Middle East War: मिडिल ईस्ट में 8 दिन से कोहराम मचा है। इजरायल-पाकिस्तान और भारत समेत समेत 15 देश युद्ध की आग में जल में रहे हैं। ड्रोन और मिसाइल अटैक के साथ-साथ बमबारी ने तबाही मचा रखी है। न अमेरिका और इजरायल पीछे हट रहे हैं। न ईरान हार मानने को तैयार है। 3 देशों की जिद में 11 देश भीषण विध्वंस और विनाश देख रहे हैं। वहीं फिलहाल इस जंग के थमने के आसार नहीं हैं और अमेरिका पहले ही कह चुका है कि जंग अभी 4 हफ्ते और चलेगी।

8 दिन में मची तबाही के अपडेट्स

बता दें कि अमेरिका ने बमबारी करके ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को ढेर कर दिया। वहीं अब ट्रंप ने खामेनेई के बेटे मोजताबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर मानने से इनकार कर दिया है। अमेरिका की तैयारी युद्ध को लंबा खींचने की है, इसलिए अमेरिका ने इजरायल को 151.8 मिलियन डॉलर के हथियार देने का ऐलान किया है। अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान में अब तक 1332 लोगों की मौत हो चुकी है। ईरान में 8 दिन में 1300 हमले हो चुके हैं।

---विज्ञापन---

अमेरिका और इजरायल के हमले से ईरान के 14 मेडिकल सेंटर, एयरपोर्ट, स्टेडियम, मिसाइल सेंटर, स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी समेत कई ठिकानो तबाह हो चुके हैं। 8 दिन में ईरान के कई शहरों में पानी और बिजली की सप्लाई ठप हो चुकी है। अमेरिका ने ईरान के 300 मिसाइल लॉन्चर तबाह करने का दावा किया है। वहीं ईरान ने दावा किया है कि उसने कुवैत-बहरीन और UAE समेत कई अरब देशों में 20 अमेरिकी मिलिट्री बेस को नुकसान पहुंचाया है। कई सैनिक मार गिराए हैं।

---विज्ञापन---

ईरान 13 देशों में मचा चुका तबाही

28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद ईरान ने अरब देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमला किया। क्योंकि ईरान सीधे अमेरिका पर हमला नहीं कर सकता, लेकिन उसने 13 देशों में अमेरिका के मिलिट्री बेस को नुकसान पहुंचाया है। साथ ही इजरायल में भी तबाही मचाई है। ईरान ने 8 दिन में इजरायल के अलावा UAE, कतर, बहरीन, जॉर्डन, इराक, कुवैत, ओमान, सऊदी अरब, साइप्रस, सीरिया, तुर्किए और अजरबैजान में ड्रोन और मिसाइल अटैक किए।

वहीं अमेरिकी सेना ने ईरान के 30 से ज्यादा जहाज समुद्र में डुबो दिए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ईरान को आखिरी चेतावनी भी दे चुके हैं। उनका कहा है कि अब ईरान बिना शर्त के सरेंडर करे तो ही उसके साथ कोई समझौता होगा। नहीं तो अमेरिका हमले करके ईरान की ऐसी हालत कर देगा कि उसे फिर से खड़ा होने में सालों लग जाएंगे। ईरान का अगला नेता भी अमेरिका की चॉइस का होगा, लेकिन ईरान कहा चुका है कि वह एक संप्रभु देश है और इसका नया नेता देश की जनता ही चुनेगी।

28 फरवरी 2026

भारतीय समय के अनुसार, दोपहर करीब एक बजे इजरायल ने ईरान पर एयर स्ट्राइक की। इसके बाद अमेरिका ने अपने जंगी जहाजों से मिसाइलें दागीं। 28 फरवरी को ही अमेरिका ने घर और दफ्तर पर हमले करके अपने पहले टारगेट को पूरा किया। ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को मार दिया। अमेरिका ने अपने ऑपरेशन को एपिक फ्यूरी और इजरायल ने रोरिंग लॉच्न नाम दिया। इजरायल ने ईरान के गर्ल्स स्कूल पर हमला किया, जसमें 150 से ज्यादा लोगों की मौत हुई। जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमला किया।

एक मार्च 2026

इजरायल ने ईरान के हमले के मद्देनजर देश में इमरजेंसी लागू कर दी। लोगों को वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन क्लास लगाने का आदेश दिया। अपने अधिकारियों, मंत्रियों, सांसदों और उनके परिवारों को शेल्टर में भेज दिया। ईरान पर इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन दागे। बहरीन और कतर में अमेरिका में सेन्य ठिकानों पर भी मिसाइलें दागीं।

2 मार्च 2026

अमेरिका अमेरिका ने B-2 बॉम्बर्स से ईरान के नतांज परमाणु ठिकाने पर हमला किया। इजरायल की सेना ने ईरानी नौसेना के 9 जहाजों पर हमला करके उन्हें समुद्र में डुबो दिया।

3 मार्च 2026

अमेरिका ने सऊदी अरब, कुवैत और लेबनान में अपने दूतावास बंद कर दिए। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने बातचीत का प्रस्ताव भेजा, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया।

4 मार्च 2026

अमेरिका ने हिंद महासागर में ईरान के जंगी जहाज IRIS डेना पर हमला किया और 87 नौसैनिकों को मार दिया। मध्य पूर्व से करीब 17500 अमेरिकी नागरिक सुरक्षित वतन लोटे। अली खामेनेई का सुपुर्द-ए-खाक समारोह टाला गया। दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी अरामको पर ईरान ने ड्रोन अटैक किया तो सऊदी अरब ने उसे बंद कर दिया।

5 मार्च 2026

ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर को रिजेक्ट किया। भारत ने अली खामेनेइ्र की मौत पर शोक जताया। वहीं श्रीलंका ने ईरान के युद्धपोत को अपने पोर्ट पर लंगर डालने की इजाजत दी। वहीं मध्य पूर्व से करीब 20 हजार अमेरिकी नागरिक अपने वतन लौटै.

6 मार्च 2026

ईरान में होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका के ऑयल कार्गो पर हमला किया। कच्चे तेल के दाम 84 डॉलर प्रति बैरल पहुंचे। लेबनान में इजरायल के हमलों से करीब 5 लाख लोग विस्थापित किए।