मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान एक दूसरे पर हमले का रहे हैं। इधर वेस्ट बैंक में इजरायल की सेना ने हमले जारी रखे हुए हैं। गिरफ्तारियां, घरों को गिराने की कार्रवाई, जमीन पर कब्जा और लोगों को बेदखल किया जा रहा है। रामल्ला, नाबलुस, जेनिन और पूर्वी यरुशलम समेत कई क्षेत्रों में सैन्य अभियान जारी है।
ईरान की सेना ने खाड़ी देशों कतर, बहरीन और कुवैत में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर ड्रोन अटैक किया है। ईरान के मुताबिक, कुवैत में Patriot मिसाइल सिस्टम, कतर में चेतावनी देने वाले सैटेलाइट एंटीना और बहरीन में अमेरिकी सेना के ईंधन टैंकों पर हमला किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के नापाक इरादों को किसी कीमत पर पूरा नहीं होने देंगे। इस्लाम और इस्लामिक क्रांति के उद्देश्यों की रक्षा आखिरी सांस तक की जाएगी।
---विज्ञापन---
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमनपोर ने अमेरिका के हमले में 14 लोगों की मौत होने का दावा किया है। वहीं 78 घायल हुए हैं, जिनमें से 47 अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। अन्य घायलों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।हमले से प्रभावित इलाकों में राहत, बचाव और उपचार का काम जारी है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका अब ईरान में विध्वंस मचाएगा। ईरान के हर हमले का 20 गुना ज्यादा ताकत से दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान समझौता करने के लिए बेताब है। वहीं ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि धमकियां और वादे तोड़ने की कीमत अब चुकानी पड़ेगी।
---विज्ञापन---
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कुवैत और बहरीन मेंअमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है। अमेरिका की कार्रवाई के जवाब में सजा देने वाली जवाबी कार्रवाई का पहला चरण इन हमलों को बताया है। ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों के साथ पूर्वी ईरान में अमेरिका के हमलों के बाद नौसेना और एयरोस्पेस फोर्स ने मिलकर मिलिट्री ऑपरेशन शुरू किया। कुवैत के आरिफजान और अली अल सलेम, बहरीन के जुफैर और शेख ईसा स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर हमला किया।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के पूर्वी हिस्से में मशहद जाने वाले 2 पुलों को निशाना बनाकर हमला किया और उन्हें तबाह कर दिया। यह हमला दिवंगत सर्वोच्च नेता के अंतिम विदाई समारोह को प्रभावित करने की कोशिश है। अमेरिका की इस आक्रामक कार्रवाई को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ा जाएगा। ईरान की नौसेना और एयरोस्पेस फोर्स ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन अटैक किया।
---विज्ञापन---
अमेरिकी हमलों के जवाब में जवाब में ईरान की तरफ से अमेरिका और गल्फ में उसके सहयोगी देशों पर पलटवार की तैयारी है। इसके चलते बहरीन और कुवैत में ईरानी हमलों के बाद अलर्ट जारी कर दिया गया है। जॉर्डन के पूर्वी इलाके में सायरन बजने की रिपोर्ट है। कतर, बहरीन और कुवैत में चेतावनी संदेश भेजे गए हैं। खास बात यह है कि बीती रात के हमलों में बहरीन ने भी अमेरिका को सहयोग किया। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका के MQ9 Reaper ड्रोन का नष्ट किया है।
ईरान में हमलों को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि यह ईरान के द्वारा जहाजों पर बमबारी के बदले में बोला गया हमला है। अगर यह फिर हुआ तो परिणाम और भी भयानक होंगे। हालांकि ट्रंप ने इस बयान के साथ चाबहार में हुए नुकसान की जो तस्वीर साझा की वो AI जनेटिड है, लेकिन ट्रंप ने लिखा है कि अगर हमें वे मारेंगे तो हर बार हम उन्हें बीस गुना मरेंगे। हमारा पलटवार जोरदार होता है।
---विज्ञापन---
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अपने ऑफिशियल X हैंडल पर लिखा है कि अमेरिका ने ईरान पर और हमले शुरू कर दिए हैं। इन हमलों का मकसद होर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही की आजादी को खतरा पहुंचाने की ईरान की क्षमता को कम करना है। अमेरिका ने ईरान को हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट में वाणिज्यिक जहाजों और सिविल क्रू पर बिना वजह के हमले करने का जिम्मेदार माना है।
ईरान अमेरिका के हमलों का पलटवार कर रहा है। ईरान की तरफ से ऑफिशियल X हैंडल पर लिखा गया है कि अमेरिका अब तक यह नहीं समझ पाया है कि दबंगई और वादाखिलाफी का जवाब दिया जाएगा। संदेश साफ है कि हमला करो, हमले खाओगे। बेकार संघर्ष मत करो, वरना और गहरे धंस जाओगे। ईरान की संसद के स्पीकर गालिबाफ ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट सिर्फ ईरानी की व्यवस्था से खुलेगा, अमेरिका की धमकियों से नहीं।
---विज्ञापन---
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान फिर आमने-सामने हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की धमकी के अनुसार लगातार दूसरी रात दक्षिणी ईरान में अमेरिका ने ताबड़तोड़ हमले किए। दक्षिणी ईरान में कई बंदरगाहों और सैन्य स्थलों को बड़े पैमाने पर किए गए हवाई हमले से नुकसान पहुंचा। जिन इलाकों को नुकसान पहुंचा, उनमें बंदर अब्बास, चाबहार, कोनारक, बुशहर और सीरिक शामिल हैं।
चाबहार में समुद्री यातायात नियंत्रण टावर को निशाना बनाया गया। चाबहार और दक्षिणी ईरान के अधिकांश हिस्सों में पावर आउटेज दर्ज किए गए है। चाबहार के इमाम अली हॉस्पिटल को नुकसान पहुंचा है। बंदर-ए-लंगेह और बंदर-ए-जस्क में भी विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं, जो अमेरिकी हवाई हमलों का परिणाम बताई जा रही हैं। वहीं हमलों से लोगों में दहशत का माहौल भी बना हुआ है।
मध्य पूर्व में तनाव फिर गहरा गया है और अमेरिका-ईरान में फिर महायुद्ध छिड़ गया है। ताजा विवाद होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही को लेकर बनाए गए रास्तों को लेकर है। अमेरिका के द्वारा प्रस्तावित ओमान वाले रास्ते से आने-जाने के कारण ईरान ने 7 जुलाई को 3 समुद्री जहाजों पर हमला किया। अमेरिका ने इसे सीजफायर का उल्लंघन माना और ईरान पर जवाबी सैन्य कार्रवाई की। अमेरिका लगातार 2 दिन से ईरान पर हमले का रहा है। ट्रंप ने ईरान में विध्वंस मचाने का संकल्प लिया है।
---विज्ञापन---
अमेरिका और ईरान फिर से बढ़े तनाव से जुड़े पल-पल के लाइव अपडेट्स के लिए बने रहें News 24 के साथ...
---विज्ञापन---
---विज्ञापन---