Strange Village Where No Body want to live: हर कोई ऐसी जगह पर रहना चाहता है, जहां शांति और सुकून हो। वहां प्राकृतिक सुंदरता और अच्छे दृश्य होने चाहिए। एक ऐसा गांव है, जहां ये सब मौजूद है। समुद्र के किनारे, बेहद खूबसूरत घाटियां, लेकिन यहां कोई रहना नहीं चाहता। सभी लोग गांव छोड़कर चले गए। 90 घरों में से सिर्फ एक घर में ही एक बच्चा रह रहा है। वह भी इस बात पर अड़ा है कि वह गांव नहीं छोड़ेगा। अब आप सोच रहे होंगे कि शायद गांव में भूतों का बसेरा होगा तो नहीं। चोरी और डकैती जैसी घटनाओं का आतंक होगा, लेकिन ऐसा भी नहीं है। ऐसे में सवाल उठता है कि फिर गांव में किसी के नहीं रहने के पीछे ऐसी क्या वजह है? आपके इसी सवाल का जवाब हम यहां अपने इस आर्टिकल में दे रहे हैं।
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इंग्लैंड में स्थित है अनोखा गांव पोर्टलॉ, 2 बेडरूम वाले कॉटेज की कीमत 4.5 करोड़ रुपए से भी ज्यादा
सबसे पहले तो यह बता देना जरूरी है कि पोर्टलॉ के नाम का यह गांव इंग्लैंड में स्थित है। बेहद खूबसूरत जगह पर स्थित गांव तक सड़क होने से आवागमन में कोई परेशानी नहीं होती है। प्राकृतिक घाटी पर्यटकों को आकर्षित करती है। यहां के सूर्योदय को कैद करने के लिए फोटोग्राफर दूर-दूर से आते हैं। यहां हर साल हजारों पर्यटक छुट्टियां मनाने आते हैं। समुद्र में मछलियां पकड़ी जा रही हैं, लेकिन स्थानीय लोग अपने घरों से भाग रहे हैं।
मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक जिन लोगों के नाम पर यहां गांव में मकान हैं, वो यहां से शहर में जाकर बस चुके हैं और अपने मकानों को किराये पर देते हैं। हालांकि किराया भी बहुत महंगा होने के कारण कोई इन्हें लेने को तैयार नहीं है। अधिकांश घरों में पर्यटक आकर ठहरते हैं और मोटी रकम चुकाते हैं। हाल ही में पैरिश काउंसिल के चेयरमैन ल्यूक डनस्टोन ने इस पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा कि हमें इस पर ध्यान देना होगा, क्योंकि यह स्वर्ग जैसा दिखता है और इसे संरक्षित करना होगा। हम नहीं चाहते कि यह हाथ से निकले।
अब बात आती है कि यहां किराया है कितना? पता चला है कि महज 2 बेडरूम वाले कॉटेज की कीमत 4.5 करोड़ रुपए से भी ज्यादा है। अगर आप तीन बेडरूम का घर खरीदना चाहते हैं तो इसकी कीमत लगभग 8.5 करोड़ रुपए है। यही वजह है कि यहां कोई घर भी नहीं खरीद सकता। इस कीमत पर लोगों को शहर में एक अच्छा खास घर मिल सकता है। ल्यूक डनस्टोन ने कहा, “हमें लोगों की कमाई का तरीका बदलना होगा और हमें इन घरों की लागत कम करने पर भी विचार करना होगा, ताकि लोग इन घरों में लौट सकें।” स्वर्ग जैसा लगने वाला ये गांव नर्क न बन जाए। जॉन और जेनी कैसन ने कहा कि किफायती आवास की आवश्यकता है।