हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की 4 कंपनियों पर लगाए प्रतिबंध, ईरान से क्रूड ऑयल और पेट्रोकेमिकल की डील करने की सजा

अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक दबाव डालना शुरू कर दिया है और इसके लिए ट्रंप ने सबसे पहले ईरान के मित्र देश भारत को निशाना बनाया है. अमेरिका ने ईरान के साथ बिजनेस करने वाली चार कंपनियों और 3 भारतीय नागरिकों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं.

विज्ञापन
ईरान के कारण प्रतिबंध लगने से भारत और अमेरिका में तनाव पैदा हो सकता है. (Credit- X)

ईरान के खिलाफ आर्थिक कार्रवाई करते हुए अमेरिका ने भारत आधारित कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं. प्रतिबंधों की वजह ईरान से ऑयल और पेट्रोकेमिकल डील करना है. 4 कंपनियों के अलावा 3 भारतीय नागरिकों को भी ईरान के लिए प्रतिबंधित किया है. करीब 119 मिलियन डॉलर के लेन-देन का मामला है, जिसके चलते अमेरिका के ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ के तहत 3 भारतीय नागरिकों को निशाने बनाया. प्रतिबंधों को अमेरिका ने दुनियाभर में देशों के साथ ईरान के वित्तीय संबंधों के खिलाफ पहला आर्थिक हमला बताया है.

डोनाल्ड ट्रंप ने बढ़ाई ईरान की टेंशन, दुनिया को दी सीधी धमकी, कहा- तेहरान से रिश्ता रखा तो झेलने होंगे प्रतिबंध

किन कंपनियों पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगाए हैं?

अमेरिका के ट्रेजरी डिपार्टमेंट के अनुसार, इंडिया-बेस्ड सदाशिव ओवरसीज लिमिटेड पर प्रतिबंध लगाया गया है. इस कंपनी ने फरवरी 2024 और जून 2025 के बीच 69 मिलियन डॉलर के पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स ईरान से खरीदे थे. कुछ शिपमेंट ‘बोनजोर कमोडिटी FZE’ से थे, जिन्हें पहले ही प्रतिबंधित कर दिया गया था. PP सॉफ्टटेक प्राइवेट लिमिटेड और प्रकृतिस इंफ्रा इम्पेक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं. नइ दोनों कंपनियों 25-25 मिलियन डॉलर के पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स ईरान से खरीदे थे. तीनों कंपनियों ने 119 मिलियन डॉलर का आयात किया.

विज्ञापन

किन 3 भारतीयों पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगाए?

चौथी कंपनी, पोर्टईज पार्टनर्स LLP है, जिस पर प्रतिबंध लगाया गया है. इस कंपनी ने भी ईरान से पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स खरीदे थे और शिपमेंट भारत मंगवाई. अमेरिका ने भारत के जिन 3 नागरिकों पर प्रतिबंध लगाए हैं, उनमें PP सॉफ्टटेक के डायरेक्टर प्रशांत गर्ग, पोर्टईज पार्टनर्स के इदरीसमिया अशरफमिया शेख और हरीश रामचंद्र रंगी शामिल हैं. अमेरिका ने पूरी दुनिया को खुली चेतावनी दी है कि वे ईरान का समर्थन, सहयोग और बिजनेस डील करने वालों पर प्रतिबंध लगाएंगे. इसका मकसद ईरान के रेवेन्यू सोर्स बनने वाले आर्थिक साधनों को जड़ से खत्म करना है.

200000 लोगों के वीजा रद्द करेगी ट्रंप सरकार, B1 और B2 VISA धारक उठाएंगे नुकसान, जानें भारत पर क्या पड़ेगा असर

विज्ञापन

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ क्या ऑपरेशन चलाया?

बता दें कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ आर्थिक अभियान शुरू किया है है, जिस ट्रेडरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ नाम दिया है. इस अभियान के तहत ईरान के फाइनेंशियल नेटवर्क, ऑयल ट्रेड से होने वाली इनकम और ग्लोबल रिलेशन्स को निशाना बनाकर ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है, ताकि वह घुटनों पर आए और अमेरिका के साथ हर तरह की डील करने के लिए मजबूर हो जाए. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ आर्थिक अभियान की तुलना दूसरे विश्व युद्ध के दौरान D-Day पर मित्र देशों के हमले से की है.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola