हाल ही में रूस के राष्ट्रपति दो दिवसीय भारत यात्रा पर आए थे। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी से मुलाकात की और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आमंत्रण पर डिनर में भी शामिल हुए। फिलहाल पुतिन स्वदेश यानी रूस लौट चुके हैं। पुतिन भारत के कल्चर से बेहद खुश नजर आए। रूस में पत्रकारों से बातचीत में पुतिन ने भारत की जमकर तारीफ की।
पुतिन ने कहा कि मैं पिछले दिनों भारत की यात्रा पर था जहां की आबादी डेढ़ सौ करोड़ के करीब है। इस आबादी का मात्र एक तिहाई हिंदी भाषी है जबकि बाकी अन्य भाषाएं बोलते हैं। कभी-कभी तो वे आपस में एक दूसरे को समझ भी नहीं पाते हैं।
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कहा कि भारत में अनेकता में एकता है और भारत और रूस जैसे सांस्कृतिक आधार वाले देशों को अनेकता में एकता के उदाहरण के तौर पर देखा जाना चाहिए। पुतिन यह जवाब तब दिया जब उनसे भारत में अनेकता में एकता का सवाल पूछा गया।
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पुतिन के भारत दौरे पर विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा था कि राष्ट्रपति पुतिन की इस भारत यात्रा का मुख्य फोकस दोनों देशों के बीच आर्थिक आदान प्रदान और व्यापार को बढ़ाना रहा है। कहा था कि अब भारतीय वर्कर्स रूस के आईटी और निर्माण क्षेत्रों में काम कर सकेंगे।
दोनों देशों ने मोबिलिटी पैक्ट पर सहमति दी थी। रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी को यूक्रेन संघर्ष के मौजूदा स्वरूप और अमेरिका के शांति प्रस्ताव के बारे में जानकारी दी थी। पीएम मोदी ने रूसी सेना में शामिल भारतीयों के मुद्दे को पुतिन के साथ बातचीत में उठाया था। विदेश सचिव ने कहा था कि भारतीयों की रिहाई के लिए प्रयास लगातार जारी हैं।