Turkey Syria Earthquake: दक्षिण-पूर्व तुर्की और सीरिया में 7.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के बाद अब तक 550 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। सोशल मीडिया पर दोनों देशों में हुई तबाही के वीडियो और तस्वीरें वायरल हैं।
वीडियो और तस्वीरों में इमारतें गिरी दिख रही हैं। लोगों को रोते बिलखते देखा और सुना जा सकता है। कहा जा रहा है कि दोनों देशों में मृतकों की संख्या में इजाफा हो सकता है। फिलहाल रेस्क्यू जारी है।
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मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका
साइप्रस, लेबनान और सीरिया में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटकों के बाद कई इमारतें ढह गईं। कहा जा रहा है कि मलबों में लोग दबे हो सकते हैं। रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है।
बता दें कि भूकंप (Turkey Syria Earthquake) का केंद्र तुर्की गाजियांटेप था। ये जगह सीरिया बॉर्डर से 90 किमी दूर है। भूकंप स्थानीय समय के मुताबिक, सुबह 04:17 बजे आया। इसकी गहराई जमीन से 17.9 किलोमीटर अंदर थी।
पीएम मोदी बोले- हम तुर्की के साथ खड़े
तुर्की, सीरिया भूकंप पर पीएम मोदी ने कहा कि हम तुर्की के साथ मजबूती के साथ खड़े हैं। पीएम मोदी ने कहा कि तुर्की में भूकंप के कारण जनहानि और संपत्ति के नुकसान से व्यथित हूं।
पीएम मोदी ने कहा कि शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। घायलों के जल्द स्वस्थ्य होने की कामना करता हूं। भारत तुर्की के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है और इस त्रासदी से निपटने के लिए हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है।
1999 में भी आया था भूकंप, मची थी तबाही
बता दें कि 1999 में भी तुर्की में 7.4 तीव्रता का भूकंप आया था। भूकंप के बाद तुर्की का ड्यूज इलाका काफी प्रभावित हुआ था। इसके अलावा इस्तांबुल में भी भारी तबाही मची थी। इस्तांबुल में लगभग 1,000 सहित 17,000 से अधिक लोग मारे गए थे।
जनवरी 2020 में इलाज़िग में 6.8 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 40 से अधिक लोग मारे गए थे। 2020 में ही अक्टूबर में भी एजियन सागर में 7.0 तीव्रता का भूकंप आया, जिसमें 114 लोग मारे गए और 1,000 से अधिक घायल हो गए थे।
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जानें, क्यों आता है भूकंप
सरंचना के मुताबिक, पृथ्वी टैक्टोनिक प्लेटों पर स्थित है। प्लेटों के नीचे तरल पदार्थ है जिस पर टैक्टोनिक प्लेट्स तैरती रहती है। कई बार ये प्लेट्स आपस में टकराती और ज्यादा दबाव पड़ने से ये प्लेट्स टूटने भी लगती है। ऐसे में नीचे उत्पन्न हुई उर्जा बाहर निकलने का रास्ता खोजती है और जब इससे डिस्टर्बेंस बनता है तो भूकंप आता है।
कितनी तीव्रता वाला भूकंप कितना खतरनाक
0 से 1.9- सिर्फ सिस्मोग्राफी से पता चलेगा।
2 से 2.9- हल्के झटके लगते हैं।
3 से 3.9- कोई तेज रफ्तार गाड़ी आपके बगल से गुजर जाए, ऐसा असर होता है।
4 से 4.9- खिड़कियां हिलने लगती है। दीवारों पर टंगे सामान गिर जाते हैं।
5 से 5.9- घरों के अंदर रखे सामान जैसे फर्नीचर आदि हिलने लगते हैं।
6 से 6.9- कच्चे मकान और घर गिर जाते हैं। घरों में दरारें पड़ जाती है।
7 से 7.9- बिल्डिंग और मकानों को नुकसान होता है। गुजरात के भुज में 2001 और नेपाल में 2015 में इतनी तीव्रता का भूकंप आया था।
8 से 8.9- बड़ी इमारतें और पुल धाराशायी हो जाते हैं।
9 और उससे ज्यादा- सबसे ज्यादा तबाही। कोई मैदान में खड़ा हो तो उसे भी धरती हिलती हुई दिखेगी। जापान में 2011 में सुनामी के दौरान रिक्टर स्केल पर तीव्रता 9.1 मापी गई थी।