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'ये तो याद होगा, लादेन छिपा कहां था…', UN में एक बार फिर भारत ने पाकिस्तान को लिया आड़े हाथ

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आतंकवाद और आतंकियों को मिलने वाली सुरक्षित पनाह का मुद्दा उठाते हुए ओसामा बिन लादेन का उदाहरण दिया. भारत ने कहा कि 9/11 हमलों का मुख्य आरोपी पाकिस्तान के एबटाबाद में सुरक्षित परिसर में मिला था. साथ ही लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई की भी अपील की.

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भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को सरकारी नीति के तौर पर आतंकवाद का समर्थन करने के लिए आड़े हाथों लिया है. (फोटो- ANI)

भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को सरकारी नीति के तौर पर आतंकवाद का समर्थन करने के लिए आड़े हाथों लिया है. भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकियों को मिलने वाली सुरक्षित पनाह पर गंभीरता से विचार करने की अपील की.

पाकिस्तान का जिक्र करते हुए, भारत ने UN सुरक्षा परिषद (UNSC) को बताया कि 9/11 हमलों के पीछे शामिल अल-कायदा के आतंकवादी ओसामा बिन लादेन, खालिद शेख मोहम्मद, रमजी बिन अल-शिभ, वलीद बिन अताश और मुस्तफा अहमद अल-हवसावी किसी दूर-दराज के ठिकाने पर नहीं, बल्कि शहरी इलाकों में बसे हुए पाए गए थे. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वतनेनी ने कहा कि अल-कायदा के जिन नेताओं ने 11 सितंबर 2001 के हमलों की साजिश रची और उसे अंजाम देने में भूमिका निभाई, वे किसी दूर दराज और कानून से बाहर इलाके में छिपे हुए नहीं थे.

UNSC में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वतनेनी ने कहा कि एक बड़ी समस्या यह है कि लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) जैसे आतंकवादी समूहों को पनाह दी जा रही है.

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US ने लादेन को ढूंढ़ कर मारा था

भारत ने अपने बयान में कहा, ओसामा बिन लादेन को अमेरिकी कार्रवाई में पाकिस्तान के एबटाबाद स्थित एक सुरक्षित परिसर से ढूंढ़कर मारा गया था. बता दें कि अमेरिका ने मई 2011 में ‘ऑपरेशन नेप्च्यून स्पीयर’ के तहत यह कार्रवाई की थी.

भारत ने इसी संदर्भ में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) जैसे आतंकी संगठनों का भी जिक्र किया. भारतीय प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि इन संगठनों से जुड़े नेटवर्क अलग-अलग नामों और पहचान के जरिए संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों से बचने की कोशिश करते हैं. भारत ने कहा कि ऐसे संगठनों के नेतृत्व और आतंकी प्रशिक्षण ढांचे को प्रभावी कार्रवाई से बचने का मौका नहीं मिलना चाहिए.

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यह भी पढ़ें- मोदी सरकार के ड्रग्स विरोधी अभियान की अमेरिका ने की तारीफ, सप्लाई चेन को लेकर भी कही बड़ी बात

आतंकवाद के खिलाफ सिर्फ प्रतिबंध काफी नहीं- भारत

भारत ने यह भी कहा कि आतंकवाद के खिलाफ केवल प्रतिबंध लगाना काफी नहीं है, बल्कि उन परिस्थितियों को खत्म करना जरूरी है जिनमें आतंकियों और उनके संगठनों को समर्थन, संसाधन या सुरक्षित ठिकाना मिल सकता है. भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ऐसे सभी ठिकानों और नेटवर्क के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करने की अपील की.

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भारत के बयान में मई 2025 में हुई ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र आया. भारत ने कहा, इस अभियान के दौरान पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों में मौजूद लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया था.

भारत ने UNSC से यह सुनिश्चित करने की अपील की है कि आतंकवाद से जुड़े लोगों और संगठनों को किसी भी देश में सुरक्षित पनाह न मिले. भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी सहयोग ही उन परिवारों और लोगों को भविष्य में ऐसी त्रासदियों से बचाने का रास्ता है, जिससे किसी को भी अपने परिवार और प्रियजनों को न खोना पड़े.

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लेखक के बारे में

Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
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