US Iran War New Update: मध्य पूर्व में महायुद्ध का शंखनाद होने वाला है। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रिपोर्ट दी है कि सेना शनिवार को ही ईरान पर संभावित हमले के लिए तैयार है। वहीं राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान परमाणु समझौता नहीं करता है तो अमेरिका को डिएगो गार्सिया और ब्रिटेन में स्थित अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल हमले के लिए करना पड़ सकता है।

अमेरिका के मित्र देशों पर भी हमला संभव

उन्होंने चेतावनी दी है कि ईरान की ओर से ब्रिटेन के साथ-साथ अन्य मित्र देशों पर भी हमला किया जा सकता है। ईरान के द्वारा अपने परमाणु कार्यक्रम को बंद करने से इनकार कर दिया है, जिसके चलते परमाणु वार्ता फेल हो गई है। फिर भी राष्ट्रपति ट्रंप 15 दिन का समय मानकर चल रहे हैं, लेकिन अमेरिका ने पिछले 24 घंटे में मध्य पूर्व में 50 से अधिक लड़ाकू विमान तैनात किए हैं, जिससे तनाव और बढ़ गया है।

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हजारों ठिकाने अमेरिकी सेना के निशाने पर

बता दें कि अमेरिका और ईरान एक बड़े युद्ध की कगार पर खड़े है। सैन्य और राजनीतिक स्थलों सहित हजारों ठिकानों को निशाना बनाते हुए अमेरिकी हमलों की एक लहर चलने की आशंका है। पहले से फाइनल किए गए टारगेट्स पर भी हमला हो सकता है। अमेरिका ने पहले ही अपनी नौसेना का एक तिहाई हिस्सा मध्य पूर्व में तैनात कर दिया है। इसमें लड़ाकू विमान और 2 विशालकाय विमानवाहक पोत शामिल हैं।

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2 विशाल युद्धपोत और 33 समुद्री जहाज तैनात

हथियारों से लैस 150 से अधिक विमान दोनों युद्धपोत पर तैनात हैं। एक दिन में 50 F-35, F-22 और F-16 लड़ाकू विमानों को इस क्षेत्र में तैनात किया गया है। करीब 33 समुद्री जहाज भी तैनात हैं, जिनमें विध्वंसक पोत और टोमाहॉक मिसाइलों से लैस पनडुब्बियां शामिल हैं। ईरान के खिलाफ अमेरिका का यह अभियान आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली अभियान बन सकता है।

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