Uranium-Bearing Ore Discovered In Medina: सऊदी अरब ने मदीना इलाके में करीब 110 मिलियन टन ऐसे अयस्क की खोज की है जिसमें यूरेनियम और रेयर अर्थ एलिमेंट्स हैं. ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान ने कहा कि जबल सायद प्रोजेक्ट में भूवैज्ञानिक खोज से भारी रेयर अर्थ एलिमेंट्स और अच्छी मात्रा में यूरेनियम जैसे अहम खनिज संसाधनों का पता चला है. ये ऐलान ऐसे वक्त में हुआ है जब पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बना हुआ है; सऊदी अरब को अपने रीजनल राइवल ईरान के साथ संबंधों को संभालना है और साथ ही इलाके में संघर्षों से जुड़ी सुरक्षा चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है.
विजन 2030 रणनीति का हिस्सा
ये खोज सऊदी अरब के उस बड़ी कोशिशों के लिए अहम है जिसके तहत वो पारंपरिक तेल उत्पादन से आगे बढ़कर अपने खनन और ऊर्जा क्षेत्रों का विस्तार करना चाहता है. अपने विजन 2030 प्रोग्राम के तहत, रियाद घरेलू खनिज संसाधनों को विकसित करने और परमाणु ऊर्जा के लिए बड़ी भूमिका स्थापित करने की कोशिश कर रहा है. यूरेनियम संसाधन संभावित रूप से सऊदी अरब की सिविलियन न्यूक्लियर पावर प्लान में मदद कर सकते हैं, हालांकि यूरेनियम-युक्त अयस्क की मौजूदगी का मतलब ये नहीं है कि देश ने परमाणु ईंधन का उत्पादन कर लिया है.
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अमेरिका-सऊदी परमाणु सहयोग
ये ऐलान वाशिंगटन और रियाद के बीच सिविलियन न्यूक्लियर एनर्जी में सहयोग बढ़ाने के समझौतों के बाद हुई है. इस साझेदारी में अमेरिकी कंपनियों के शामिल होने की उम्मीद है जो सऊदी अरब के परमाणु कार्यक्रम के विकास में मदद करेंगी.
बातचीत में एक अहम मुद्दा रियाद की न्यूक्लियर फ्यूल साइकिल से जुड़ी घरेलू क्षमताएं विकसित करने में दिलचस्पी रही है, जिसमें यूरेनियम एनरिचमेंट भी शामिल है. इस संभावना ने अंतरराष्ट्रीय ध्यान खींचा है क्योंकि एनरिचमेंट तकनीक का नागरिक और सैन्य दोनों तरह से इस्तेमाल हो सकता है. सऊदी अरब का कहना है कि उसकी न्यूक्लियर एम्बिशन पीसफुल एनर्जी यूज पर फोकस्ड है.
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सऊदी की बढ़ेगी ताकत?
खनिज की ये खोज रियाद की पोजीशन को मजबूत कर सकती है क्योंकि वो घरेलू संसाधनों को विकसित करने, हाइड्रोकार्बन पर डिपेंडेंसी कम करने और ग्लोबल एनर्जी मार्केट्स में अपनी रणनीतिक अहमियत बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. हालांकि, अयस्क संसाधन का आकार और उससे निकाला जा सकने वाला यूरेनियम जरूरी नहीं कि एक ही हो; इसकी व्यावसायिक क्षमता का पता लगाने के लिए और ज्यादा खोज और असेस्मेंट की जरूरत होगी.
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