सऊदी की अपील पर हूतियों पर हमले को तैयार था US, फिर आखिरी वक्त में ट्रंप ने क्यों बदला फैसला?

सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की अपील के बाद अमेरिका ने हूतियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर ली थी, लेकिन हमले से ठीक पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना फैसला बदल दिया.

IMAGE.jpg (16)

MBS की अपील पर हूतियों के खिलाफ हमले के लिए अमेरिका ने सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं, लेकिन फिर आखिरी वक्त में डोनाल्ड ट्रंप ने अपना फैसला बदल दिया. (फोटो-ANI/Screengrab)

विज्ञापन

अमेरिका और सऊदी अरब के बीच हूतियों को लेकर चल रहा तनाव एक बार फिर चर्चा में है. ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) की अपील के बाद अमेरिका ने यमन में हूतियों के ठिकानों पर हमले की तैयारी शुरू कर दी थी. अमेरिकी सैन्य कमांडरों ने कथित तौर पर टारगेट की लिस्ट भी तैयार कर ली थी और हमले के लिए विमानों को तैयार किया जा रहा था. हालांकि, कार्रवाई शुरू होने से ठीक पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना फैसला बदल दिया.

दरअसल, हूती विद्रोहियों ने हाल के दिनों में सऊदी अरब पर हमले तेज कर दिए हैं. संगठन की गतिविधियां लाल सागर के अहम समुद्री मार्ग बाब अल-मंदब की ओर भी बढ़ गई हैं. इस क्षेत्र का महत्व इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि यहां से होने वाला समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए बेहद अहम है. हूतियों की बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने रियाद की सुरक्षा चिंताएं बढ़ा दी हैं.

विज्ञापन

MBS ने ट्रंप से मांगी थी मदद

हूती विद्रोहियों के हमलों के बीच ही MBS ने ट्रंप से सैन्य मदद मांगी थी. रिपोर्टों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच इस मुद्दे पर फोन पर बातचीत हुई और सऊदी नेतृत्व ने हूतियों के खिलाफ अमेरिकी हवाई हमले की मांग रखी. उस समय अमेरिका ने सीधे सैन्य कार्रवाई करने से दूरी बना ली और सऊदी अरब को खुफिया जानकारी और टारगेट से जुड़ी जानकारी देने में मदद करने की बात कही.

अमेरिका हूती पर सीधे हवाई हमले नहीं करेगा- अमेरिकी अधिकारी

इस बीच 21 सितंबर को एक रिपोर्ट सामने आई जिसने पूरे घटनाक्रम का एक अलग पहलू उजागर किया है. रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने हमले की पूरी तैयारी कर ली थी. टारगेट भी तय किए जा चुके थे और अमेरिकी युद्धक विमानों पर बम लोड किए जा रहे थे. हमला बस शुरू होने ही वाला था कि कुछ समय पहले ही ट्रंप ने इसे रोकने का फैसला किया. इसके बाद अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फिलहाल हूतियों के खिलाफ सीधे अमेरिकी हवाई हमले नहीं किए जाएंगे.

वहीं, व्हाइट हाउस ने अब तक ट्रंप के रुख बदलने पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सऊदी अरब के साथ अमेरिका का रक्षा समझौता है और हम हमेशा अपने सहयोगियों की रक्षा करेंगे.

विज्ञापन

हूती अमेरिका से नहीं लड़ेंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि हूती संगठन ने अमेरिका के खिलाफ किसी तरह की सैन्य कार्रवाई नहीं करने पर सहमति जताई है. फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप के हवाले से बताया गया कि अमेरिका और हूथियों के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है. ट्रंप के अनुसार, हूतियों ने साफ किया है कि वे अमेरिका के साथ टकराव नहीं चाहते हैं. हालांकि, ईरान समर्थित हूती समूह की क्षेत्रीय गतिविधियां लगातार जारी हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, संगठन ने अमेरिका के सहयोगी सऊदी अरब के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. ऐसे में ट्रंप का यह बयान क्षेत्र में जारी तनाव के बीच अहम माना जा रहा है.

विज्ञापन

ट्रंप इससे पहले भी कह चुके हैं कि हूती संगठन क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य बलों को निशाना बनाने से बच रहा है. 12 सितंबर को आयरलैंड यात्रा के दौरान भी ट्रंप ने कहा था कि हूतियों ने अमेरिका से संपर्क किया था और वे उसके साथ युद्ध नहीं चाहते हैं.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Versha Singh

Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