रूस के राष्ट्रपति 73 साल के हैं, लेकिन उनके लुक और फिटनेस को देखकर अकसर एंटी एजिंग को लेकर सवाल उठे हैं। अब उनकी बढ़ती उम्र से जुड़ा पूरी दुनिया को चौंका देने वाला सच सामने आया है। पुतिन अमर होना चाहते हैं, ज्यादा उम्र तक जीना चाहते हैं। उनकी इच्छा 150 साल तक जीने की है। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल बीजिंग में सैन्य परेड के दौरान पुतिन और जिनपिंग की मुलाकात हुई थी। इस दौरान पुतिन को यह कहते सुना गया था कि इंसान चाहे तो अपने अंग बदलकर अमरता हासिल कर सकता है।

पुतिन और जिनपिंग की बात हुई थी वायरल

पुतिन-जिनपिंग की इस चर्चा का ऑडियो-वीडियो वायरल हुआ था, लेकिन दुनियाभर के वैज्ञानिकों ने 2 उम्रदराज ताकतवर नेताओं के बीच हुई अजीब-गरीब बातचीत मानकर नजरअंदाज कर दिया। लेकिन पिछले महीने पुतिन सरकार ने यह घोषणा करके पूरी दुनिया को चौंका दिया कि रूस के वैज्ञानिक मानव कोशिकाओं की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को स्लो करने वाली जीन थेरेपी और मेडिसिन बना रहे हैं। रूस के उप-विज्ञान मंत्री डेनिस सेकिरिंस्की ने भी गत 23 अप्रैल को एक इंटरव्यू में कहा था कि रूस में बुढ़ापे और बढ़ती उम्र के खिलाफ लड़ाई जारी है।

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लैब में उगाए जा रहे हैं मानव शरीर के अंग

बता दें कि रूस में एक लैब बनाई गई है, जिसमें मानव अंग उगाए जा रहे हैं। इस प्रोजेक्ट को ‘न्यू हेल्थ प्रिवेंशन टेक्नोलॉजीज’ नाम दिया गया है। जिस पर 26 अरब डॉलर (2500 अरब रुपये) खर्च होंगे। वहीं लैब बनाने के लिए 2.48 करोड़ खर्च किए गए हैं। इस प्रोजेक्ट से पुतिन की बेटी मारिया वोरोंतसोवा भी जुड़ी हैं। प्रोजेक्ट के तहत जीन थेरेपी विकसित की जाएगी। अंगों की 3D प्रिंटिंग करके मिनी-पिग ऑर्गन को तैयार किए जाएंगे। साल 2030 तक प्रोजेक्ट का लक्ष्य पूरा करने की योजना है, जिसका मकसद पुतिन की बढ़ती उम्र पर रोक लगाना है।

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अंग प्रत्यारोपण कर उम्र बढ़ाने का प्रयास

पुतिन ने चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग से कहा था कि अगर मानव अंगों का रेगुलर ट्रांसप्लांटेशन किया जाए तो लोग जवान हो सकते हैं और शायद अमर भी हो सकते हैं। इस पर शी जिनपिंग ने जवाब दिया था कि सदी के अंत तक इंसानों की उम्र 150 साल तक पहुंच सकती है। इस चर्चा का सच अब सामने आया है कि पुतिन अपने अंगों का प्रत्यारोपण कराकर उम्र बढ़ाने की कोशिश में हैं। अगर प्रोजेक्ट कामयाब रहा तो इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा। क्योंकि रूस के लोग उम्र संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। यहां पुरुषों की औसत उम्र 68 साल है, जो यूरोप में औसत उम्र 78 साल से कम है।

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2024 में शुरू किया गया था यह प्रोजेक्ट

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि रूस के वैज्ञानिक ह्यूमन कार्टिलेज टिशू और चूहे का थाइरॉयड ग्लैंड को बायोप्रिंट कर चुके हैं। साल 2024 में रूस के वैज्ञानिकों ने प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया था। अब इस प्रोजेक्ट ने रफ्तार पकड़ ली है, जिसके तहत जीन थेरेपी के जरिए सेलुलर एजेइंज को धीमा करने या बुढ़ापे को बढ़ाने वाले जीन को खत्म करने की कोशिश है। 3D बायोप्रिंटिंग प्रोसेस के जरिए खराब हो चुके इंसानी अंग को फिर से उगाने का प्रयास किया जा रहा है। जीन-मैच्ड छोटी सूअर में उगाए गए मानव अंगों को ट्रांसप्लांट करके लंबी उम्र और एंटी एजिंग संबंधी रिसर्च भी की जाएगी।

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एंटी ऐजिंग का मेन फेस प्रोजेक्ट से जुड़ा

बता दें कि पुतिन के इस प्रोजेक्ट से मिखाइल कोवाल्चुक भी जुड़े है, जो रूस की दीर्घायु रणनीति का प्रमुख वास्तुकार हैं। भौतिक विज्ञान के साइंटिस्ट और कुरचातोव इंस्टिट्यूट के प्रमुख हैं। वे रूस में एंटी-एजिंग कैंपेन का मेन फेस हैं, जो अकसर तर्क देते हैं कि साइंस जल्द ही इंसानों को शरीर के अंगों की मरम्मत और इनमें बदलाव करने की क्षमता देकर इंसानी जीवन का चेहरा ही बदल देगा।