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Russia Earthquake: रूस में क्यों आया 8.8 की तीव्रता वाला भूकंप? 30 दिन में 2 बार दहला देश

Russia Earthquake Japan Tsunami: रूस में जुलाई महीने में 2 बार भूकंप आ चुका है, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7 से 9 के बीच मापी गई, लेकिन आज आए भूकंप से प्रशांत महासागर में सुनामी आ गई है, जिसने जापान में तबाही मचाई है।

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रूस में 30 दिन 2 बार 7 से 9 की तीव्रता वाला भूकंप आ चुका है।

Russia Earthquake Inside Story: रूस में आज 30 जुलाई को कामचटका प्रायद्वीप के पास 8.8 की तीव्रता का भूकंप आया, जिसके कारण रूस, जापान, अमेरिका, चीन, फिलीपींस, ताइवान में सुनामी का खतरा मंडराया। कामचटका में आने वाले उथले भूकंप समुद्र तल में हलचल पैदा करते हैं, जिससे सुनामी आती है। 20 जुलाई को भी कामचटका प्रायद्वीप के तट पर शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.4 मापी गई थी। इस भूकंप के बाद 2 और झटके 6.6 और 6.7 तीव्रता के भी लगे थे, लेकिन रूस में इतनी ज्यादा तीव्रता वाला भूकंप क्यों आ रहा है? आइए विस्तार से जानते हैं…

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इस वजह से आता है रूस में भूकंप

अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS), जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) रूस और जापान में आए भूकंप की निगरानी करती है। रूस में भूकंप अकसर सुदूर पूर्व क्षेत्रों कामचटका प्रायद्वीप और कुरिल द्वीप समूह में आता है, क्योंकि यह दोनों द्वीप प्रशांत महासागर में ‘रिंग ऑफ फायर’ का हिस्सा है, जो भूकंप के मद्देनजर दुनिया का सबसे संवेदनशील और सक्रिय ज्वालामुखी वाला क्षेत्र है। ‘रिंग ऑफ फायर’ टेक्टोनिक प्लेटों की सीमाओं पर बना हैं। कामचटका प्रायद्वीप और कुरिल द्वीप कुरिल-कामचटका ट्रेंच के ऊपर बने हैं, जहां प्रशांत प्लेट ओखोत्स्क माइक्रोप्लेट के नीचे सबडक्शन कर रही हैं। यह सबडक्शन हर साल 8-9CM की दर से होता है, जिससे दबाव और तनाव पैदा होता है।

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सबडक्शन और मेगाथ्रस्ट मुख्य कारण

रूस में इतनी ज्यादा तीव्रता का भूकंप आने का कारण सबडक्शन और मेगाथ्रस्ट है। प्रशांत प्लेट का ओखोत्स्क प्लेट के नीचे खिसकना भूकंप आने का प्रमुख कारण है। जब यह प्लेटें एक-दूसरे में फंसती हैं तो प्लेट्स में दबाव और तनाव आता है। जब यह दबाव और तनाव अचानक रिलीज होता है तो मेगाथ्रस्ट भूकंप आते हैं। साल 1952 में 9 की तीव्रता वाला भूकंप और और 30 जुलाई 2025 को आया 8.8 की तीव्रता वाला भूकंप इसी का परिणाम हे। 30 जुलाई 2025 का आया भूकंप कामचटका के पास प्रशांत महासागर में 19.3-20.7 किलोमीटर की गहराई में आया उथला भूकंप है, जिसकी तरंगों से समुद्र के अंदर जलजला आया और पानी की ऊंची-ऊंची लहरों से सुनामी आई।

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इंट्राप्लेट, रिवर्स फॉल्टिंग भी वजह

रूस में कुछ भूकंप इंट्राप्लेट कम्प्रेशनल फॉल्टिंग के कारण आते हैं। जैसे साल 2020 में आया 7.5 की तीव्रता वाला भूकंप प्रशांत प्लेट में तनाव आने के कारण आया था। साल 2006 में कोर्याक स्वायत्त क्षेत्र में आया 7.6 की तीव्रता वाला भूकंप उत्तरी अमेरिकी प्लेट के अंदर 2 माइक्रोप्लेट्स (कोलिमा-चुकोटका और बेरिंग सी माइक्रोप्लेट्स) के बीच रिवर्स फॉल्टिंग के कारण आया था। रूस की दक्षिणी सीमा पर यूरेशियन प्लेट और अरबियन प्लेट की टक्कर से क्रस्टल डिफॉर्मेशन होता है, जिससे भूकंप आते हैं। यह भूकंप उथले और विनाशकारी हो सकते हैं। पूर्वी साइबेरिया में बैकाल रिफ्ट जोन में क्रस्टल स्ट्रेचिंग के कारण भूकंप आते हैं।

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