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दो पक्के दोस्तों ने अमेरिका को दिया बड़ा झटका, सैन्य ठिकानों और हवाई क्षेत्र पर US के लिए लगाया बैन

अमेरिका के 2 पक्के दोस्तों ने अमेरिका को झटका दिया है। सऊदी अरब और कुवैत ने अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों और हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की अनुमति देने से इनकार कर दिया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

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मिडिल ईस्ट में अब भले ही सीधे तौर पर जंग न चल रही हो लेकिन हालात अभी भी संवेदनशील हैं। अमेरिका और ईरान लगातार सक्रिय हैं। इसी बीच अमेरिका के 2 पक्के दोस्तों ने अमेरिका को झटका दिया है। सऊदी अरब और कुवैत ने अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों और हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

ऐसा इसलिये क्योंकि दोनों देश प्रोजेक्ट फ्रीडम को उन्हें बिना विश्वास में लिए शुरू किए जाने से नाराज थे। NBC news के हवाले से खबर ये है कि उनकी नाराज़गी की ही वजह राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रोजेक्ट फ्रीडम अभियान को रोक दिया।

यह भी पढ़ें: ट्रंप का बड़ा फैसला, हॉर्मुज पर ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ रोका, ईरान ने शुरू की जहाजों से टोल वसूली

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सऊदी अरब, ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध खत्म करने के लिए पाकिस्तान की कूटनीतिक कोशिशों का समर्थन कर रहा है। ऐसे में एक दूसरा अभियान शुरू करने के पक्ष में नहीं थे सऊदी, जिनके समर्थन के बिना मिडिल ईस्ट में कोई सैन्य अभियान संभव नहीं है।

इधर, राष्ट्रपति ट्रंप ने हालांकि जोर दिया है कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए, लेकिन वे डील पर आशावादी हैं। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ बातचीत सकारात्मक चल रही है है और ईरान की सैन्य क्षमता कमजोर होने से समझौता संभव है।

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यह भी पढ़ें: मिडिल ईस्ट में फिर जंग, होर्मुज पर गोलीबारी से सीजफायर संकट में, क्या बोले ईरानी मंत्री?

अमेरिका-ईरान युद्ध में अभी तक भारी नुकसान हुआ है। ईरान के 3,468+ लोग मारे गए। 26,500 घायल हैं। $270 अरब का सीधा आर्थिक नुकसान हुआ हैं। वहीं अमेरिका के 15 सैनिक मारे गए और 538 घायल हैं। इजरायल के 18 सैनिक और 28 नागरिक मारे गए।

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क्यों शुरू हुआ युद्ध?

28 फरवरी 2026 को अमेरिका ने ईरान पर हमला करके युद्ध शुरू किया। इस हमले को अमेरिका ने Operation Epic Fury नाम दिया। युद्ध के पीछे अमेरिका के बताए 3 मकसद हैं। ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम, बैलिस्टिक मिसाइल और नौसेना और होर्मुज जलडमरूमध्य। अमेरिका चाहता है ईरान यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद करे। डील में मांग है कि ईरान 20 साल तक संवर्धन न करे। अमेरिका का टारगेट ईरान की मिसाइलें और नेवी को खत्म करना था। ईरान ने जंग शुरू होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट बंद कर दिया। यहां से दुनिया का 20% तेल-गैस जाता है। अमेरिका इसे खोलना चाहता है।

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लेखक के बारे में

Raghav Tiwari

राघव तिवारी न्यूज24 में शिफ्ट हेड की भूमिका निभा रहे हैं। यहां टीम प्रबंधन के साथ नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि की खबरें भी कवर करते हैं। इससे पहले ये अमर उजाला, नईदुनिया, नवभारत टाइम्स (NBT) और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में रिपोर्टिंग कर चुके हैं। देवभूमि उत्तराखंड, इंदौर, नोएडा, कानपुर समेत देश के विभिन्न हिस्सों में काम करने की वजह से राघव भिन्न-भिन्न कल्चर, खानपान, व्यवहार, जरूरत की समझ रखते हैं। राघव तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता एवं जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की शिक्षा पूरी की है। शिकायत और सुझाव के लिए स्वागत है- Mail ID: raghav.tiwari@bagconvergence.in Contact No. 8840671098
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