अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी से शुरू हुआ खूनी संघर्ष अब दो सप्ताह के युद्धविराम पर आकर रुका है. इन 40 दिनों में दुनिया ने न केवल आधुनिक हथियारों का विनाशकारी रूप देखा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी मंदी के मुहाने पर खड़ा पाया. राष्ट्रपति ट्रंप की आखिरी चेतावनी के बाद हुए इस समझौते ने फिलहाल एक बड़े महायुद्ध को टाल दिया है.
अमेरिका-ईरान जंग की पूरी टाइमलाइन
28 फरवरी (जंग का आगाज): लंबे तनाव के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सीधी सैन्य भिड़ंत शुरू हुई जिसने पूरी खाड़ी को युद्ध के मैदान में बदल दिया.
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12 मार्च (खामेनेई का आदेश और अमेरिकी मौतें): ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने दुनिया की लाइफलाइन कही जाने वाली होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का कड़ा निर्देश दिया. इसी दिन इराक में एक अमेरिकी ईंधन भरने वाला विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ जिसमें 6 सैनिक मारे गए और कुल अमेरिकी मौतों का आंकड़ा 13 पहुंच गया.
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13 मार्च (तेल अड्डों पर बमबारी): अमेरिका ने ईरान की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए उसके मुख्य तेल केंद्र खार्ग द्वीप पर भीषण बमबारी की. यह द्वीप ईरान के 90 प्रतिशत तेल एक्सपोर्ट का केंद्र है जिसकी तबाही से वैश्विक बाजार में हड़कंप मच गया.
17 मार्च (ईरानी नेतृत्व पर सर्जिकल स्ट्राइक): इजरायली सेना ने एक बड़ी कार्रवाई में ईरान के दो टॉप कमांडरों अली लारिजानी और गुलामरेजा सुलेमानी को मार गिराया. नेतृत्व पर हुए इस हमले ने ईरान को हिला कर रख दिया.
18 मार्च (गैस फील्ड्स पर हमले): बदले की आग में जल रहे ईरान ने कतर के एलएनजी केंद्र को निशाना बनाया तो जवाबी कार्रवाई में इजरायल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड को तबाह कर दिया जहां से ईरान की 75 प्रतिशत गैस आती है.
27 मार्च (सऊदी में अमेरिकी बेस पर चोट): ईरान ने सऊदी अरब में स्थित अमेरिकी प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर सटीक हमला किया जिसमें 12 अमेरिकी सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए. इसे अमेरिकी एयर डिफेंस में बड़ी सेंध माना गया.
28 मार्च (हूतियों की एंट्री): यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने भी जंग में कूदते हुए इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं जिससे युद्ध का दायरा कई देशों तक फैल गया.
3 अप्रैल (अमेरिकी फाइटर जेट का गिरना): ईरान ने पहली बार अमेरिका के आधुनिक एफ-15ई लड़ाकू विमान को मार गिराया. इस घटना ने साबित कर दिया कि यह जंग किसी भी हद तक जा सकती है.
7 अप्रैल (ट्रंप की आखिरी चेतावनी): तनाव चरम पर पहुंचने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने खुलेआम ईरान की पूरी सभ्यता और वजूद को मिटाने की डरावनी धमकी दे डाली.
8 अप्रैल (अचानक सीजफायर): पूरी दुनिया परमाणु युद्ध की आशंका से कांप रही थी कि तभी ट्रंप ने दो सप्ताह के युद्धविराम का ऐलान कर सबको चौंका दिया और ईरान ने भी इसे अपनी कूटनीतिक जीत मानकर स्वीकार कर लिया.