जॉर्डन में अमेरिकन एंबेसी ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। चेतावनी दी गई है कि अमेरिकी नागरिक शेल्टर में रहें और सिक्योरिटी एडवाइजरी का पालन करें। जॉर्डन के एयरस्पेस में मिसाइल, ड्रोन और रॉकेट घूम रहे हैं। तुरंत कवर और पनाह लें। घर के अंदर रहें और लोकल अनाउंसमेंट और अलर्ट पर ध्यान दें।
ईरान ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन के अल-अजराक एयर बेस और उसके कंट्रोल सेंटर पर 12 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। अमेरिकी सेना के F-35, F-15 और F-16 लड़ाकू विमानों के ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है। अमेरिकी फाइटर जेट्स नष्ट हुए हैं। यह कार्रवाई अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के कारज, नजर आबाद और पिशवा इलाकों के पास किए गए हमलों का जवाब है।
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जॉर्डन के अल-अजराक और मुवफ्फाक साल्टी एयरबेस पर धमाके हुए हैं। इन दोनों एयरबेस पर अमेरिकी सैन्य कर्मी तैनात रहते हैं और यह क्षेत्र में अमेरिका को सैन्य ऑपरेशनों को संभालने में मदद करते हैं। वहीं जॉर्डन ने ईरान के हमलों को रोकने का दावा किया है।
अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर ईरान के हमलों को देखते हुए कुवैत सिविल एविएशन ऑथोरिटी ने अपने एयरस्पेस को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। कुवैत आने-जाने वाली सभी उड़ानों के रूट बदल दिए गए हैं और उन्हें दूसरे सुरक्षित रास्तों पर डायवर्ट किया जा रहा है।
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राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि 49 टॉमाहॉक मिसाइलों ने ईरान को हिला दिया है। पिछले कुछ घंटों में अमेरिका ने ईरान के भीतर चिन्हित लक्ष्यों पर 49 टॉमहॉक मिसाइलें दागीं। उनके अनुसार अमेरिकी लड़ाकू जेट्स ने ईरान के आकाश में आसानी से अपना ऑपरेशन चलाया। अगर ईरान किसी समझौते पर नहीं आता तो उन पर और कड़े हमले करेंगे।
मिडिल ईस्ट में फिर छिड़ी जंग को देखते हुए बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने इराक में अमेरिकी नागरिकों को सतर्क रहने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की सख्त हिदायत दी है। अरब देशों में रहने वाले सभी अमेरिकी नागरिकों को सतर्क रहने को कहा गया है।
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ईरान ने अमेरिका की धमकियों का जवाब दिया है। ईरान के राष्ट्रपति पेजेशिकयान ने ट्वीट करके चेतावनी दी है कि इन्फ्रास्ट्रक्चर जनता की जीवन-रेखा है। परिवहन नेटवर्क, बिजली व जल जैसे बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना ताकत का प्रदर्शन नहीं, बल्कि राष्ट्र की इच्छाशक्ति के सामने हताशा की निशानी है। ईरान अपनी राष्ट्रीय एकता और एकजुटता पर भरोसा करके किसी भी दबाव या खतरे का डट कर सामना करेगा।
संयुक्त राष्ट्र (UN) में ईरान के राजदूत ने देश का रुख पूरी तरह साफ कर दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की धमकी, डराने-धमकाने या बल प्रयोग के चलते कभी भी कोई टिकाऊ समझौता नहीं होगा। ईरान ने कभी भी खतरों के साए में बातचीत नहीं की है और न ही वह कभी दबाव के आगे सरेंडर करेगा। अमेरिका के हमलों का खामियाजा पूरे मध्य पूर्व को भुगतना होगा।
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अमेरिका के हमलों के जवाब में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह बंद कर दिया है। अब किसी भी देश के समुद्री जहाज को होर्मुज से गुजरने नहीं दिया जाएगा। साफ चेतावनी दी गई है कि अगर कोई जहाज होर्मुज से गुजरने की कोशिश करेगा तो उसे समुद्र में डुबो दिया जाएगा। ईरानी नेवी ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की कोशिश कर रहे दो जहाजों पर हमला किया है, जिससे दोनों जहाज आपस में टकरा गए।
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका के हमलों का जवाब दिया है। IRGC की एयरोस्पेस फोर्स और नेवी ने दो चरणों में अमेरिका के खिलाफ मिलिट्री ऑपरेशन चलाए। अमेरिका के अल-सलेम एयर बेस, अहमद अल-जाबेर एयर बेस और शेख ईसा एयर बेस पर मौजूद 18 अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमला किया।अमेरिकन नेवी की 5वीं फ्लीट के मुख्यालय (बहरीन) पर शाहिद-136 ड्रोन दागे और जॉर्डन में भी अमेरिका के एयरबेस को निशाना बनाया। गल्फ देशों ने ईरान के हमलों को रोकने का दावा किया है।
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अमेरिका ने ईरान पर बमबारी की है। अमेरिकी सेना ने तेहरान, बंदर अब्बास, किश, सिरिक, मिनाब और केशम द्वीप समेत कई इलाकों में मिसाइलें दागीं। ड्रोन से हमले किए और बमबारी की। इन इलाकों में धमाकों की जोरदार आवाजें सुनी गईं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका के ताजा हमलों की पुष्टि की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने घोषणा की कि कमांडर-इन-चीफ राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना ने ईस्टर्न टाइम के अनुसार शाम 5:15 बजे (ET) ईरान में कई ठिकानों पर आत्मरक्षा में हमले शुरू कर दिए।
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान में फिर युद्ध छिड़ गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान पर हवाई हमले किए हैं। वहीं ईरान ने भी जवाबी हमला करते हुए अरब देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। अमेरिका ने तेहरान, बंदर अब्बास, सिरिक, मिनाब, केशम द्वीप समेत कई शहरों में एयरबेस पर मिसाइल, ड्रोन से हमले किए और बम फेंके। वहीं ईरान की सेना ने जॉर्डन, बहरीन, कुवैत समेत कई अरब देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागी और ड्रोन से हमले किए।
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ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में जवाब दिया
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में अपना जवाब दे दिया है। ईरान के राजदूत ने स्पष्ट कर दिया है कि इस तरह दबाव में आकर ईरान न घुटने टेकेगा, न सरेंडर करेगा और न ही अमेरिका के साथ कोई समझौता करेगा, बल्कि अमेरिका हमले करेगा तो ईरान भी मुंहतोड़ जवाब देगा। अमेरिका के हमलों का खामियाजा अरब देशों के साथ-साथ पूरी दुनिया को भुगतना होगा, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का कंट्रोल है। अमेरिका के ताजा हमले होते ही इसे बंद करके जहाजों की आवाजाही रोक दी गई है।
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अमेरिका और ईरान में छिड़ी जंग में आज की कार्रवाई से जुड़े पल-पल के लाइव अपडेट्स के लिए बने रहें News 24 के साथ...
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