ईरानी फंडों का वितरण और हॉर्मुज स्ट्रेट को जहाजों के लिए खोलना शामिल है.
अमेरिका प्रतिबंध हटा लेगा और ईरान की अरबों डॉलर की फ्रीज की गई संपत्ति को जारी कर देगा; साथ ही, दोनों पक्ष—जिन्होंने हॉर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में एक-दूसरे के खिलाफ नाकेबंदी कर रखी है—समझौते पर हस्ताक्षर के 30 दिनों के भीतर इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को फिर से खोल देंगे.
पाकिस्तान ने भी किया दावा
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने गुरुवार को कहा, 'हमें उम्मीद है कि समझौता जल्द ही हो जाएगा. हमें आशा है कि दोनों पक्ष एक शांतिपूर्ण और स्थायी समाधान पर पहुंचेंगे, जो न केवल हमारे क्षेत्र में शांति बल्कि अंतरराष्ट्रीय शांति में भी योगदान देगा." लेकिन उन्होंने कोई समयसीमा बताने से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि पाकिस्तान चल रहे राजनयिक प्रयासों का विवरण सार्वजनिक नहीं करेगा. उन्होंने कहा, "मैं आपको बस इतना बता सकता हूं और यही बात मैंने पहले भी कही है कि हम सकारात्मक और आशावादी बने हुए हैं और हमें उम्मीद है कि समझौता जल्द ही हो जाएगा."
जब उनसे पूछा गया कि क्या पाकिस्तान गुरुवार को ईरान से किसी प्रतिक्रिया की उम्मीद कर रहा है, तो अंद्राबी ने कहा, "मैं विशिष्ट विवरणों या संदेशों की प्रगति पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा."
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गुरुवार को टेलीविजन पर प्रसारित अपने संबोधन में कहा कि इस्लामाबाद युद्ध रोकने और संघर्ष विराम की अवधि बढ़ाने के लिए ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ दिन-रात निरंतर संपर्क में है.
क्या ईरान US के प्रपोजल पर राजी हो सकता है?
ईरान ने अभी तक US के नए प्रपोजल पर ऑफिशियली जवाब नहीं दिया है. हालांकि, ईरानी नेताओं ने इसका विरोध किया है. ईरानी लॉमेकर इब्राहिम रेजाई, जो पार्लियामेंट की पावरफ़ुल फॉरेन पॉलिसी और नेशनल सिक्योरिटी कमिटी के स्पोक्सपर्सन हैं, ने इसे 'हकीकत से ज्यादा एक अमेरिकन विश-लिस्ट' बताया.
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ ने उन रिपोर्टों का भी मजाक उड़ाया है जिनमें कहा गया था कि दोनों पक्ष समझौते के करीब हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर अंग्रेजी में लिखा, 'ऑपरेशन ट्रस्ट मी ब्रो नाकाम हो गया.' अल जजीरा के रेसुल सरदार अतास ने तेहरान से रिपोर्ट करते हुए गुरुवार को बताया कि ईरान अभी भी अमेरिका के प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि वह ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौते की खबर का स्वागत करता है, और साथ ही यह भी कहा कि वह इस पर कोई अतिरिक्त जानकारी सार्वजनिक नहीं करेगा.