श्रीलंकाई हिंदू ने इस्लाम को लेकर FB पर किया था कमेंट, सऊदी अरब ने सुनाई मौत की सजा, अब बख्शने की अपील की

Blasphemy In Saudi Arabia: श्रीलंका के मजदूर शिवरासा अनोझन को ईशनिंदा के आरोप में पहले 5 साल की सजा सुनाई गई थी, जिसे बाद में सजा-ए-मौत में बदल दिया गया था. अब दोषी के परिवार वालों ने माफी की अपील की है.

Sivarasa Anojan Facebook (1)

शिवरासा अनोझन (Photo-Fb/Sivarasa Anojan)

Sri Lankan Worker Sivarasa Anojan Death Penalty: श्रीलंका के 24 साल के हिंदू प्रवासी मजदूर शिवरासा अनोझन को सऊदी अरब में इस्लाम और पैगंबर मोहम्मद के बारे में फेसबुक पर की गई एक आपत्तिजन टिप्पणी के कारण मौत की सजा का सामना करना पड़ रहा है. उनके परिवार वाले, राजनेता और धार्मिक नेता कूटनीतिक दखल और कानूनी अपीलों के जरिए माफी की कोशिश कर रहे हैं.

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फेसबुक पोस्ट के बाद गिरफ्तारी

श्रीलंका के शिवरासा कल्मुनई के रहने वाले अनोझन ने कथित तौर पर जून में एक ऑनलाइन धार्मिक बहस के दौरान ये कमेंट पोस्ट किया था. ये विवाद एक हिंदू तीर्थयात्रा के दौरान एक युवा मुस्लिम शख्स और कुत्ते से जुड़े एक वीडियो के फैलने के बाद शुरू हुआ था. एक दूसरे यूजर की तरफ हिंदू देवता के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने के बाद, अनोझन ने तमिल भाषा में पैगंबर मोहम्मद के बारे में एक कमेंट करके जवाब दिया. बाद में उन्होंने पोस्ट हटा दी और माफी मांगने वाला एक वीडियो अपलोड किया. हालांकि ऑरिजनल कमेंट का स्क्रीनशॉट पहले ही वायरल हो चुका था. खबरों के मुताबिक श्रीलंका के लोगों ने सऊदी अरब में उनके एम्प्लॉयर को इसकी खबर दी, जिसने स्थानीय अधिकारियों को जानकारी दी.

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5 साल की जेल मौत की सजा में बदली

15 जुलाई 2026 को अल-अहसा क्रिमिनल कोर्ट ने कथित तौर पर अनोझन को 5 साल की जेल और 30 लाख सऊदी रियाल का जुर्माना लगाया. सजा कम करने की उनकी अपील खारिज कर दी गई. इसके बाद सऊदी प्रॉसिक्यूटर्स ने इस फैसले को चुनौती दी और साइबर अपराध कानूनों के बजाय शरिया कानून के तहत मुकदमा चलाने की मांग की. खबरों के मुताबिक 17 सितंबर 2026 को एक अपीलेट कोर्ट ने प्रॉसिक्यूशन की मांग स्वीकार कर ली और सजा बढ़ाकर मौत की सजा कर दी.

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श्रीलंका ने माफी की कोशिशें तेज कीं

शिवरासा अनोझन के परिवार ने 21 सितंबर को श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से मुलाकात की. सरकार ने कानूनी मदद और सऊदी अधिकारियों के साथ कूटनीतिक बातचीत सहित हर तरह की सहायता का वादा किया है. श्रीलंका का चार सदस्यीय कानूनी प्रतिनिधिमंडल सऊदी सुप्रीम कोर्ट में अपील तैयार करेगा. राजनेताओं और बौद्ध और हिंदू धार्मिक नेताओं ने भी दखल देने की अपील की है. 28 सितंबर 2026 के बाद से परिवार को अनोझन के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है. उनकी मां रासामणिक्कम योगलक्ष्मी ने माफी की अपील की है और सऊदी अधिकारियों से अपने बेटे की जान बख्शने और उसे घर लौटने की इजाजत देने की गुजारिश की है. इस बीच जैसे-जैसे कानूनी लड़ाई तेज हो रही है, श्रीलंका माफी पाने की कोशिशें जारी रखे हुए है.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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