पेट में मुक्का मारकर क्यों गर्भपात कर रहीं इस देश की महिलाएं? चौंकाने वाली है वजह

US Supreme Court Abortion Verdict Controversy: एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। जो महिलाओं के गर्भपात के मामलों से जुड़ी है। सर्वे में खुलासा हुआ है कि महिलाएं अपने पेट में मुक्का मारकर खुद ही गर्भपात की कोशिशें कर रही हैं। सर्वे एक खास देश का है। ऐसे मामले कोर्ट के फैसले के बाद भी बढ़े हैं। जिसको लेकर इस देश में काफी विरोध हुआ था।

US Supreme Court abortion verdict

US Supreme Court Abortion Verdict: एक चौंकाने वाली रिपोर्ट दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश को लेकर सामने आई है। वहां ऐसी औरतों की तादाद बढ़ती जा रही है, जो खुद ही गर्भपात करने की कोशिशें कर रही हैं। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने जून 2022 ही में एक फैसला सुनाया था। जिसके बाद यह सर्वे करवाया गया है। ‘रो वर्सेज वेड’ मामले में गर्भपात के मुद्दे पर हाई कोर्ट के फैसले को अमेरिका की शीर्ष अदालत ने पलट दिया था। इसके बाद एक तरह से अमेरिका में गर्भपात के मामलों में रोक लग चुकी है। काफी विवाद भी इस फैसले को लेकर हुआ है।

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चुनाव में भी गर्भपात बड़ा मुद्दा

इस बार के चुनाव में भी यह बड़ा मुद्दा माना जा रहा है। अब रिपोर्ट में सामने आया है कि अमेरिका की गर्भवती महिलाएं खुद गर्भपात करने की कोशिशें कर रही हैं। वे जड़ी-बूटी खाकर या शराब का सेवन कर गर्भपात करने की कोशिशें कर रही हैं। कई महिलाएं अपने पेट में मुक्का मारकर भी गर्भपात की कोशिशें कर चुकी हैं, इसका हवाला भी रिपोर्ट में दिया गया है। सर्वे में उन महिलाओं को शामिल किया गया था जो फैसले से पहले और बाद में प्रेग्नेंट हुई हैं।

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फैसले से पहले 2.4 फीसदी महिलाओं ने खुद गर्भपात करने की कोशिश की थी। वहीं, बाद में यह आंकड़ा 3.3 फीसदी तक बढ़ गया। यह सर्वे मंगलवार को सामने आया है। जेएएमए नेटवर्क ओपन जर्नल में सर्वे प्रकाशित हुआ है। वहीं, गायनोकोलॉजिस्ट इन तरीकों को बेहद खतरनाक मानते हैं। आंकड़ों के अनुसार ऐसी महिलाओं की संख्या लाखों में हो सकती है। सर्वे के अनुसार फैसले आने के बाद सिर्फ 6 महीने में ही 7 हजार महिलाओं से बातचीत की गई। वहीं, एक साल के अंतराल में 7100 और महिलाओं से बातचीत की गई। महिलाओं ने स्वीकार किया कि वे खुद गर्भपात करने की कोशिश कर चुकी हैं।

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गलत तरीकों से कई महिलाओं की जान पर बनी

कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की एपिडेमियोलॉजिस्ट लॉरेन राल्फ के अनुसार गर्भपात को लोगों की पहुंच से दूर करने का मतलब यह नहीं है कि इसकी इच्छा और जरूरत ही खत्म हो जाए। खुद गर्भपात की कोशिश का कारण शर्म या क्लीनिक का भारी खर्च से बचना भी हो सकता है। कुछ महिलाओं ने मिरसोप्रोस्टोल और मिफेप्रिस्टोन जैसी दवा का इस्तेमाल भी किया है। गर्भपात की ये दवा अमेरिका में चोरी-छिपे आसानी से मिल जाती है। कुछ महिलाओं ने भारी चीजें उठाई ताकि पेट सिकुड़ने से गर्भपात हो जाए। शराब का इस्तेमाल अधिक किया। कुछ महिलाओं को ब्लीडिंग या दूसरी दिक्कतें हुईं, जिसके कारण डॉक्टर के पास जाना पड़ा। कुछ महिलाओं का गर्भपात भी गलत तरीकों से हो गया। कुछ महिलाओं का गर्भपात क्लीनिक में उनकी जान बचाने के लिए करना पड़ा।

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