भूकंप से वेनेजुएला का इंटरनेट सिस्टम लड़खड़ा गया है। वहीं लोग अपनों को तलाशने के लिए ठोकरों खा रहे हैं। इंटरनेट और मोबाइल सर्विस ठप होने की वजह से वे एक दूसरे से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। संकट की इस घड़ी में राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने नागरिकों से सरकारी मोबाइल एप्लिकेशन VenApp का इस्तेमाल करने को कहा है। इस ऐप के जरिए नागरिक अपने लापता रिश्तेदारों की जानकारी दे सकते हैं और अपने घर को हुए नुकसान की रिपोर्ट सीधे ‘क्राइसिस कमांड सेंटर’ को भेज सकते हैं। आपदा प्रबंधन की टीम इसी ऐप के डेटा के आधार पर टीमों को रवाना कर रही है।
भूकंप से हुए भारी नुकसान के बाद वेनेजुएला का इंटरनेशनल एयरपोर्ट माइकेतिया पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। क्योंकि एयरपोर्ट की छत का एक हिस्सा ढह गया है। राष्ट्रपति रोड्रिग्ज ने स्थिति को देखते हुए हालात सामान्य होने तक सभी स्कूलों और कॉलेजों में कक्षाएं रद्द करने के सख्त निर्देश भी दिए हैं।
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मेक्सिको के विदेश मंत्रालय ने वेनेज़ुएला में भूकंप आने के बाद वहां के लोगों के प्रति सहानुभूति जताई है। भूकंप से हुए नुकसान पर खेद प्रकट किया है।
अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने भी वेनेजुएला को भूकंप से हुए नुकसान पर दुख जताया है। उन्होंने वेनेज़ुएला के साथ एकजुटता दिखाई है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि हम उन परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं, जिन्होंने आज आई प्राकृतिक आपदा भूकंप में अपनों को खोया है। इस मुश्किल वक्त में प्रभावित सभी समुदायों के लिए हिम्मत, सुरक्षा और जल्द ठीक होने की कामना करते हैं।
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भूकंप पीड़ित वेनेजुएला की मदद करने के लिए भारत मदद भेजगा। भारत सरकार वेनेजुएला के भूकंप प्रभावित इलाकों में जान-माल के नुकसान पर लगातार नजर बनाए हुए है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की एक विशेष टीम को वेनेजुएला भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई है। NDRF को अलर्ट मोड पर रहने और संभावित अंतरराष्ट्रीय राहत अभियान तैयार करने को कहा गया है। भारत की ओर से मानवीय सहायता पहुंचाई जा सकती है।
NDRF की स्पेशल टीम, खोज एवं बचाव उपकरणों, चिकित्सीय सहायता सामग्री और प्रशिक्षित विशेषज्ञों के साथ वेनेजुएला रवाना की जा सकती है। टीम का मकसद मलबे में फंसे लोगों को निकालने, राहत पहुंचाने और स्थानीय एजेंसियों के साथ मिलकर बचाव कार्यों में सहयोग करना होगा। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक टीम भेजने की तैयारी की जा रही है।
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला की मदद के लिए हाथ बढ़ाए हैं। उन्होंने ट्वीट लिखा कि वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप से हुई तबाही से मैं अत्यंत दुखी हूं। भारत की ओर से वेनेजुएला सरकार और वहां की जनता, विशेषकर उन परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं और इस कठिन समय में सभी प्रभावित लोगों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। भारत हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर है।
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वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की। लोगों से खुले आसमान के नीचे रहने की अपील की। डॉक्टरों और नर्सों से कहा है कि वे भूकंप पीड़ितों की मदद करें। देश को संबोधित करते हुए रोड्रिगेज ने बताया कि डॉक्टरों, नर्सों और सभी हेल्थ वर्कर्स से काम पर लौटने की अपील करती हूं। फील्ड में जाकर घायलों का इलाज करने और उन्हें अस्पतालों और प्राइवेट हेल्थ सेंटरों में जाने की अपील है। राष्ट्रीय, राज्य और नगरपालिका अधिकारी संकट से निपटने में सहयोग कर रहे हैं।
