अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव अब खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. पाकिस्तान द्वारा अफगान सीमा के भीतर की गई एयरस्ट्राइक के बाद तालिबान ने कड़ी सैन्य प्रतिक्रिया देने के संकेत दिए हैं. तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने एक इंटरव्यू में साफ कहा कि पाकिस्तान की इस शर्मनाक हरकत का जवाब कुदरती तौर पर सैन्य ही होगा. हालांकि उन्होंने सैन्य ऑपरेशन की बारीकियों को गोपनीय रखा है लेकिन यह स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान को उसके किए का फल भुगतना पड़ेगा. अफगानिस्तान का मानना है कि पाकिस्तान ने अपनी सीमा लांघकर उनकी संप्रभुता पर हमला किया है जिसके बाद दोनों पड़ोसियों के बीच युद्ध जैसी स्थिति बन गई है.
पाकिस्तान का एयरस्ट्राइक पर बड़ा दावा
दूसरी ओर पाकिस्तान ने रविवार रात नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में की गई एयरस्ट्राइक की पुष्टि की है. पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार के मुताबिक यह ऑपरेशन खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया था जिसमें तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और अन्य आतंकी गुटों के सात ठिकानों को निशाना बनाया गया. पाकिस्तान का आरोप है कि रमजान के शुरू होने के बाद से देश के भीतर हुए कई आतंकी हमलों के तार अफगानिस्तान की जमीन से जुड़े हैं. पाकिस्तानी अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने केवल आतंकी कैंपों को तबाह किया है जबकि तालिबान सरकार लगातार अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी दूसरे देश के खिलाफ होने देने से इनकार कर रही है.
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आम नागरिकों की मौत पर गहराया विवाद
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा विवाद हताहत हुए लोगों को लेकर है. जहां पाकिस्तान इसे आतंकियों पर सर्जिकल स्ट्राइक बता रहा है वहीं तालिबान ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सेना ने रिहायशी इलाकों और स्कूलों को निशाना बनाया है. जबीहुल्लाह मुजाहिद के अनुसार नंगरहार में एक ही परिवार के 17 लोग मारे गए हैं जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. इसके अलावा पक्तिका में एक बच्चों के स्कूल को भी भारी नुकसान पहुंचने की खबर है. तालिबान ने दो टूक शब्दों में कहा है कि वहां कोई हथियारबंद व्यक्ति मौजूद नहीं था और पाकिस्तान बिना किसी सबूत के अपनी आंतरिक विफलताओं का ठीकरा अफगानिस्तान पर फोड़ रहा है.
सीमा पर सीधी भिड़ंत और बिगड़ते हालात
हवाई हमलों के बाद अब दोनों देशों की सेनाएं सीमा पर एक-दूसरे के सामने आ गई हैं. मंगलवार को तोरखम और तीराह जैसे इलाकों में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के सैनिकों के बीच सीधी गोलीबारी हुई है. दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर पहले फायरिंग शुरू करने का इल्जाम लगा रहे हैं. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के प्रवक्ता ने चेतावनी दी है कि किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा. इस ताजा हिंसा ने 2600 किलोमीटर लंबी सीमा पर बने अस्थिर शांति समझौते को खतरे में डाल दिया है. अगर यह विवाद जल्द नहीं सुलझा तो आने वाले दिनों में सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.