मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने 11 अरब देशों में रह रहे अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की है. इस अलर्ट में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, ओमान, कतर, इराक, लेबनान, यमन और इजरायल शामिल हैं. अमेरिकी राजनयिक मिशनों ने नागरिकों को सतर्क रहने और क्षेत्र में सुरक्षा हालात अचानक बिगड़ने की आशंका को देखते हुए अपनी यात्रा की योजनाओं में बदलाव के लिए तैयार रहने की सलाह दी है.
अमेरिकी चेतावनी ऐसे समय आई है, जब क्षेत्र में ईरान और उसके समर्थित हूती समूहों की गतिविधियों को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं. अमेरिकी अधिकारियों ने आशंका जताई है कि तनाव बढ़ने की स्थिति में अमेरिकी हितों, कंपनियों और संस्थानों को निशाना बनाया जा सकता है. हालांकि, जारी अलर्ट का मतलब यह नहीं है कि सभी देशों में तत्काल हमले का खतरा है या हवाई सेवाएं बंद कर दी गई हैं.
हवाई क्षेत्र बंद होने और उड़ानें रद्द होने की आशंका
अमेरिकी मिशनों ने यात्रियों को आगाह किया है कि क्षेत्र में हालात बिगड़ने पर एयर स्पेस बंद किए जा सकते हैं. इसके चलते उड़ानों में देरी, रद्द होने या रूट बदलने जैसी स्थिति पैदा हो सकती है. नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले अपनी एयरलाइन और संबंधित हवाई अड्डे से उड़ानों की ताजा जानकारी लें. इराक में अमेरिकी मिशन ने बगदाद, इरबिल, बसरा और सुलेमानिया हवाई अड्डों से जुड़ी उड़ानों की स्थिति की पुष्टि करने को कहा है. वहीं, लेबनान में अमेरिकी दूतावास ने बेरूत स्थित रफीक हरीरी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से संबंधित अपडेट लेने की सलाह दी है.
ईरान और हूती समूहों को लेकर चिंता
अमेरिकी चेतावनियों में ईरान समर्थित हूती समूहों की ओर से सऊदी अरब में नागरिक हवाई अड्डों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने के खतरे का भी उल्लेख किया गया है. ऐसे हमलों से आम नागरिकों की सुरक्षा और हवाई यात्रा प्रभावित होने की आशंका जताई गई है. ईरान के लिए अमेरिकी वर्चुअल दूतावास ने भी अपने नागरिकों को वहां यात्रा नहीं करने की सलाह दोहराई है. ईरान में मौजूद अमेरिकी नागरिकों से देश छोड़ने को कहा गया है.