US Diesel Price Hike: अमेरिका में ईंधन की महंगाई ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. अमेरिकन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन (AAA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 19 सितंबर को अमेरिका में डीजल की राष्ट्रीय औसत कीमत उछलकर 6.4866 डॉलर प्रति गैलन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. महज एक हफ्ते पहले यह कीमत 6.16 डॉलर थी. इसका सीधा मतलब यह है कि सिर्फ सात दिनों के भीतर डीजल के दाम में लगभग 33 सेंट यानी 5.3% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. AAA के आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि हालिया बढ़ोतरी के बाद अमेरिका में डीजल एक साल पहले की तुलना में लगभग 75% अधिक महंगा हो चुका है. पिछले साल इसी अवधि के दौरान राष्ट्रीय औसत कीमत 3.71 डॉलर प्रति गैलन थी.
पश्चिम एशिया के तनाव की तरह से हुई बढ़ोतरी
ईंधन की इस बेतहाशा बढ़ोतरी की मुख्य जड़ पश्चिम एशिया में छिड़ा तनाव है. अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर सैन्य हमला किया था. युद्ध की शुरुआत से ठीक पहले यानी 27 फरवरी को डीजल का भाव 3.75 डॉलर था, जो अब 6.49 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर आ चुका है. यानी होर्मुज संकट के बाद से आम अमेरिकी उपभोक्ता को प्रति गैलन लगभग 73 फीसदी अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है. जैसे-जैसे यह जंग खिंच रही है, डीजल की बढ़ती कीमतें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए भी बड़ी राजनीतिक सिरदर्दी बनती जा रही हैं.
कैलिफोर्निया में सबसे बुरा हाल, $8.41 प्रति गैलन पहुंचा भाव
राज्य स्तर पर देखें तो कैलिफोर्निया इस समय अमेरिका का सबसे महंगा फ्यूल मार्केट बना हुआ है. AAA के आंकड़ों के अनुसार, कैलिफोर्निया में डीजल की औसत कीमत 8.4161 डॉलर प्रति गैलन दर्ज की गई है, जो कि देश के राष्ट्रीय औसत से भी करीब 2 डॉलर प्रति गैलन ज्यादा है. डीजल महंगा होने का सीधा असर माल ढुलाई, खेती और रोजमर्रा की जरूरी चीजों की सप्लाई पर पड़ रहा है, जिससे आने वाले दिनों में अमेरिका में खुदरा महंगाई और भड़कने की आशंका है.
आम जनता में नाराजगी, ट्रंप पर बढ़ा दबाव
बढ़ती महंगाई ने सीधे तौर पर मध्यम और कामकाजी वर्ग को प्रभावित किया है. ट्रंप हमेशा से सस्ती ऊर्जा, घरेलू तेल उत्पादन बढ़ाने और महंगाई पर लगाम लगाने का वादा करते रहे हैं. ऐसे में डीजल के रिकॉर्ड दाम उनके इन दावों पर उल्टा असर डाल रहे हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि कीमतों पर जल्द काबू नहीं पाया गया, तो इसका सीधा खामियाजा ट्रंप को चुनावी नतीजों और अपनी लोकप्रियता में गिरावट के रूप में भुगतना पड़ सकता है.