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होर्मुज में बिगड़े हालात, अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर लगाई नाकाबंदी, अहवाज-केशम पर किए ताबड़तोड़ हमले

दुनिया के कुल तेल व्यापार का करीब पांचवां हिस्सा इसी संकरे समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है, इसलिए यहां किसी भी तरह की अस्थिरता का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ता है.

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ईरान और अमेरिका के बीच 60 दिनों का युद्धविराम बीच में ही टूटकर अब पूरी तरह सैन्य संघर्ष में बदल चुका है. अमेरिकी सेना ने मंगलवार को साफ शब्दों में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे कमर्शियल जहाजों पर ईरान की ओर से हो रहे हमलों के जवाब में उसने ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नाकाबंदी दोबारा बढ़ा दी है. इस फैसले के साथ ही क्षेत्र में एक बार फिर पूरे पैमाने पर युद्ध छिड़ने की आशंकाएं तेज हो गई हैं.

अहवाज-केशम में जोरदार धमाकों की आवाज

ईरान के सरकारी मीडिया के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार दक्षिणी शहर अहवाज में मंगलवार को एक और तेज धमाके की आवाज सुनी गई. इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित केशम द्वीप पर भी कई विस्फोटों की खबर सामने आई है. इससे पहले भी बंदर अब्बास और किश द्वीप के आसपास इसी तरह के धमाकों की सूचना मिलती रही है, जिससे साफ है कि दक्षिणी ईरान के तटीय इलाके लगातार अमेरिका के निशाने पर बने हुए हैं.

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20 फीसदी टोल पर पलटे ट्रंप

गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय से अमेरिका और ईरान के बीच टकराव का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 20 फीसदी टोल वसूलने के फैसले को वापस ले लिया है, लेकिन ईरान के लिए रूट बंद रखने का ऐलान भी किया है. आपको बता दें कि दुनिया के कुल तेल व्यापार का करीब पांचवां हिस्सा इसी संकरे समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है, इसलिए यहां किसी भी तरह की अस्थिरता का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ता है.

तेल की कीमतों पर पड़ सकता है असर

अमेरिका ने पहले भी अप्रैल के मध्य में इसी तरह की नाकाबंदी लागू की थी, जिसे जून के मध्य में एक अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर के बाद हटा लिया गया था. लेकिन बीते कुछ दिनों में जहाजों पर हुए हमलों और लगातार बिगड़ते हालात के बीच यह समझौता अब लगभग बेअसर होता दिख रहा है. इस बीच वैश्विक बाजारों में भी हलचल देखी जा रही है और तेल की कीमतों पर इसका सीधा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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