मिडिल ईस्ट जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने नई रणनीति बनाई है। ट्र्रंप ने अपने सहयोगियों से कहा है कि वे ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने को तैयार हैं - भले ही Strait of Hormuz बंद ही रहे। Wall Street Journal के मुताबिक होर्मुज स्ट्रेट को जबरन खोलना लंबा और जोखिम भरा अभियान होगा, ट्रंप जिसके पक्ष में नजर नहीं आ रहे हैं।

ट्रंप ने नई रणनीति के तहत बताया कि नया लक्ष्य ईरान की नौसेना, मिसाइल भंडार, रक्षा उद्योग व हमले की क्षमता को नष्ट कर देना है। इससे एक कमजोर ईरान कूटनीति के जरिये होर्मुज खोलने को तैयार हो जायेगा। माना जा रहा है कि कल रात इस्फान में बंकर बस्टर हमला उसी सिलसिले की शुरुआत है।

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यदि ईरान बिल्कुल तैयार नहीं होता तो होर्मुज से शिपिंग बहाल करने की जिम्मेदारी यूरोप व खाड़ी के देशों की होगी जो उसके सबसे बड़े लाभार्थी हैं। व्हाइट हाउस का ये दावा विश्व अर्थव्यवस्था को और तगड़े झटके देने वाला साबित हो सकता है। सहयोगी जलडमरूमध्य सुरक्षित करेंगे। यह बड़ा दांव है क्योंकि होर्मुज वैश्विक ऊर्जा का महत्वपूर्ण मार्ग है, आर्थिक झटका लंबा चलेगा।

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इधर, इजराइल की संसद (Knesset) ने हाल ही में एक विवादास्पद कानून पारित किया, जिसमें इजराइली सैन्य अदालतों में आतंकवाद के लिए दोषी ठहराए गए फिलिस्तीनियों को फाँसी की सज़ा अनिवार्य रूप से दी जाएगी। सांसद इस कानून के पारित होने पर हर्ष जताते दिखे।

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यह कानून 62-48 वोटों से पारित हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री नेतन्याहू का समर्थन भी शामिल है। सजा को 90 दिनों के भीतर लागू किया जाने का प्रावधान है। फिलिस्तीनी प्राधिकरण ने इसे "युद्ध अपराध" करार दिया है, जो Geneva Convention का उल्लंघन करता है।