रूस ने भारत का खुलकर समर्थन किया है। भारत की विदेश नीति और भारतीय प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को सख्त चेतावनी दी है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने भारत को संप्रभु देश, अपना सबसे समझदार दोस्त और भरोसेमंद सहयोगी बताया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की प्रमुख आर्थिक शक्तियों में से एक है। भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में गिनी जाती है और रूस के साथ उसके संबंध बेहद मजबूत हैं।

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भारत पर दबाव को लेकर दी चेतावनी

पश्चिम के देश खासकर अमेरिका रूस और भारत के सहयोग पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी पर दबाव बनाना बेकार है। अमेरिका के द्वारा भारत और प्रधानमंत्री मोदी पर दबाव बनाने की कोशिश नुकसानदेह साबित होगी। भारत और रूस के संबंध बेहद मजबूत हैं और भरोसे की नींव पर खड़े हैं। भारत-रूस के द्विपक्षीय संबंधों को कोई बाहरी दबाव प्रभावित नहीं कर सकता। इसलिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप इन्हें खराब नहीं कर पाएंगे।

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न्यूज एजेंसियों की अहम बैठक बुलाई

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग में गुरुवार को दुनिया की बड़ी समाचार एजेंसियों के प्रमुखों के साथ विशेष बैठक की थी। इसमें उन्होंने भारत, अमेरिका और पाकिस्तान को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि अगर अन्य देशों के साथ भारत का सहयोग बढ़ता है तो यह रूस के साथ उसके द्विपक्षीय संबंधों के लिए खतरा नहीं है। अमेरिका ने भारत पर कच्चे तेल को लेकर दबाव बनाया हुआ है, लेकिन इससे भारत के रूस से संबंध प्रभावित नहीं होंगे।

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भारत से संबंध आगे बढ़ाने के संकेत

पुतिन ने कहा कि भारत पर दबाव बनाना, नरेंद्र मोदी पर दबाव बनाना, अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय संबंधों और द्विपक्षीय संबंधों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। रूस और भारत के संबंधों डेवलप हो रहे हैं। आगे भी यह संबंध बने रहेंगे, मजबूत होते रहेंगे और बढ़ते रहेंगे। सिर्फ कच्चा तेल खरीदने से ही भारत और रूस के संबंध नहीं हैं। आने वाले कुछ सालों में दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। भारत राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर काम करता है।

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