Syria News: बशर अल-असद के जाने के बाद सीरिया का अलावी समुदाय काफी परेशानी में है। अलावी समुदाय से अब बदला लिया जा रहा है। इस समुदाय के लोगों को खोजकर गोलियों से मारा जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, असद के शासन में जिन लोगों पर जुल्म किए गए थे, वही लोग अब अलावी समुदाय के लोगों से बदला ले रहे हैं। इन हमलों में अभी तक 1,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें सैकड़ों अलावी भी शामिल हैं। सीरिया में हो रही यह हिंसा 14 सालों में अब तक की सबसे ज्यादा खतरनाक हिंसा बताई जा रही है।
कितने लोगों की मौत?
इन हमलों में मरने वालों में करीब 745 नागरिक शामिल हैं, जिनमें से ज्यादातर लोगों को एकदम पास से गोली मारी गई है। इसके अलावा, 125 सरकारी सुरक्षाकर्मी और असद से जुड़े समूहों के 148 आतंकवादियों को भी मारा गया है। यह आंकड़ा ब्रिटेन स्थित सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स (SOHR) ने दिया है। इस हिंसा के चलते लताकिया के कई हिस्सों में बिजली और पीने की सुविधा भी पहुंच नहीं पा रही है।
अलावी समुदाय कौन?
अलावी सीरिया में धार्मिक अल्पसंख्यक हैं। यह समुदाय यहां की आबादी का लगभग 12 फीसदी है। शिया इस्लाम से इनकी शुरुआत हुई, जिनके अलग-अलग विश्वास और अनुष्ठान हैं। अलावी सीरिया के तटीय क्षेत्रों, खास तौर पर लताकिया और टार्टस प्रांतों में बसे हैं। असद परिवार ने दिसंबर 2024 तक पांच दशकों से अधिक समय तक सीरिया पर शासन किया। वह भी अलावी समुदाय से ही हैं। असद के शासनकाल में अलावी लोग सेना और सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर थे।
क्यों की जा रही हत्या?
सीरिया से असद की सत्ता छीन ली गई। जिसके बाद से नई सरकार ने अलावी लोगों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। यहीं से बदला लेने के लिए हत्याएं शुरू हुईं। अलावी लोग असद की रीढ़ बने रहे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन लोगों ने अपने राज में सुन्नी समुदाय पर काफी जुल्म किए, जिसका खामियाजा आज वह भुगत रहे हैं। अभी सीरिया में अलावी लोगों के घरों में लूटपाट करके आग लगाई जा रही है, जिससे हजारों लोग पहाड़ों पर भागने को मजबूर हो गए हैं।