अमेरिका और सऊदी अरब के बीच हूतियों को लेकर चल रहा तनाव एक बार फिर चर्चा में है. ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) की अपील के बाद अमेरिका ने यमन में हूतियों के ठिकानों पर हमले की तैयारी शुरू कर दी थी. अमेरिकी सैन्य कमांडरों ने कथित तौर पर टारगेट की लिस्ट भी तैयार कर ली थी और हमले के लिए विमानों को तैयार किया जा रहा था. हालांकि, कार्रवाई शुरू होने से ठीक पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना फैसला बदल दिया.
दरअसल, हूती विद्रोहियों ने हाल के दिनों में सऊदी अरब पर हमले तेज कर दिए हैं. संगठन की गतिविधियां लाल सागर के अहम समुद्री मार्ग बाब अल-मंदब की ओर भी बढ़ गई हैं. इस क्षेत्र का महत्व इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि यहां से होने वाला समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए बेहद अहम है. हूतियों की बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने रियाद की सुरक्षा चिंताएं बढ़ा दी हैं.
MBS ने ट्रंप से मांगी थी मदद
हूती विद्रोहियों के हमलों के बीच ही MBS ने ट्रंप से सैन्य मदद मांगी थी. रिपोर्टों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच इस मुद्दे पर फोन पर बातचीत हुई और सऊदी नेतृत्व ने हूतियों के खिलाफ अमेरिकी हवाई हमले की मांग रखी. उस समय अमेरिका ने सीधे सैन्य कार्रवाई करने से दूरी बना ली और सऊदी अरब को खुफिया जानकारी और टारगेट से जुड़ी जानकारी देने में मदद करने की बात कही.
अमेरिका हूती पर सीधे हवाई हमले नहीं करेगा- अमेरिकी अधिकारी
इस बीच 21 सितंबर को एक रिपोर्ट सामने आई जिसने पूरे घटनाक्रम का एक अलग पहलू उजागर किया है. रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने हमले की पूरी तैयारी कर ली थी. टारगेट भी तय किए जा चुके थे और अमेरिकी युद्धक विमानों पर बम लोड किए जा रहे थे. हमला बस शुरू होने ही वाला था कि कुछ समय पहले ही ट्रंप ने इसे रोकने का फैसला किया. इसके बाद अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फिलहाल हूतियों के खिलाफ सीधे अमेरिकी हवाई हमले नहीं किए जाएंगे.
वहीं, व्हाइट हाउस ने अब तक ट्रंप के रुख बदलने पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सऊदी अरब के साथ अमेरिका का रक्षा समझौता है और हम हमेशा अपने सहयोगियों की रक्षा करेंगे.
हूती अमेरिका से नहीं लड़ेंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि हूती संगठन ने अमेरिका के खिलाफ किसी तरह की सैन्य कार्रवाई नहीं करने पर सहमति जताई है. फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप के हवाले से बताया गया कि अमेरिका और हूथियों के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है. ट्रंप के अनुसार, हूतियों ने साफ किया है कि वे अमेरिका के साथ टकराव नहीं चाहते हैं. हालांकि, ईरान समर्थित हूती समूह की क्षेत्रीय गतिविधियां लगातार जारी हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, संगठन ने अमेरिका के सहयोगी सऊदी अरब के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. ऐसे में ट्रंप का यह बयान क्षेत्र में जारी तनाव के बीच अहम माना जा रहा है.
ट्रंप इससे पहले भी कह चुके हैं कि हूती संगठन क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य बलों को निशाना बनाने से बच रहा है. 12 सितंबर को आयरलैंड यात्रा के दौरान भी ट्रंप ने कहा था कि हूतियों ने अमेरिका से संपर्क किया था और वे उसके साथ युद्ध नहीं चाहते हैं.