अमेरिका में पहले से भी वीजा को लेकर काफी बवाल मचा हुआ है। यूनाइटेड स्टेट्स सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज ने घोषणा की है कि एक नए प्रपोजल के तहत वीजा आवेदकों के सोशल मीडिया हैंडल को स्कैन करना शुरू कर दिया है। इसका मतलब यह है कि इंस्टाग्राम, फेसबुक, एक्स या यहां तक कि टिकटॉक पोस्ट भी आपके वीजा और ग्रीन कार्ड आवेदन को खारिज कर सकते हैं।
यूएससीआईएस ने इस हफ्ते एक नोटिस देते हुए कहा है कि अमेरिका का परमानेंट सिटीजन होने का दर्जा पाने के लिए आवेदन करने वालों पर नया नियम लागू होगा, चाहे वे विदेशी नागरिक, विदेशी छात्र और फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद विरोधी हों। गुरुवार को एक फेडरल जज ने ट्रंप प्रशासन को यह अनिवार्य रूप से लागू करने की इजाजत दे दी है। अमेरिका में जो गैर-नागरिक रह रहे हैं, उनको भी अपने आप को रजिस्टर कराना होगा।
शुक्रवार तक कराना होगा रजिस्टर
बता दें कि अमेरिका में जो गैर-नागरिक रह रहे हैं, उनको शुक्रवार तक रजिस्टर कराना होगा। यूएससीआईएस (USCIS) ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फिलिस्तीनी विरोधियों, विदेशी आतंकवादियों तथा अन्य नेशनल सिक्योरिटी और पब्लिक सेफ्टी खतरों से संयुक्त राज्य अमेरिका की सुरक्षा पर दिए गए कार्यकारी आदेशों का हवाला दिया। यह भी कहा है कि होमलैंड सुरक्षा विभाग(DHS) सभी इमीग्रेशन कानूनों को अधिकतम सीमा तक लागू करेगा। इनका उद्देश्य यह है कि मातृभूमि को चरमपंथियों और आतंकवादी एलियंस से बचाया जा सके।
सोशल मीडिया पोस्ट बनी खतरे की घंटी
अमेरिका इमीग्रेशन अधिकारियों के लिए इंस्टाग्राम, फेसबुक, ट्विटर और टिकटॉक पोस्ट खतरे की घंटी दिखाई देती नजर आ रही है। इसलिए यूएससीआईएस ने कहा है कि यहूदी विरोधी आतंकवाद, हिंसक यहूदी विरोधी विचारधाराओं, हमास, फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद, हिजबुल्लाह या हौथिस जैसे विरोधी आतंकवादी संगठनों का समर्थन करने वाली पोस्टों पर रेड फ्लैग लगाया जाएगा।
आतंकवाद समर्थकों के लिए कोई जगह नहीं
बता दें कि यूएससीआईएस अब सोशल मीडिया कन्टेंट को नेगेटिव मानेगा। डीएचएस की पब्लिक रिलेशन की असिस्टेंट सेक्रेटरी ट्रिशिया मैकलॉघलिन ने एक स्टेटमेंट में कहा है कि दुनियाभर के आतंकवाद समर्थकों के लिए अमेरिका में कोई जगह नहीं है और हम उन्हें यहां रखने के लिए उचित नहीं समझते हैं।
बता दें कि सेक्रेटरी नोएम ने यह क्लियर कर दिया है कि कोई भी सोचता है कि वह अमेरिका आ सकता है और यहूदी विरोधी हिंसा और आतंकवाद की वकालत करने के लिए पहले अमेंडमेंट के पीछे छिप सकता है, ऐसा नहीं है। उसे ऐसा करने से पहले 100 बार सोचना होगा। नहीं तो अंजाम भुगतना होगा।
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