अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर अपना हमला और तेज कर दिया है. ट्रम्प ने स्टार्मर पर आरोप लगाया है कि उन्होंने ईरान पर शुरुआती हमलों के लिए ब्रिटिश सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल पर रोक लगाकर दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों को नुकसान पहुंचाया है. ट्रम्प ने तंज कसते हुए कहा कि अब जब अमेरिका युद्ध जीत चुका है, तब ब्रिटेन अपने दो एयरक्राफ्ट कैरियर भेजने पर विचार कर रहा है. ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा कि ब्रिटेन अब अपने युद्धपोत भेज रहा है, लेकिन अब हमें उनकी कोई जरूरत नही है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हम उन लोगों को याद रखेंगे जिन्होंने जरूरत के समय साथ नही दिया और अब जीत के बाद शामिल होना चाहते हैं.

एयरक्राफ्ट कैरियर और सैन्य सहायता पर विवाद

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को संकेत दिया कि वे अपने 'प्रिंस ऑफ वेल्स' एयरक्राफ्ट कैरियर को मिडिल ईस्ट भेजने की तैयारी कर रहे हैं. हालांकि अभी तक इस पर कोई अंतिम फैसला नही लिया गया है. ट्रम्प ने इस देरी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अमेरिकी सेना अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए काफी है और उन्हें अब ब्रिटिश नौसेना की मदद नही चाहिए. ट्रम्प ने प्रधानमंत्री स्टार्मर को निशाने पर लेते हुए कहा कि हम उन लोगों को पसंद नही करते जो युद्ध खत्म होने के कगार पर होने के बाद साथ जुड़ते हैं. ट्रम्प के इस कड़े रुख से साफ है कि भविष्य में अमेरिका और ब्रिटेन के रक्षा संबंधों में बड़ी दरार आ सकती है.

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चर्चिल से तुलना और व्यक्तिगत हमले

डोनाल्ड ट्रम्प ने केवल नीतिगत मुद्दों पर ही नही, बल्कि कीर स्टार्मर पर व्यक्तिगत हमले भी किए हैं. जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के साथ ओवल ऑफिस में हुई बैठक के दौरान ट्रम्प ने कहा था कि स्टार्मर कोई विंस्टन चर्चिल नही हैं जिनसे हम निपट रहे हैं. ट्रम्प का मानना है कि स्टार्मर के फैसलों ने ब्रिटेन की छवि को एक महान सहयोगी के रूप में कमजोर किया है. दूसरी तरफ, कीर स्टार्मर ने अपना बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने अमेरिकी सेना को ब्रिटिश ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति इसलिए नही दी थी क्योंकि वे पहले सैन्य कार्रवाई की कानूनी वैधता और योजना से पूरी तरह संतुष्ट होना चाहते थे. बाद में उन्होंने केवल रक्षात्मक हमलों के लिए ही बेस के इस्तेमाल की इजाजत दी थी.

पुराने मतभेद और भविष्य की चुनौतियां

ट्रम्प और स्टार्मर के बीच यह टकराव नया नही है. इसी साल की शुरुआत में स्टार्मर ने ट्रम्प की ग्रीनलैंड खरीदने की इच्छा और अफगानिस्तान युद्ध में यूरोपीय सैनिकों की भूमिका पर दिए गए बयानों की कड़ी आलोचना की थी. स्टार्मर ने ट्रम्प की टिप्पणियों को बेहद खराब बताया था जिससे दोनों नेताओं के बीच पहले से ही तनाव था. अब ईरान युद्ध में ब्रिटेन के शुरुआती रुख ने इस आग में घी डालने का काम किया है. ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि वे ब्रिटेन के इस 'असहयोग' को हमेशा याद रखेंगे. इस कूटनीतिक तकरार का असर न केवल नाटो गठबंधन पर पड़ सकता है, बल्कि वैश्विक सुरक्षा समीकरणों में भी ब्रिटेन की भूमिका पर सवाल खड़े कर सकता है.