अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच इराक में एक और विमान हादसा सामने आया है. पश्चिमी इराक में गुरुवार को अमेरिकी वायुसेना का KC-135 एरियल रिफ्यूलिंग टैंकर क्रैश हो गया, जिसमें 6 क्रूमेंबर्स में से चार की मौत हो गई. यूएस सेंट्रल कमांड ने शुक्रवार को पुष्टि की कि दो विमानों की टक्कर से यह हादसा हुआ. एक विमान सुरक्षित उतर गया, जबकि दूसरे के चालक दल के दो सदस्यों की तलाश जारी है.
कहां हुआ ये हादसा?
यह हादसा ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान फ्रंडली फील्ड में हुआ. सेंटकॉम ने स्पष्ट किया कि न तो शत्रु अग्नि और न ही मित्र अग्नि इसका कारण थी, जांच जारी है. ईरान समर्थित इराकी इस्लामिक रेसिस्टेंस गुट ने दावा किया कि उन्होंने KC-135 को मार गिराया, लेकिन अमेरिकी सेना ने इसे खारिज कर दिया. रेस्क्यू ऑपरेशन में हेलीकॉप्टर और सहयोगी इकाइयां लगी हैं.
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वायुसेना का प्रमुख रिफ्यूलिंग प्लेटफॉर्म
आपको बता दें कि KC-135, जो 1950-60 के दशक में बोइंग द्वारा निर्मित है, अमेरिकी वायुसेना का प्रमुख रिफ्यूलिंग प्लेटफॉर्म है. यह लंबी दूरी की उड़ानों में फाइटर जेट्स को हवा में ईंधन भरता है. युद्ध की शुरुआत से यह चौथा विमान है जो दुर्घटनाग्रस्त हुआ. पिछले सप्ताह कुवैत ने गलती से अमेरिका के तीन F-15E स्ट्राइक ईगल्स गिरा दिये थे, लेकिन सभी पायलट सुरक्षित बच गए थे.
ईरान युद्ध में कितने अमेरिकी सैनिकों की मौत?
ईरान युद्ध में अब तक सात अमेरिकी सैनिक शहीद हो चुके हैं. कुवैत के एक नागरिक बंदरगाह पर ईरानी ड्रोन हमले में छह की मौत हुई, जबकि सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर एक घायल सैनिक ने दम तोड़ा. पेंटागन के अनुसार, 140 अमेरिकी सैनिक घायल हुए, जिनमें आठ गंभीर हैं. यह हादसा अमेरिकी अभियान की जटिलताओं को उजागर करता है.
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