भूकंप ने वेनेजुएला में बिजली और संचार सेवाएं ठप हो गई हैं। इंटरनेट कनेक्टिविटी पर असर पड़ा है। बिजली नहीं होने से कई शहर अंधेरे में डूबे हुए हैं। वहीं लोग एक दूसरे से फोन पर संपर्क भी नहीं कर पा रहे हैं।
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USGS के मुताबिक, दोनों भूकंप काराकस के पश्चिम में याराकुय राज्य में आए। पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था, जों 22 किलोमीटर (14 मील) की गहराई से आया। करीब 10 किलोमीटर (6 मील) की गहराई से 7.5 तीव्रता का दूसरा भूकंप आया। भूकंप का केंद्र राजधानी के बाहर था, लेकिन झटके पूरे काराकस और वेनेज़ुएला के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में महसूस किए गए, जिनमें काराबोबो, मिरांडा, ला गुआइरा और ट्रूजिलो राज्य शामिल हैं। पड़ोसी देश कोलंबिया और काराकस से 1700 किलोमीटर यानी 1050 मील दूर ब्राजील के अमेजन इलाके में भूकंप महसूस किया गया।
वेनेजुएला में आज सुबह 40 सेकंड के अंदर 7.2 और 7.5 तीव्रता के बैक-टू-बैक 2 भूकंप आए। भूकंप से सबसे ज्यादा नुकसान राजधानी काराकास में हुआ है। देश के कई हिस्सों में इमारतें ध्वस्त हो गईं है। लोगों के घरों और सड़कों कें दरारें पड़ गई हैं। अब तक 32 लोगों की मौत होने की पुष्टि हुई है और 700 घायल हैं। लेकिन करीब एक लाख लोगों के मरने की आशंका जताई जा रही है।
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वेनेजुएला में आज आए भूकंप का केंद्र काराकास के पास मोंटाल्बान के उत्तर-पश्चिम में 28 किलोमीटर यानी करीब 17.3 मील दूर धरती की गहराई में मिला, जहां देश की कुछ सबसे बड़ी रिफाइनरियां हैं। हालांकि रिफाइनरियों को नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन अफतरा-तफरी मची हुई है। दूसरे भूकंप का केंद्र मोरोन से 16 किमी दूर दक्षिण-पश्चिम में 10 किमी की गहराई में मिला है।
सोशल मीडिया पर भूकंप के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें तबाही का मंजर देखा जा सकता है। वीडियो में देख सकते हैं कि भूकंप से इमारतें ढह गई हैं। सड़कों पर मलबे का ढेर लगा है। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे हैं। आसमान में उड़ता धूल का गुबार नजर आएगा। लोगों की चीखें और जान बचाने की कोशिश नजर आएगी। बच्चों और पालतू जानवरों को गोद में उठाकर लोग भागते हुए दिखाई देंगे। कंक्रीट के बड़े-बड़े टुकड़े, लोहे की छड़ें सड़कों पर गिरती दिखेंगी। काराकास की सड़कों पर मची अफरा-तफरी देख सकेंगे।
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विनाशकारी भूकंप के जोरदार झटकों ने आज वेनेजुएला में भीषण तबाही मचाई है। 40 सेकंड के अंदर 2 बार भूकंप आया, जिनकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.1 और 7.5 रही। यह वेनेजुएला में 126 साल बाद आया सबसे बड़ा भूकंप था। अब से पहले 1900 में जो भूकंप आया था, उसने भी ऐसी ही तबाही मचाई थी। उस भूकंप की तीव्रता भी रिक्टर स्केल पर 7.7 मापी गई थी। आज आए भूकंप ने आधे से ज्यादा देश को मलबे का ढेर बना दिया है। लोगों से उनका आशियाना, उनके सिर की छत छीन ली है। कार्यवाहक राष्ट्रपति ने नेशनल इमरजेंसी की घोषणा करके पूरी दुनिया से मदद करने की अपील की है।
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वेनेजुएला में भूकंप आने के बाद के हालातों और नुकसान से जुड़े पल-पल के लाइव अपडेट्स के लिए बने रहें News 24 के साथ...
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