US Firefly Aerospace Blue Ghost Mission: अमेरिकी निजी अंतरिक्ष कंपनी फायरफ्लाई एयरोस्पेस के ब्लू घोस्ट ने रविवार (2 मार्च) को सफलतापूर्वक चंद्रमा की सतह पर लैंड किया। इसके साथ ही फायरफ्लाई एयरोस्पेस इतिहास की पहली ऐसी कॉर्मिशियल कंपनी बन गई जिसने चंद्रमा पर सफलतापूर्वक लैंडिंग करने में कामयाबी हासिल की है। कंपनी ने अपने आधिकारिक बयान में फायरफ्लाई टीम, मिशन भागीदारों और नासा को इस अविश्वसनीय उपलब्धि के लिए बधाई दी है। फायरफ्लाई एयरोस्पेस के ब्लू घोस्ट ने चंद्रमा पर लैंडिग के बाद ली गई पहली तस्वीर भेजी है। ब्लू घोस्ट ने चंद्रमा की सतह (Moon surface) से पहली स्पष्ट तस्वीरें और अहम वैज्ञानिक डेटा नीचे धरती पर भेजना शुरू कर दिया है।
फायरफ्लाई एयरोस्पेस ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
ब्लू घोस्ट ने आज भारतीय समयानुसार दोपहर 12:20 बजे और पूर्वी अमेरिकी समयानुसार सुबह 3:34 बजे चंद्रमा के उत्तरपूर्वी क्षेत्र मैरे क्रिसियम में मॉन्स लैट्रेइल के पास सॉफ्ट लैंडिंग की। चंद्रमा की पहली तस्वीर मिलने के बाद फायरफ्लाई एयरोस्पेस ने अपनी पहली सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया कि यह स्नैपशॉट ब्लू घोस्ट की सभी विशेषताओं को दर्शाता है। यह तस्वीर साहसिक महत्वाकांक्षा (Bold Ambition), अनस्टॉपेबल ड्राइव (Unstoppable Drive) और इनोवेशन की भावना को दर्शाता है। कंपनी ने कहा कि यह तस्वीर मून मिशन से जुड़ी टीम की कड़ी मेहनत और समर्पण (Dedication) का प्रमाण है। कंपनी ने एक्स पर लिखा, ‘क्या आप उस दृश्य को देखेंगे! ब्लू घोस्ट ने चंद्रमा पर अपनी पहली इमेज कैप्चर की है, जो पिछले तीन सालों से ज्यादा समय में साहसी और अनस्टॉपेबल फायरफ्लाई टीम द्वारा की गई कड़ी मेहनत को दर्शाती है। और हम अभी शुरुआत कर रहे हैं।’
यह मिशन नासा के आर्टेमिस कार्यक्रम का हिस्सा
बता दें कि ‘घोस्ट राइडर्स इन द स्काई’ नामक इस मिशन ने कॉर्मिशियल मून लैंडिंग के एक साल बाद दूसरी महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह मिशन आर्टेमिस कार्यक्रम के तहत नासा के साथ साझेदारी का हिस्सा है। इसका उद्देश्य अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर वापस ले जाना है। इससे पहले फायरफ्लाई एयरोस्पेस ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा था, ‘टी-2 घंटे के बाद ब्लू घोस्ट डिसेंट ऑर्बिट इंसर्शन करेगा और अपने अंतिम गंतव्य, मारे क्रिसियम की ओर ट्रेजेक्टरी शुरू करेगा। 19-सेकंड के इस बर्न के दौरान एक नियोजित कॉम्स ब्लैकआउट चंद्रमा के सुदूर हिस्से में होगा।
ब्लू घोस्ट की क्या है खासियत?
ब्लू घोस्ट में कुल दस मशीन हैं जो चंद्रमा पर अलग-अलग काम में इस्तेमाल किए जाएंगे। इनमें एक चंद्र मिट्टी विश्लेषक, रेडिएशन टॉलरेंस कंप्यूटर और चंद्रमा पर नेविगेशन के लिए मौजूदा ग्लोबल सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम का इस्तेमाल करने की व्यवहार्यता (Feasibility) का टेस्ट करने वाला एक एक्सपेरिमेंट और चंद्रमा के अंदरूनी हिस्से की 700 मील गहराई तक जांच करने वाला वैज्ञानिक पेलोड उपकरण शामिल है। पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र और अंतरिक्ष मौसम को समझने के लिए X-ray इमेजिंग कैमरे भी लगे हैं। AFP की रिपोर्ट के अनुसार, ब्लू घोस्ट चंद्रमा के सूर्यास्त को रिकॉर्ड करेगा, जिससे यह समझने में मदद मिलेगी कि सोलर रेडिएशन के तहत धूल कैसे सतह से ऊपर उठती है।
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