US Iran War Live Updates: इजरायल ने आज लेबनान पर एक साथ कई इलाकों में भारी बमबारी की है. बेरूत, बेकाआ और जनूब में इजरायली हवाई हमलों ने तबाही मचा दी. मात्र 10 मिनट में इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में 100 से अधिक ठिकानों पर बम गिराए. स्कूलों में शरण लेने वाले नागरिकों और स्वास्थ्य केंद्रों को भी नुकसान पहुंचा. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों में दर्जनों लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए.
US Iran War Live Updates: लंदन, UK: सीज़फ़ायर की घोषणा पर, पेंटागन की पूर्व मध्य-पूर्व सलाहकार और Averos Strategies की CEO, जैस्मिन अल-जमाल कहती हैं, “…यह सचमुच एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है, और इसका हम तहे दिल से स्वागत करते हैं। मेरा मतलब है, आप जानते ही हैं कि इस युद्ध का, जो अब एक महीने से ज़्यादा समय से चल रहा है, मध्य-पूर्व, ईरान, लेबनान और खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों पर बहुत गहरा असर पड़ा है। आपने लोगों को हताहत होते, विस्थापित होते, मारे जाते और घायल होते देखा है। इसलिए ज़ाहिर है, इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए यह एक बहुत बड़ी राहत है। और मैं सबसे पहले यह बताना चाहूँगी कि रणनीतिक नज़रिए से, मैं इस खबर को थोड़ा संतुलित करते हुए यह कहना चाहूँगी कि यह एक अस्थायी सीज़फ़ायर है और अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच जो मूल मुद्दे हैं, उन पर अभी तक कोई बात नहीं हुई है… किसी भी बातचीत की शुरुआत में ऐसा होना बिल्कुल सामान्य बात है, खासकर तब, जब दोनों पक्षों को यह लगता हो कि वे इस स्थिति से विजयी होकर निकल रहे हैं।”
लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायल का अभियान जारी है। इजरायली नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार IDF ने ईरान के खिलाफ अभियान में गोलीबारी रोक दी है और सुरक्षा के लिए अलर्ट पर है। हम किसी भी उल्लंघन का जवाब देने को तैयार हैं। साथ ही लेबनान में आतंकी संगठन हिजबुल्लाह के खिलाफ लड़ाई और जमीनी अभियान जारी रखे हुए हैं।
होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान ही नहीं बल्कि अमेरिका भी लाभ कमाने की फिराक में है। ट्रंप की सोशल मीडिया पोस्ट से जाहिर है कि बड़ा पैसा कमाया जाएगा। एक धमकी वाली लाइन भी लिखी गई है कि हम सुनिश्चित करेंगे कि सब कुछ सही तरीके से चले। ट्रंप का ये कहना साफ करता है कि होर्मुज अब पहला जैसा नहीं रहेगा, बल्कि होर्मुज में अब अमेरिका भी भूमिका निभाएगा।
होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति को लेकर अमेरिका में विवाद बढ़ गया है। राष्ट्रपति ट्रंप के डेमोक्रेट विरोधी सीनेटर क्रिस मर्फी ने CNN को दिए बयान में ट्रंप के द्वारा ईरान को बढ़त देने का आरोप लगाया है। ट्रंप के सियासी विरोधियों ने युद्धविराम समझौते को ईरान के पक्ष में बताया है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का जारी नियंत्रण दुनिया के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सीजफायर का ऐलान किया। इसके बाद ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने सेना को हमले की कार्रवाई रोकने का आदेश दिया।
ट्रंप के पोस्ट के बाद ईरान के सुप्रीम नेशनल काउंसिल ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि दुश्मन ने ईरानी के खिलाफ अपनी अन्यायपूर्ण, अवैध और आपराधिक जंग में ऐतिहासिक और करारी हार झेली है। अमेरिका को ईरान के 10-सूत्री प्रस्ताव को मानने पर मजबूर होना पड़ा।
ईरान ने पाकिस्तान की मध्यस्थता में 10 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद में होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेने की पुष्टि कर दी है. बैठक में ईरान, पाकिस्तान, अमेरिका, चीन और सऊदी अरब के उच्चस्तरीय प्रतिनिधि शामिल होंगे. बैठक का मुख्य एजेंडा 2 हफ्ते के सीजफायर को लागू करना, होर्मुज जलडमरूमध्य खोलना और स्थायी शांति की दिशा में बातचीत करना है. वहीं ईरान चाहता है कि परमानेंट सीजफायर और हमलों का अंत होना चाहिए.
अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के विभिन्न इलाकों में रातभर किए हवाई हमलों में 15 लोगों की मौत हो गई. हमले ब्रिजेस, रेलवे स्टेशन, खार्ग आइलैंड के मिलिट्री टारगेट्स और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए. ईरानी मीडिया के अनुसार कई जगहों पर सिविलियन इलाकों में भी नुकसान हुआ. जंग शुरू होने से अब तक कुल मौतों की संख्या बढ़कर 2,000 के पार हो गई है.
अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के विभिन्न इलाकों में रातभर किए हवाई हमलों में 15 लोगों की मौत हो गई. हमले ब्रिजेस, रेलवे स्टेशन, खार्ग आइलैंड के मिलिट्री टारगेट्स और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए. ईरानी मीडिया के अनुसार कई जगहों पर सिविलियन इलाकों में भी नुकसान हुआ. जंग शुरू होने से अब तक कुल मौतों की संख्या बढ़कर 2,000 के पार हो गई है.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने ट्वीट कर कहा कि “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ईरान द्वारा स्ट्रेट आफ होर्मुज की नाकाबंदी जैसे वैश्विक खतरे पर निर्णायक कार्रवाई करने में फिर विफल रही. स्ट्रेट आफ होर्मुज सभी जहाजों के लिए खुला रहना चाहिए, जो विश्व अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की महत्वपूर्ण कड़ी हैं. इस क्षेत्र के देशों ने स्पष्ट रुख जताया है. हम मध्य पूर्व और खाड़ी देशों के लोगों की शांति की आकांक्षा का समर्थन करते हैं. इस युद्ध को लंबा नहीं खींचा जाना चाहिए.”जेलेंस्की ने UNSC को अधिक प्रभावी और निर्णायक बनने की अपील भी की.
बगदाद के ग्रीन जोन में अमेरिकी दूतावास के पास पांच जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई। ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों ने रॉकेट और ड्रोन से हमला किया। ज्यादातर हमले अमेरिकी हवाई सुरक्षा ने रोक लिए, लेकिन धमाकों और धुएं की रिपोर्ट आई।
इजराइली एयर फोर्स ने तेहरान के महराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट समेत तीन एयरपोर्ट्स पर बड़े हमले किए. IRGC के इस्तेमाल वाले मिलिट्री एयरक्राफ्ट, हेलिकॉप्टर और रनवे टारगेट थे. सोशल मीडिया और न्यूज फुटेज में एयरपोर्ट की दिशा से भारी धुआं, आग की लपटें और ब्लास्ट दिखे. ईरान ने इसे सिविलियन टारगेट पर अटैक बताया, नागरिकों की मौतों की आशंका. जवाबी मिसाइल हमले जारी.
ब्रिटेन के PM केयर स्टार्मर ने अमेरिका को साफ इनकार कर दिया है कि US ब्रिटिश बेस का इस्तेमाल ईरान के ब्रिजेस, पावर प्लांट्स, सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर या एनर्जी टारगेट्स पर आक्रामक हमलों के लिए नहीं कर सकता. उनके बेस का इस्तेमाल केवल डिफेंसिवऑपरेशन्स के लिए हो सकता है.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई “सभ्यता खत्म करने” की धमकी ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है. इस गंभीर मुद्दे पर अब ईसाई धर्मगुरु पोप लियो XIV का बड़ा बयान सामने आया है. पोप ने ट्रंप की इस बयानबाजी को ‘पूरी तरह से अस्वीकार्य’ करार दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है.
इजरायल रक्षा बलों (IDF) ने ईरान के शिराज में एक प्रमुख सैन्य केंद्र पर हमला किया. यह केंद्र विशेष रूप से सोनार और पानी के नीचे पता लगाने वाली प्रणालियों के उत्पादन के लिए जाना जाता था. इस केंद्र का उपयोग पनडुब्बियों, युद्धपोतों, गोताखोरों और पानी के नीचे मार करने वाली मिसाइलों का पता लगाने वाली तकनीक बनाने के लिए किया जाता था. शिराज के अलावा, इजराइल ने कराज में भी हमले किए. यहां नौसेना की क्रूज मिसाइल और वायु रक्षा प्रणालियों के मुख्य केंद्रों को निशाना बनाया गया है.
