ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के अनुसार, स्विट्जरलैंड में अमेरिका के साथ 80 मिनट चली पहले दौर की वार्ता में युद्ध खत्म करने, प्रतिबंधों में राहत और फ्रीज किए गए फंड को जारी करने पर फोकस रहा। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि समझौता ज्ञापन (MoU) की सभी शर्तें हमारे पक्ष में हैं। कतर में फ्रीज ईरान के 6 अरब डॉलर समझौते के तहत ही वापस किए जाएंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी पर ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने करारा जवाब दिया। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि ट्रंप सावधानी से भाषा का प्रयोग करेंगे। अमेरिका की धमकियों का हमारे लिए कोई महत्व नहीं है। उन्हें अपने बयानों को लेकर ज्यादा सावधान बरती चाहिए। हमारी सशस्त्र सेनाएं तैयार हैं उन्हें जवाब देने के लिए और ट्रंप जैसी कार्रवाई करेंगे, उसी कार्रवाई में उन्हें जवाब मिलेगा।
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स्विट्जरलैंड में मीटिंग शुरू होने से कुछ मिनट पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ईरान को धमकाते हुए एक पोस्ट की। उन्होंने लिखा कि ईरान को लेबनान में अपनी फंडिंग वाले प्रॉक्सी ग्रुप बंद करने होंगे। अगर ऐसा नहीं हुआ तो ईरान पर फिर बहुत बड़ा हमला करेंगे। फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने ईरान के द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की धमकी पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि जरूरत पड़ी तो अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट को अपने कब्जे में लेगा और इससे टोल टैक्स वसूलेगा।
ट्रंप की धमकी से भड़के ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में शामिल मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने फोटो सेशन में शामिल होने से इनकार कर दिया। ईरानी वार्ताकारों ने मीटिंग शुरू करने से पहले औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई। कुछ देर बातचीत के बाद शर्त रखी कि अगले दौर की बातचीत तभी होगी, जब लेबनान में पूर्ण युद्धविराम हो जाएगा।
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स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में बीते दिन अमेरिका और ईरान की वार्ता हुई, जिसे ईरान ने बीच में ही छोड़ दिया। साथ ही आगे बातचीत करने के लिए शर्त रखी। ईरान के वॉकआउट की वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी है, जो उन्होंने बातचीत शुरू होने से पहले ईरान को धमकी दे दी थी। इससे ईरानी प्रतिनिधिमंडल भड़क गया और मीटिंग हॉल से चला गया। अमेरिकी प्रतिनिधि जेडी वेंस और मध्यस्थ देश प्रतिनिधि शहबाज शरीफ देखते रह गए।
स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान की शांति वार्ता 'फेल' हो गई है। ईरान ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए बीच में मीटिंग से वॉकआउट किया। वहीं अब आगे किसी भी मुद्दे पर अमेरिका के साथ बातचीत करने के लिए शर्त रख दी। वजह अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की धमकी थी, जिस पर ईरान ने आपत्ति जताई। हालांकि ईरान शांति और परमाणु वार्ता बंद नहीं करेगा, लेकिन अब वार्ता तब होगी, जब लेबनान में पूर्ण युद्धविराम हो जाएगा। अमेरिका और इजरायल के रवैये से ईरान इतना भड़का हुआ है कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ फोटो खिंचवाने और हाथ मिलाने से भी मना कर दिया।
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