US Faces Bigger Challenge in Strait of Hormuz: स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज काफी वक्स से ईरान और यूएस के बीच टेंशन की बड़ी वजह बना हुआ है, और इसको लेकर तनाव और बढ़ सकता है. दरअसल अमेरिका एक और एयरक्राफ्ट कैरियर को मिडिल ईस्ट की तरफ भेज रहा है. ऐसा 'यूएसएस अब्राहम लिंकन' पर लंबे समय से चल रही तैनाती, सैनिकों के मनोबल और सप्लाई की सिचुएशन को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण किया जा रहा है. ये जहाज ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों में मदद कर रहा था.

यहां दिखी थी अमेरिकी वार शिप?

'यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन' पिछले हफ्ते वियतनाम के दा नांग बंदरगाह से निकला था और बाद में इसे सिंगापुर स्ट्रेट में एक क्रूजर और डिस्ट्रॉयर के साथ जाते हुए देखा गया. अमेरिकी नौसेना के एक अधिकारी ने बताया कि ये कैरियर स्ट्रेट ऑफ मलक्का में काम कर रहा था और हिंद महासागर की तरफ बढ़ रहा था. खबरों के मुताबिक, ये इस इलाके में तैनात अमेरिकी कैरियर में से एक के तौर पर आखिरकार लिंकन की जगह ले सकता है. ये कदम ऐसे वक्त में उठाया गया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका का स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर कंट्रोल है और वो इस नियंत्रण को बनाए रखना चाहता है.

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'यूएसएस लिंकन' पर बढ़ती चिंताएं

यूएसएस अब्राहम लिंकन 260 दिनों से ज्यादा समय से समुद्र में है, जो हाल के अमेरिकी नौसेना इतिहास में सबसे लंबी तैनाती में से एक है. नवंबर 2025 में सैन डिएगो से निकला और जनवरी में मिडिल ईस्ट पहुंचा ये कैरियर, अपने तकरीबन 5,000 नाविकों के बीच गिरते मनोबल और सीरियस मेंटल हेल्थ की चिंताओं की खबरों का सामना कर रहा है.

नौसेना ने युद्ध अभियानों के कारण रीजनल सप्लाई रूट में रुकावट आने से हुई लॉजिस्टिकल दिक्कतों को भी स्वीकार किया है. खबरों के मुताबिक, मेल डिलीवरी के बजाय भोजन और साफ-सफाई के सामान की सप्लाई को प्रायोरिटी दी गई. बाद में अधिकारियों ने कहा कि नाविकों के पास पीने का साफ पानी और पर्याप्त भोजन अवेलबल था.

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पेंटागन ने खराब हालात की खबरों को नकारा

अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने खराब हालात की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें काफी गलत तरीके से पेश किया गया था. उन्होंने मुश्किल हालात में भी अभियान जारी रखने के लिए नाविकों की तारीफ की. हालांकि, कई डेमोक्रेटिक सांसदों ने ज्यादा ट्रांसपेरेंसी और कांग्रेस की निगरानी की मांग की है. सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने नौसेना अधिकारियों से जवाब मांगा है, जबकि सीनेटर रूबेन गैलेगो ने निगरानी के लिए दौरे का प्रस्ताव रखा है. होर्मुज के आसपास अमेरिका का दबाव बनाए रखने और ईरान के साथ टकराव को लेकर अनिश्चितता जारी रहने के कारण, लंबे समय तक तैनाती का तनाव तेहरान के साथ सैन्य टकराव के अलावा वॉशिंगटन के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है.

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