मिडिल ईस्ट में जारी भीषण तनाव के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया (X) के जरिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सीधे तौर पर गुजारिश की है कि कूटनीति को अपना काम करने देने के लिए तय समय सीमा (डेडलाइन) को दो सप्ताह के लिए और बढ़ा दिया जाए. शरीफ का मानना है कि इस अतिरिक्त समय से बातचीत के जरिए युद्ध समाप्त करने का रास्ता साफ हो सकता है. पाकिस्तान ने न केवल अमेरिका, बल्कि ईरान से भी इस शांति प्रक्रिया में सहयोग मांगा है. पीएम शरीफ ने ‘ईरानी भाइयों’ से पूरी निष्ठा के साथ अनुरोध किया है कि वे सद्भावना के तौर पर हॉर्मुज जलडमरूमध्य को अगले दो सप्ताह के लिए खोल दें.
ईरानी अधिकारी ने बताया कि UN सेक्रेटरी के दूत बातचीत के लिए तेहरान जा रहे हैं.
डोनाल्ड ट्रंप की डेडलाइन खत्म होने में कुछ घंटे बाकी है. ऐसे में ईरान ने उससे पहले इजरायल पर मिसाइलों की बारिश कर दी है.
रियाद में US एम्बेसी ने अमेरिकी नागरिकों को चल रहे जंग के बीच सऊदी अरब की यात्रा पर दोबारा विचार करने की सलाह दी है. एडवाइजरी में US नागरिकों से कहा गया है कि इस साल मक्का की सालाना हज यात्रा में भाग लेने पर दोबारा विचार करें.
ईरान-इजरायल और अमेरिका का युद्ध अब अपने छठे हफ्ते में पहुंच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी कि 'पूरे देश को मंगलवार की एक ही रात में कब्जे में लिया जा सकता है.' यह टिप्पणी होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की उनकी समय सीमा से पहले आई है.
इसके अलावा, सऊदी अरब की वायु रक्षा प्रणालियों ने देश के पूर्वी हिस्से की ओर दागी गई सात बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच में ही रोककर नष्ट कर दिया; उसके रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने मंगलवार को यह जानकारी दी.
---विज्ञापन---
इसके अलावा इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने मंगलवार को एक सार्वजनिक चेतावनी जारी की, जिसमें पूरे ईरान के लोगों से ट्रेनों और रेलवे इंफ्रास्क्चर का इस्तेमाल न करने की अपील की गई. IDF ने कहा कि ऐसा करने से उनकी जान को खतरा हो सकता है.
---विज्ञापन---
ट्रंप ने दी नई टाइमलाइन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की एक नई समय-सीमा तय की है. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने चेतावनी दी कि मंगलवार को रात 8:00 बजे (ईस्टर्न टाइम) तक का ही समय है.
उन्होंने धमकी दी कि अगर तेहरान ने स्ट्रेट को फिर से नहीं खोला, तो वह ईरान के पावर प्लांट और अहम बुनियादी ढांचों पर बमबारी करेंगे. इसके जवाब में, ईरानी अधिकारियों ने कहा कि जब तक देश को युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक स्ट्रेट बंद ही रहेगा.
ताजा अपडेट्स के लिए देखते रहें News24 लाइव.
क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बेहद अहम समुद्री रास्ता है. यह ओमान और ईरान के बीच है, जो कि फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है. अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन इसे "दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल ट्रांजिट चोकपॉइंट” यानी तेल का सबसे अहम संकरा रास्ता बताता है.
होर्मुज स्ट्रेट से गुजरता है दुनिया के लिए तेल
इस रास्ते का सबसे संकरा हिस्सा सिर्फ 33 किलोमीटर चौड़ा है और जहाजों के लिए आने-जाने का रास्ता में सिर्फ दो मील तक चौड़ा है, जिस कारण अगर यहां समुद्री ट्रैफिक या जरा सी भी गड़बड़ी होती है, तो पूरी दुनिया के लिए सिरदर्द बन सकता है. सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और इराक जैसे ओपेक देशों के तेल कुओं से भारी मात्रा में निकला कच्चा तेल इसी रास्ते से दुनिया के बड़े हिस्से में सप्लाई किया जाता है.
वोर्टेक्स नाम की ऊर्जा और शिपिंग मार्केट रिसर्च कंपनी के मुताबिक, हर दिन करीब दो करोड़ बैरल कच्चा तेल और ईंधन इस समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है. कतर, जो दुनिया के सबसे बड़े लिक्विफैड नेचुरल गैस (एलएनजी) उत्पादकों में से एक है. वह भी अपने गैस निर्यात के लिए इस रास्ते पर बहुत ज्यादा निर्भर है.