बैंक खाते ठप, कैब बंद, घरों के डिजिटल लॉक जाम… रूस में यूक्रेनी अटैक के बाद ब्लैकआउट से हाहाकार

Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच कई सालों से जंग चल रहा है, जिसका खामियाजा दोनों मुल्कों को आम नागरिकों को भुगतना पड़ता है. हाल ही में यूक्रेन ने रूस के डेटा सेंटर्स पर एयर स्ट्राइक की थी, जिसके बाद वहां के आम नागरिकों को डिजिटल सर्विस में दिक्कतें आ रही हैं.

Russian Data Centre AI Image

रूस के डेटा सेंटर पर यूक्रेन का हमला (AI Image)

Ukrainian Strikes On Russian Data Centres: रशियन टेक्नोलॉजी कंपनी यांडेक्स की तरफ से ऑपरेट होने वाले डेटा केंद्रों पर यूक्रेनी हमलों के कारण कई डेली सर्विसेज में रुकावट पैदा हो गईं, जिससे कुछ यूजर्स डिजिटल पेमेंट करने, टैक्सी बुक करने या यहां तक कि अपने घरों की कुंडी खोलने में भी नाकाम हो गए. ये हमले संघर्ष में एक नया मोड़ लाते हैं, क्योंकि दोनों पक्ष तेजी से डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना रहे हैं. एनबीसी न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन में रूस के हमलों के बाद 8 अक्टूबर से शुरू हुए यूक्रेनी हमलों में यांडेक्स के 5 बड़े डेटा सेंटर्स में से 3 डैमेज हो गए.

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रशियन लोगों को अपने पैसे निकालने में परेशानी

इन रुकावटों से कंपनी का डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म यांडेक्स पे अफेक्ट हुआ, जिससे कुछ ग्राहक कई दिनों तक अपने पैसे नहीं निकाल पाए. सेंट पीटर्सबर्ग की ब्लॉगर इरिना ने एनबीसी न्यूज को बताया कि वो चार दिनों तक अपने पैसे का इस्तेमाल नहीं कर पाईं. ये रुकावट उनके किराए के पेमेंट की आखिरी तारीख के साथ हुई, और उन्हें बिजली के बिलों का भुगतान करने और अपने छोटे बच्चे के लिए भोजन खरीदने में कठिनाई हुई. दूसरे यूजर्स ने फूड ऑर्डर करने, टैक्सी बुक करने और यांडेक्स सर्विसेज के जरिए से स्टोर्ड फाइलों तक पहुंचने में मुश्किलों की खबर दी. कुछ लोगों को अपने घरों में प्रवेश करने में भी परेशानी हुई जब डिजिटल चाबियां काम करना बंद कर दीं.

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कैब बुकिंग में दिक्कत

मॉस्को के टैक्सी ड्राइवर्स ने कहा कि इस रुकावट के कारण वे अपनी कमाई का हिसाब नहीं रख पाए और पेमेंट नहीं निकाल पाए. एक ड्राइवर ने बार-बार एरर मैसेज और एक ही कस्टमर को कई कारें असाइन किए जाने की सूचना दी. हालांकि कई सेवाएं धीरे-धीरे ऑनलाइन हो गई हैं, लेकिन इस घटना ने एक ही टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर पर डिपेंडेंसी को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं.

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यांडेक्स और क्रेमलिन का रिस्पॉन्स

यांडेक्स ने 9 अक्टूबर को कहा कि कोई भी कर्मचारी घायल नहीं हुआ है और सेवाओं को बहाल करने की कोशिश जारी हैं. कंपनी ने अपने डेटा केंद्रों को जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बताया जो लाखों लोगों की तरफ से रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल की जाने वाली सेवाओं को सपोर्ट करता है. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि अफेक्टेड यूजर्स के लिए वित्तीय सहायता पर चर्चा करना अभी जल्दबाजी होगी, और कहा कि परेशानियों के बावजूद यांडेक्स एक मजबूत कंपनी बनी हुई है. रूस के सबसे बड़े बैंक स्बरबैंक और टेक्नोलॉजी कंपनी वीके से जुड़े डेटा सेंटर्स पर भी हमले होने की खबर है.

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर निशाने पर

यूक्रेन के ये हमले यूक्रेनी डेटा सेंटर्स पर रूस के बढ़ते हमलों के बाद हुए हैं. राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने मॉस्को पर यूक्रेन के लोगों को इंटरनेट से महरूम करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. रशियन एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों को लेकर कीव पर अमेरिकी दबाव के बीच, टेक्नोलॉजी फैसिलिटीज मौजूदा जंग में एक और संभावित युद्धक्षेत्र के रूप में उभरी हैं.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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