मिडिल ईस्ट में तनाव और रूस-यूक्रेन जंग के बीच अब अमेरिका ने ईरान पर बमबारी की धमकी दी है। इसके बाद दुनिया में एक और जंग छिड़ने के आसार बन गए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की धमकी दी है कि अगर उसने न्यूक्लियर डील नहीं की तो हमला किया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने भी अपनी मिसाइलें तैयार कर ली हैं। आधिकारिक तौर पर ईरान का कोई बयान सामने नहीं आया है। हाल ही में ईरान ने ट्रंप के साथ बातचीत करने से भी मना कर दिया था। अब ईरान के तेवर दिखाने से लग रहा है कि आर-पार की जंग हो सकती है। फिलहाल अमेरिका यमन में ईरानी समर्थक हूती विद्रोहियों पर हमले कर रहा है। इसी बीच उसने ईरान पर परमाणु कार्यक्रम को लेकर निशाना साधा है। ऐसे में एक और सैन्य कार्रवाई की आशंका विश्व में बन गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान ने अपने सभी मिसाइल लॉन्चर्स एक्टिव कर लिए हैं। तेहराइन टाइम्स ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा है कि ईरान के सभी अंडरग्राउंड मिसाइल शहरों में मिसाइलें लॉन्चर्स में लोड हो चुकी हैं और हमले की सूरत में किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार हैं। अमेरिका की सरकार ने अगर ईरान पर अटैक किया तो उसे भारी पड़ेगा। ईरान किसी भी धमकी से डरने वाला नहीं है। सूत्रों के मुताबिक ईरान के अधिकारियों ने की वीडियो भी जारी किए हैं। वीडियो में अंडरग्राउंड बंकर दिख रहे हैं। इन बंकरों में 850 मील रेंज वाली हज कासिम, 900 मील रेंज वाली खैबर शेकां, 1550 मील रेंज वाली Sejjil, 1240 मील रेंज वाली गद्र H, 1050 मील रेंज वाली Imad मिसाइलें लैस की गई हैं।

ईरान ने बातचीत से किया इनकार

इससे पहले रविवार को ईरान ने राष्ट्रपति ट्रंप से किसी भी बातचीत से इनकार कर दिया था। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा था कि देश अपने परमाणु कार्यक्रम के बारे में अमेरिका से सीधी कोई बात नहीं करेगा। राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ईरान के सर्वोच्च नेता को भेजे गए पत्र पर ईरान ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी थी। पेजेशकियन ने ओमान के जरिए अपनी बात रखी थी। बता दें कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के तेजी से बढ़ते परमाणु कार्यक्रम पर चिंता जताते हुए हाल में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई को एक लेटर भेजा था।

पहले कार्यकाल में ट्रंप ने लगाया था प्रतिबंध

इससे पहले कार्यकाल में डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुए 2018 के परमाणु समझौते से अमेरिका को अलग कर लिया था। इस समझौते में आर्थिक प्रतिबंधों में ढील के बदले ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त प्रतिबंध लगाए गए थे। समझौते से हटने के बाद ट्रंप ने ईरान पर फिर से कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे। 2018 से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ रहा है। यह भी पढ़ें:Saurabh Rajput Case: मुस्कान और साहिल को स्थायी बैरक अलॉट, दोनों को जेल में मिला ये काम यह भी पढ़ें:दिल्ली-NCR में सताएगी गर्मी, इन राज्यों में होगी बारिश; पढ़ें IMD का लेटेस्ट अपडेट