पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर यानी PoK में 2 अगस्त को विधानसभा चुनाव के दूसरे फेज़ के लिए वोटिंग हुई, जिसके लिए सुरक्षा चाक-चौबंद की गई थी. सभी को लगा कि चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो जाएगा. लेकिन ऐसा हुआ नहीं, PoK में दूसरे चरण के दौरान जमकर बवाल हुआ. मुजफ्फराबाद में लगातार हो रही हिंसा और नाकेबंदी की वजह से कोटली के लिए ना तो चुनाव अधिकारी पहुंचे और ना ही चुनाव सामग्री, जिसके कारण वहां चुनाव रद्द करना पड़ा. वहीं, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) ने ये आरोप लगाया कि चुनाव में धांधली हुई है.
---विज्ञापन---
मुजफ्फराबाद में क्या हुआ?
शनिवार को मुजफ्फराबाद में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प हुई थी, जिसके बाद वहां का मंज़र ही खौफनाक हो गया. सड़कों पर पत्थर बिखरे थे, जले हुए वाहन नज़र आए. हालात को देखते हुए भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए. स्थानीय लोगों ने ये अपील करते हुए दिखाई दिए कि चुनाव का बहिष्कार किया जाए. मुजफ्फराबाद में प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाबलों के अंधाधुंध फायरिंग की खबरों के बाद लोगों में काफी आक्रोश है. कई चश्मदीदों का कहना है कि उन्होंने खुद सुरक्षाबलों को गोलियां बरसाते हुए देखा है. जानकारी के मुताबिक, इस फायरिंग में 7-8 लोग घायल हुए और 3 की मौत हो गई.
---विज्ञापन---
जनता में भारी आक्रोश
दरअसल, शनिवार को मुजफ्फराबाद में जो हुआ, उसे देखकर कई लोगों ने वोट डालने से साफ इनकार कर दिया. एक स्थानीय ने बताया कि वो इस चुनाव में पहली बार वोट डालने वाले थे, लेकिन हालात देखकर अब वो ऐसा नहीं करेंगे. एक और चश्मदीद ने बताया कि 35 साल का एक शख्स अपने घर में बैठकर नाश्ता कर रहा था, तभी सुरक्षाबलों ने गोलियां बरसानी शुरू कर दी. इस दौरान उसके सीने पर गोली लग गई और वो 45 मिनट तक तड़पता रहा. आखिर में वक्त पर इलाज ना मिलने की वजह से उसने दम तोड़ दिया. गुस्साए लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया. उन्होंने 'हम अपने युवाओं की कुर्बानी देंगे, हम क्रांति लाएंगे' जैसे नारे लगाए. वहीं भारत ने भी PoK में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पाकिस्तान की कार्रवाई की कड़ी निंदा की. MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान बेवजह मासूमों की जान लेने पर तुला है.
---विज्ञापन---