US Air Force C-17 Lands in Moscow: मॉस्को में सोमवार, 24 अगस्त की सुबह अमेरिकी एयर फोर्स का बोइंग C-17A ग्लोबमास्टर III विमान उतरे हुए देखा गया, जिससे ग्लोबल लेवल पर इस उड़ान के मकसद को लेकर अटकलें शुरू हो गईं. रूस की सरकारी समाचार एजेंसी TASS ने फ्लाइट-ट्रैकिंग जानकारी के आधार पर विमान के आने की खबर दी. ऐसा तब हो रहा है जब रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है.

इस रूट से आया विमान

ऑनलाइन एविएशन डेटा से पता चला कि मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान ने वॉशिंगटन इलाके से अपना सफर शुरू किया और मॉस्को की तरफ बढ़ने से पहले चार्ल्सटन और लातविया के रीगा में रुका. खबरों के मुताबिक, EU एयर ट्रैफिक कंट्रोल के एक सूत्र ने TASS को कंफर्म किया कि विमान लातविया से रवाना हुआ और उसके बाद रशियन एयरस्पेस की तरफ उड़ा.

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क्रेमलिन का बयान

विमान के आने की खबरों के बावजूद क्रेमलिन की तरफ से कहा गया कि उसे इस फ्लाइट या उसके मकसद के बारे में कोई जानकारी नहीं है. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कथित तौर पर कहा कि इस हफ्ते मॉस्को में अमेरिकी प्रशासन के प्रतिनिधियों के साथ कोई बैठक तय नहीं थी.

C-17 का मिशन अभी भी क्लियर नहीं है. न तो अमेरिकी रक्षा विभाग और न ही रूस के विदेश मंत्रालय ने पब्लिकली बताया है कि प्लेन मॉस्को क्यों गया या उसमें क्या ले जाया जा रहा था. C-17 ग्लोबमास्टर III एक लंबी दूरी का रणनीतिक ट्रांसपोर्ट विमान है जिसका इस्तेमाल यूएस मिलिट्री सैनिकों, व्हीकल, इक्विपमेंट्स और दूसरे सामान को ले जाने के लिए करती है.

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रूस-यूक्रेन वार के बीच ऐसी घटना

इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि विमान राजनयिक इंतेजाम, कैदियों के अदला-बदली या दूसरे द्विपक्षीय मामलों में शामिल था. ऐसी एक्टिविचीज से कोई भी कनेक्शन सिर्फ अटकलें ही हैं, जब तक कि अधिकारी और जानकारी न दें. ये अनयूजुअल फ्लाइट रूस-यूक्रेन जंग के दौरान अमेरिका-रशिया के टेंशनभरे रिश्तों के बीच हुई है. वॉशिंगटन और उसके यूरोपीय सहयोगियों ने मॉस्को पर बड़े पैमाने पर बैन लगाए हैं, जबकि रूस ने उन देशों के विमानों के लिए अपने एयरस्पेस तक पहुंच को बैन कर दिया है जिन्हें वो फ्रेंडली नहीं मानता है. इसलिए C-17 के लैंड करने की खबर एक असामान्य घटना के तौर पर सामने आई है, हालांकि इसकी वजह का पता फिलहाल नहीं चल पाया है.

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