रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है, जो रुकने का नाम नहीं ले रहा है. इसी बीच रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर मिसाइलों और ड्रोन से बड़ा हमला कर दिया, जिसमें कई रिहायशी इमारतों, स्कूलों और अन्य नागरिक इलाकों को भारी नुकसान पहुंचा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हुई है जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं.
शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे कीव में लगातार कई जोरदार धमाके सुनाई दिए. धमाकों से कुछ समय पहले ही यूक्रेन एयरफोर्स ने अपने टेलीग्राम चैनल पर संभावित एयर स्ट्राइक की चेतावनी जारी की थी. वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने देश को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है. उनका दावा है कि रूस अब अपनी बेहद खतरनाक ‘ओरेश्निक’ हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल से बड़े हमले की तैयारी कर रहा है. कीव के मेयर के अनुसार प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेजी से चलाया जा रहा है और पूरे यूक्रेन में एयर डिफेंस सिस्टम को हाई अलर्ट पर रखा गया है.
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रूसी हमले की कनाडा के प्रधानमंत्री कार्नी ने की निंदा
कीव के रिहायशी इलाकों और स्कूलों को निशाना बनाकर किए गए इस हमले पर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, कनाडा आज रात कीव में नागरिक ठिकानों पर रूस के किए गए बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करता है. हम रूस से मांग करते हैं कि वो इन हमलों को तुरंत रोके और इस अवैध आक्रामक युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करे.
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बंकरों में छिपने की अपील
रूस के इस हमले से पहले ही यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने देशवासियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया है कि इस बार व्लादिमीर पुतिन की सेना किसी एक ठिकाने को नहीं, बल्कि मल्टीपल मिसाइल अटैक के जरिए राजधानी कीव सहित देश के तमाम प्रमुख शहरों को एक साथ निशाना बनाने की फिराक में है. इस खौफनाक हवाई हमले में रूस अपने शस्त्रागार से अलग-अलग तरह के घातक और आत्मघाती हथियारों का इस्तेमाल करने जा रहा है. जेलेंस्की ने आम नागरिकों अपील की है कि वे शनिवार की शाम से बजने वाले हवाई हमले के सायरन (Air-Red Alert) को जरा भी हल्के में न लें. उन्होंने कहा कि रूसी पागलपन की कोई सीमा नहीं है, इसलिए सायरन बजते ही तुरंत सुरक्षित बंकरों में चले जाएं.
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इसी साल जनवरी में भी रूस ने मचाई थी भयंकर तबाही
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह कोई पहला मौका नहीं है जब रूस की इस 'ओरेश्निक' मिसाइल का नाम सुनकर पूरी दुनिया कांप उठी है. इससे पहले इसी साल जनवरी 2026 में भी रूस ने यूक्रेन के पश्चिमी हिस्से और सैन्य ठिकानों पर इस सुपर-फास्ट मिसाइल का इस्तेमाल करके भारी तबाही मचाई थी. उस समय ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी जैसे यूरोपीय महाशक्ति देशों ने रूस के इस आक्रामक कदम की कड़े शब्दों में निंदा की थी और इसे वैश्विक शांति को खतरे में डालने वाला बताया था. अब एक बार फिर इस हाइपरसोनिक मिसाइल के इस्तेमाल की भनक लगते ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता तेज हो गई है. जेलेंस्की ने अमेरिका और यूरोप के अपने साथी देशों से अपील की है कि वे रूस पर पहले से ही दबाव बनाएं, ताकि वह इस युद्ध को और न बढ़ाए.
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'ओरेश्निक' मिसाइल की खासियत
- यह हाइपरसोनिक मिसाइल बेहद तेज गति से उड़ती है, जिससे मौजूदा एयर डिफेंस सिस्टम को इसे रोकने में भारी मुश्किल हो सकती है.
- इसकी अनुमानित रेंज 1,000 से 5,500 किलोमीटर तक बताई जाती है, जिसका सीधा मतलब यह है कि रूस में बैठे-बैठे ही पुतिन इसके जरिए पूरे यूरोप महाद्वीप के किसी भी कोने को निशाना बना सकते हैं.
- मिसाइल में MIRV तकनीक मौजूद होने की बात कही जाती है, जिसके जरिए एक ही मिसाइल कई अलग-अलग लक्ष्यों पर हमला कर सकती है.
- विशेषज्ञों के मुताबिक यह परमाणु हथियार ले जाने में भी सक्षम हो सकती है, इसलिए इसे लेकर वैश्विक चिंता लगातार बढ़ रही है.
- इसकी गति और भारी काइनेटिक एनर्जी के कारण बिना विस्फोटक वॉरहेड के भी यह जमीन पर भारी तबाही मचा सकती है.
- रूस का दावा है कि यह मिसाइल उड़ान के दौरान दिशा बदल सकती है, जिससे इसे ट्रैक करना और इंटरसेप्ट करना बेहद मुश्किल हो जाता है.
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