अमेरिका से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज रूस और ईरान पर कड़े आर्थिक व रणनीतिक प्रतिबंध लगाने वाले नए कानून पर हस्ताक्षर कर सकते हैं. व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से बातचीत में इसकी पुष्टि की है. संसद से पास होने के बाद अब यह बहुचर्चित बिल अंतिम मंजूरी के लिए राष्ट्रपति की मेज पर पहुंच चुका है. इस कानून का आधिकारिक नाम 'लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट 2026' है. इस विधेयक को अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों से पहले ही पारित किया जा चुका है.
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अमेरिकी सीनेट के बाद प्रतिनिधि सभा ने भी मतदान के जरिए इसे अपनी मंजूरी दे दी थी. अब केवल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर की औपचारिकता बाकी है. ट्रंप के दस्तखत करते ही यह आधिकारिक तौर पर संघीय कानून बन जाएगा.
बिल के पक्ष में 214 और विरोध में 211 वोट पड़े
अमेरिकी संसद के निचले सदन ने रूस के खिलाफ नए और कड़े प्रतिबंधों वाले विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी है. मंगलवार, 15 सितंबर को हुए मतदान में इस बिल के पक्ष में 214 और विरोध में 211 वोट पड़े. बेहद कड़े मुकाबले के बाद यह विधेयक पास होकर अब कानून बनने की अंतिम प्रक्रिया में पहुंच चुका है. इससे पहले 7 अगस्त को अमेरिकी सीनेट ने भारी बहुमत के साथ इसे पारित किया था. दोनों सदनों की मुहर लगने के बाद अब यह विधेयक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास हस्ताक्षर के लिए भेजा गया है.
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क्या है इस कानून का मकसद?
'लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट 2026' का मुख्य उद्देश्य मॉस्को और तेहरान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है. इस कानून के तहत रूस के ऊर्जा, रक्षा और वित्तीय क्षेत्रों पर शिकंजा कसा जाएगा. साथ ही, अमेरिकी प्रशासन को ऐसे देशों और कंपनियों पर सख्त रुख अपनाने के अधिकार भी मिलेंगे जो प्रतिबंधों को दरकिनार कर रूस या ईरान के साथ बड़ा व्यापार जारी रखे हुए हैं. व्हाइट हाउस अधिकारी के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप जल्द ही इस बिल पर मुहर लगा सकते हैं. अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि इस कानून के अस्तित्व में आते ही वैश्विक व्यापारिक समीकरणों और ऊर्जा बाजार पर इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है.
भारत और चीन पर पड़ सकता है सीधा असर
यह कानून यूक्रेन के कट्टर समर्थक और दक्षिण कैरोलिना के दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम द्वारा तैयार किया गया था. इस विधेयक में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बेहद सख्त अधिकार दिए गए हैं. नए प्रावधानों के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप को रूसी तेल और प्राकृतिक गैस के पांच सबसे बड़े खरीदार देशों पर 100% तक भारी-भरकम टैरिफ लगाने की छूट मिलेगी.
इसके अलावा उन पांच देशों पर भी 100% टैरिफ लगाया जा सकेगा जो रूस को ऊर्जा प्रतिबंधों से बचने में मदद कर रहे हैं.---विज्ञापन---
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