ब्रिटेन में शरण लेने के नियम बदले, 20 साल तक करना पड़ेगा इंतजार, जानें सरकार ने क्यों लिया फैसला?

UK Asylum Policy Changes: ब्रिटेन में शरण लेने के नियमों में बदलाव किया गया है, ताकि ब्रिटेन में शरणार्थियों की बढ़ती संख्या कम हो सके. साथ ही लोगों को ब्रिटेन की इमिग्रेशन पॉलिसी का दुरुपयोग करने का मौका नहीं मिलेगा. देश के गृह मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी करके नए नियमों को लागू कर दिया है.

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ब्रिटेन में इमिग्रेशन पॉलिसी के दुरुपयोग की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं.

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UK Asylum Policy Changes: ब्रिटेन में शरण प्राप्त करना अब पहले जैसा आसान न होगा. शरणर्थियों द्वारा ब्रिटेन की इमिग्रेशन पॉलिसी के दुरुपयोग की शिकायतों के बाद नियम सख्त करने का फैसला किया गया है. नए नियमों के अनुसार, अब ब्रिटेन में शरणार्थी के लिए मिलने वाले आवास और साप्ताहिक भत्ते अब आटोमेटिक नहीं रहेंगे, बल्कि यह सरकार के विवेकाधिकार पर निर्भर होंगे. शरणार्थी को दी जाने वाली प्रारंभिक 5 वर्षों की शरण अब घटाकर करीब 30 महीने कर दी गई है. जो लोग ब्रिटेन में गैरकानूनी तरीके से आएंगे, उन्हें स्थायी निवास के लिए अब 5 नहीं 20 वर्षों तक इंतजार करना होगा.

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शरणार्थियों की बढ़ती संख्या के कारण बदले नियम

बता दें कि ब्रिटेन में शरणार्थी दावों की संख्या जून 2025 तक बढ़कर 111000 हो गई है, जिससे सरकार दबाव में है. गृह मामलों की मंत्री शबाना महमूद ने नये फैसले को बड़ा सुधार बताया है जिसका मकसद अवैध प्रवास को रोकना है. मार्च 2025 को खत्म हुए साल में करीब 109343 लोगों ने ब्रिटेन में शरण लेने का दावा किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 17 प्रतिशत ज्यादा और साल 2002 के 103081 से 6 प्रतिशत ज्यादा है. ऐसे में शरणार्थी नियमों में किए गए सुधारों से अनियमित प्रवासियों और शरणार्थियों के लिए ब्रिटेन आना कम हो जाएगा और देश में पहले से मौजूद लोगों को निकालना आसान हो जाएगा.

2 और बड़े नियमों को बदलने की चल रही है तैयारी

गृह मंत्री शबाना महमूद ने नए नियमों की घोषणा करते हुए ऐलान किया कि शरण पाने की चाह रखने वालों के लिए ब्रिटेन के गोल्डन टिकट को समाप्त करने का फैसला भी किया है. साल 2005 के एक कानून में शरणार्थियों को सहायता प्रदान करने का प्रावधान भी समाप्त कर दिया जाएगा, जिसके बाद शरणार्थियों को आवास और साप्ताहिक वित्तीय भत्ते की गारंटी दी ही नहीं जाएगी. डेनमार्क ने शरण देने के नियम काफी सख्त हैं, जिनकी तर्ज पर ही ब्रिटेन ने अपने यहां शरण देने के नियमों को सख्त करने का फैसला किया गया और शनिवार देर रात प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने साइन करके आदेश को लागू भी कर दिया गया.

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शरणार्थी परिषद ने की नए नियमों की आलोचना

गृह मंत्री शबाना महमूद ने बताया कि ब्रिटेन में शरण लेने के नए प्रस्ताव आधुनिक समय की रिफ्यूजी पॉलिसी में किया गया अब तक का सबसे बड़ा बदलाव हैं. हालांकि ब्रिटेन की शरणार्थी परिषद के प्रमुख एनवर सोलोमन ने कीर स्टार्मर सरकार को चेतावनी दी है कि नए नियम लोगों को देश में आने से नहीं रोक पाएंगे, इसलिए सरकार को नए नियमों पर पुनर्विचार करना चाहिए.

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उन्होंने कहा कि जो शरणार्थी ब्रिटेन आकर कड़ी मेहनत करते हैं और ब्रिटेन के विकास में योगदान देते हैं, वे सुरक्षित ओर स्थायी जीवन जीने के हकदार हैं. वर्तमान में लोगों को 5 साल के लिए शरणार्थी का दर्जा मिलता है, जिसके बाद वे अनिश्चितकालीन प्रवास और फिर नागरिकता के लिए अप्लाई कर सकते हैं, लेकिन नियम बदलने के बाद उन्हें वापस जाना पड़ेगा तो इससे बड़ा अन्याय उनके साथ और क्या होगा?

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